त्वरित लिंक्स
Child Development
6 views
अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक के संयोजनवाद (Connectionism), इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) और बी.एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) सिद्धांतों का तुलनात्मक तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि थार्नडाइक का उद्दीपक-प्रतिक्रिया (S-R) आबंध, पावलव का उद्दीपक-उद्दीपक (S-S) अनुबंधन और स्किनर का प्रतिक्रिया-उद्दीपक (R-S) मॉडल का अध्ययन किया जाए, तो इनमें से कौन-सा कथन इन तीनों अधिगम सिद्धांतों की अंतर्निहित क्रियाप्रणाली के संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत में अस्वाभाविक उद्दीपक और स्वाभाविक उद्दीपक के बीच सहचार्य (S-S) स्थापित होता है जहाँ प्राणी अपेक्षाकृत निष्क्रिय होता है। इसके विपरीत, बी.एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन में जीव पर्यावरण में सक्रिय रूप से कार्य करता है (Operant) और उसकी अनुक्रिया के पश्चात मिलने वाला पुनर्बलन (Reinforcement) उस व्यवहार की आवृत्ति को निर्धारित करता है, जिसे R-S (Response-Stimulus) मॉडल कहा जाता है। थार्नडाइक का नियम भी प्रयास और त्रुटि पर आधारित है। विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) में बालकों द्वारा प्रदर्शित किए जाने वाले 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'संरक्षण की अनुपस्थिति' (Lack of Conservation) के अतिरिक्त, इस अवस्था की एक अन्य बेहद महत्वपूर्ण विशेषता 'जीववाद' (Animism) है। इस संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 'जीववाद' की वास्तविक मनोवैज्ञानिक प्रकृति को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की मुख्य विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के तात्विक और विकासात्मक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के तात्विक और विकासात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई किशोर किसी अमूर्त तार्किक समस्या के समाधान के लिए केवल प्रत्यक्ष या मूर्त अनुभवों पर निर्भर रहने के बजाय सभी संभावित चरों (Variables) की पहचान करता है, परिकल्पनाएँ (Hypotheses) गढ़ता है, व्यवस्थित रूप से उनका परीक्षण करता है और 'यदि-तो' (If-Then) के आधार पर निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning) का उपयोग करता है, तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
“पत्राचार शिक्षा”, “दूरस्थ शिक्षा” और “ओपन सिस्टम” एक हिस्सा है –
→
शैक्षणिक मूल्यांकन के क्षेत्र में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के अंतर तथा 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के तात्विक एवं तकनीकी स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान केवल छात्रों की निष्पत्ति को एक निश्चित अंक या ग्रेड देने के पारंपरिक दृष्टिकोण से हटकर, निरंतर रूप से छात्रों की कमियों का निदान करता है, उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करता है, तथा उनके संज्ञानात्मक और सह-संज्ञानात्मक पक्षों के गुणात्मक विकास का अभिलेखन करता है, तो इस आधुनिक मूल्यांकन प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.