त्वरित लिंक्स
Child Development
7 views
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Post-conventional Level) के दोनों चरणों—अर्थात 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Stage 5) और 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास' (Stage 6)—की तात्विक और संज्ञानात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों चरणों के मध्य निहित दार्शनिक एवं मनोवैज्ञानिक अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता का स्तर (Post-conventional Level) नैतिक विकास की सर्वोच्च अवस्था है। इसमें चरण 5 ('सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार') के अंतर्गत व्यक्ति यह समझता है कि नियम और कानून लोकतांत्रिक रूप से बनाए गए लचीले अनुबंध हैं, जिन्हें लोगों के अधिकारों और कल्याण के लिए बदला जा सकता है। वहीं, चरण 6 ('सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास') में व्यक्ति कानून या समाज की परवाह किए बिना अपने स्वयं के अंतःकरण और न्याय, मानवाधिकारों तथा समानता जैसे सार्वभौमिक सिद्धांतों द्वारा निर्देशित होता है, भले ही वे कानून के संघर्ष में क्यों न हों। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
बुद्धि परीक्षण के लिए 'स्टैनफोर्ड-बिने स्केल' (Stanford-Binet Scale) को किस मनोवैज्ञानिक ने संशोधित किया?
→
अधिगम के मनोविज्ञान में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के विभिन्न सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, एडवर्ड थार्नडाइक और रॉबर्ट एस. वुडवर्थ द्वारा प्रतिपादित 'समान अवयव का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements), सी.एच. जूड द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization), तथा गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'रूप या समरूपता का सिद्धांत' (Theory of Ideals/Gestalt) के तात्विक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक (Neuro-psychological) आधारों तथा उनकी सह-रुग्णता (Comorbidity) का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षार्थी को लिखित प्रतीकों को डिकोड करने, ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness) स्थापित करने तथा मुद्रित शब्दों को धाराप्रवाह पढ़ने में गंभीर कठिनाई होती है, और इसके साथ ही उसे अंकों, गणितीय संकेतों, स्थानिक संबंधों और मानसिक गणनाओं को संसाधित करने में भी विशिष्ट विफलता का सामना करना पड़ता है, तो न्यूरोलॉजिकल और क्लिनिकल वर्गीकरण के अनुसार इस बहुआयामी स्थिति में कौन-सी विशिष्ट अधिगम अक्षमताएँ एक साथ संलिप्त मानी जाएँगी?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के प्रभावी क्रियान्वयन और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के सार्वभौमिक समावेशन के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किया गया शिक्षण अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) का ढांचा निम्नलिखित में से किस मुख्य मनोवैज्ञानिक एवं pedagogical सिद्धांत पर आधारित है?
→
इनमें से किसने अपनी रिपोर्ट में 'शिक्षा के चार स्तंभों' की बात की है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.