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History of India
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मुगल स्थापत्य में "दोहरा गुंबद" (Double Dome) का प्रयोग पहली बार किस मकबरे में प्रभावशाली ढंग से दिखा?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हुमायूँ का मकबरा भारत में दोहरे गुंबद का पहला प्रभावशाली उदाहरण है।
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19वीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों तथा उनके वैचारिक एवं संस्थागत विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'आत्मीय सभा' (1815) और बाद में ब्रह्म समाज का मुख्य उद्देश्य एकेश्वरवाद का प्रचार करना, मूर्तिपूजा का खंडन करना तथा ईसाई मिशनरियों की आक्रामक आलोचना के उत्तर में हिंदू धर्म की तार्किक रक्षा करना था।
2. वर्ष 1867 में केशव चंद्र सेन की प्रेरणा से बंबई में स्थापित 'प्रार्थना समाज' ने अंतर-जातीय विवाह, विधवा पुनर्विवाह, स्त्री शिक्षा और दलितोद्धार जैसे सामाजिक सुधारों पर विशेष बल दिया, तथा इसके प्रमुख नेताओं में महादेव गोविंद रानाडे और आर.जी. भंडारकर शामिल थे।
3. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा रचित 'सत्यार्थ प्रकाश' में आर्य समाज के सिद्धांतों का प्रतिपादन किया गया है, जिसमें उन्होंने न केवल इस्लाम और ईसाई धर्म की कटु आलोचना की, बल्कि पौराणिक हिंदू धर्म, बहुदेववाद, अवतारवाद और जन्म आधारित जाति व्यवस्था को भी पूरी तरह अस्वीकार कर दिया।
4. यंग बंगाल आंदोलन के प्रणेता हेनरी एलियन विवियन डेरोज़ियो ने अपने शिष्यों को पारंपरिक मान्यताओं और अंधविश्वासों के प्रति निष्ठावान रहने की शिक्षा दी, तथा ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन की नीतियों की खुलकर प्रशंसा करते हुए किसी भी प्रकार की सामाजिक आलोचना से परहेज किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मौर्योत्तर काल तथा गुप्त साम्राज्य के दौरान व्यापार, शहरीकरण और आर्थिक संरचना में आए परिवर्तनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्योत्तर काल में रोमन साम्राज्य के साथ होने वाले अत्यधिक लाभदायक समुद्री व्यापार के कारण भारत में बड़ी संख्या में रोमन सोने के सिक्के (दीनार/औरियन) आए, किंतु तीसरी शताब्दी ईस्वी के पश्चात रोमन व्यापार के पतन के कारण उत्तर भारत में नगरीय केंद्रों (Urban Centers) का ह्रास होने लगा।
2. गुप्त काल में कुषाण काल की तुलना में सोने के सिक्कों की संख्या तो सर्वाधिक मिलती है, किंतु गुप्त शासकों के उत्तरवर्ती काल में इन सिक्कों में सोने की शुद्धता (Purity) में निरंतर गिरावट आई और तांबे व चांदी के सिक्कों का अनुपात कम हो गया, जो गुप्त अर्थव्यवस्था के संकट का प्रमाण है।
3. गुप्तकाल में प्रशासनिक और धार्मिक अनुदानों (ब्रह्मदेय और अग्रहार) के रूप में भूमि दिए जाने की प्रथा ने सामंती व्यवस्था (Feudalism) की नींव को मजबूत किया, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय स्तर पर मुद्रा का चलन कम हुआ और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्धन राजवंश तथा दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) की प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं सैन्य प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पल्लव शासक नरसिंहवर्मन प्रथम (महामल्ल) के शासनकाल में महाबलीपुरम में एकश्म रथ मंदिरों (सप्त पगोडा) का निर्माण करवाया गया था, तथा इसी काल में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने पल्लव की राजधानी कांचीपुरम की यात्रा की थी।
2. बादामी के चालुक्य वंश के सम्राट पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, जिसका सजीव और विस्तृत ऐतिहासिक विवरण रविचर्ति द्वारा रचित ऐहोल शिलालेख में प्राप्त होता है।
3. चोल राजवंश की स्थानीय स्वशासन प्रणाली, जिसका स्पष्ट उल्लेख उत्तरमेरूर अभिलेखों में मिलता है, के अंतर्गत ग्राम सभाओं (सभा या महासभा) के सदस्यों के चयन के लिए 'कुडवोलाई' (घड़े की पर्ची) नामक अनूठी लोकतांत्रिक एवं पारदर्शी लॉटरी प्रणाली का प्रयोग किया जाता था।
4. हर्ष के कन्नौज सभा के दौरान महायान बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए चीनी यात्री ह्वेनसांग को अध्यक्ष बनाया गया था, किंतु ह्वेनसांग की इस सर्वोच्च धार्मिक स्थिति से ईर्ष्यावश हीनयानियों और ब्राह्मणों ने सभा के पंडाल में आग लगाने का असफल षड्यंत्र रचा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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लड़ाकू पेशवा (Fighting Peshwa) के रूप में किसे जाना जाता है जो कभी कोई युद्ध नहीं हारा?
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बंगाल विभाजन (1905) और उसके परिणामस्वरूप उत्पन्न स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन के निर्णय की आधिकारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, और इसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित ऐतिहासिक बैठक में 'स्वदेशी आंदोलन' की औपचारिक घोषणा करते हुए 'बॉयकॉट' (बहिष्कार) प्रस्ताव पारित किया गया था।
2. 16 अक्टूबर 1905 को जिस दिन बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, उस दिन पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, लोगों ने उपवास रखा, बंगाली गीतकार रबीन्द्रनाथ ठाकुर के आह्वान पर 'मार्निंग सॉन्ग' के रूप में 'अमर सोनार बांग्ला' गाया गया तथा एक-दूसरे के हाथों पर राखी बांधकर 'राखी दिवस' मनाया गया।
3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों (Constructive Programme) पर भी विशेष बल दिया गया, जिसके तहत पी.सी. रे (प्रफुल्ल चंद्र राय) ने 'बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल वक्र्स' की तर्ज पर कलकत्ता नेशनल कॉलेज की स्थापना की और श्री अरविंदो घोष इसके पहले प्रधानाचार्य बने।
4. स्वदेशी आंदोलन के प्रसार के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में नेतृत्वकर्ताओं ने अलग-अलग मोर्चे संभाले, जैसे मद्रास प्रेसीडेंसी में वी. चिदंबरम पिल्लै ने स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी की शुरुआत की और तूतीकोरिन में मिल मजदूरों का नेतृत्व किया, जबकि आंध्र प्रदेश के डेल्टा क्षेत्रों में इस आंदोलन को 'वंदे मातरम् आंदोलन' के नाम से जाना गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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