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History of India
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मुगल राजस्व व्यवस्था में "बट्टा" (Batta) क्या था?

Detailed Explanation

बट्टा पुराने या सिक्कों के अंतर को संतुलित करने वाला शुल्क था।
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यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और पुर्तगाली तथा ब्रिटिश सत्ता की स्थापना के प्रारंभिक चरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फ्रांसिस्को डी अल्मीडा ने भारत में पुर्तगाلي शक्ति को सुदृढ़ करने के लिए 'ब्लू वाटर पॉलिसी' (शांत जल नीति) का प्रतिपादन किया था, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करना और अरब तथा वेनिस के व्यापारियों के प्रभाव को समाप्त करना था। 2. अल्बुकर्क को भारत में पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक माना जाता है, जिसने वर्ष 1510 में बीजापुर के आदिल शाह से गोवा को छीनकर पुर्तगालियों के अधिकार में ले लिया और क्षेत्र में सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाने तथा पुर्तगाली पुरुषों को स्थानीय महिलाओं से विवाह करने के लिए प्रोत्साहित किया। 3. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए शाही चार्टर (राजपत्र) के माध्यम से पूर्व के देशों के साथ व्यापार करने का एकाधिकार अनिश्चित काल के लिए प्रदान किया गया था, जिसे बाद में 1609 में राजा जेम्स प्रथम द्वारा अनिश्चितकालीन विस्तार दिया गया। 4. वर्ष 1612 में सूच्या के समीप 'स्वाली के युद्ध' (Battle of Swally) में कैप्टन थॉमस बेस्ट के नेतृत्व में अंग्रेजी नौसेना ने पुर्तगाली बेड़े को पराजित किया, जिसके परिणामस्वरूप मुगलों का विश्वास अंग्रेजों पर बढ़ा और जहाँगीर ने सूरत में स्थायी कारखाना स्थापित करने की अनुमति प्रदान की। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? इब्राहिम लोदी ने किस शक्तिशाली अफगान सरदार को कैद कर लिया था, जिससे विद्रोह भड़क उठा? मौर्य साम्राज्य के केंद्रीय प्रशासन, प्रांतीय व्यवस्था और प्रशासनिक अधिकारियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार मौर्य केंद्रीय प्रशासन का संचालन करने के लिए 'तीर्थ' नामक 18 महत्वपूर्ण उच्च अधिकारियों की एक श्रेणी थी, जिसमें 'समाहर्ता' (राजस्व संग्रहकर्ता) और 'संनिदाता' (कोषाध्यक्ष) सबसे प्रमुख अधिकारी थे। 2. अशोक के शिलालेखों और मौर्यकालीन न्याय व्यवस्था के अनुसार, साम्राज्य में दंड विधान अत्यंत कठोर था, जिसमें प्रादेशिक, राजूक और युक्त नामक अधिकारी प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ न्यायिक शक्तियों का भी प्रयोग करते थे और अशोक ने अपने राज्याभिषेक के 26वें वर्ष में कैदियों को तीन दिन की मोहलत (बन्दीमोचन) देने का नियम बनाया था। 3. मेगास्थनीज के 'इंडिका' के अनुसार मौर्य साम्राज्य में पाटलिपुत्र के नगर प्रशासन का संचालन एक ऐसी परिषद द्वारा किया जाता था जो कुल 30 सदस्यों की थी और यह परिषद पांच-पांच सदस्यों की छह समितियों में विभाजित थी, जो शिल्प, विदेशियों, जन्म-मृत्यु, और कर संग्रह जैसे विभिन्न विभागों की देखरेख करती थी। 4. मौर्य प्रशासन में गुप्तचर व्यवस्था (गूढपुरुष) का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान था, जिसमें एक ही स्थान पर रहकर कार्य करने वाले गुप्तचरों को 'संस्था' तथा भ्रमण करके सूचनाएं एकत्र करने वाले गुप्तचरों को 'संचर' कहा जाता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मौर्योत्तर काल और गुप्त साम्राज्य के आर्थिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मौर्योत्तर काल में रोमन साम्राज्य के साथ होने वाले व्यापार में भारी वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप भारत में बड़ी मात्रा में सोने के सिक्के (विशेष रूप से कुषाण शासकों द्वारा चलाए गए शुद्ध स्वर्ण सिक्के) और रोमन दीनार बड़ी संख्या में आए। 2. गुप्त काल में भूमि अनुदान की व्यवस्था ('अग्रहार' और देवदान) में अभूतपूर्व विस्तार हुआ, जिससे ब्राह्मणों और बौद्ध विहारों को कर-मुक्त भूमि के साथ-साथ प्रशासनिक व न्यायिक अधिकार भी हस्तांतरित होने लगे, जिससे सामंती व्यवस्था के बीज पड़े। 3. गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था में श्रेणियों (Guilds) का अत्यधिक महत्व था, जिन्हें 'श्रेणी' या 'निगम' कहा जाता था, और ये अपने आंतरिक नियमों का संचालन करने के साथ-साथ बैंकों के रूप में भी कार्य करती थीं जो जमा स्वीकार कर ब्याज देती थीं। 4. कालिदास द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक 'मालविकाग्निमित्रम्' में पुष्यमित्र शुंग के अश्वमेध यज्ञ और उनके शासनकाल की राजनीतिक घटनाओं का विस्तृत विवरण मिलता है, जबकि शूद्रक की 'मच्छकटिकम्' गुप्तकालीन अभिजात वर्ग के जीवन पर आधारित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? किस विद्वान ने मोहम्मद बिन तुगलक को "दुनिया का खान" कहा था?
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