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Child Development
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अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के चिकित्सीय एवं मनोवैज्ञानिक वर्गीकरण के अंतर्गत 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) और 'डिसफैसिया' (Dysphasia) की तात्विक, स्नायुवैज्ञानिक (Neurological) और कार्यात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों विकारों के लक्षण, कारण और उनके प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

अधिगम अक्षमताएँ (Learning Disabilities) तंत्रिका तंत्र से जुड़ी स्थितियाँ हैं जो सूचनाओं को ग्रहण करने, संसाधित करने या व्यक्त करने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) मुख्य रूप से मोटर समन्वय (Motor Coordination) को प्रभावित करता है, जिससे हाथ-आंख का समन्वय, संतुलन और बारीक मोटर कार्य (जैसे लिखना, जूते के फीता बांधना) कठिन हो जाते हैं। वहीं, 'डिसफैसिया' (Dysphasia) या अवाक्‌ता मस्तिष्क के भाषा केंद्रों में क्षति के कारण उत्पन्न होने वाला एक विकार है जो मौखिक भाषा, बोलने और सुनने की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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बुद्धि के 'संरचना सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) का प्रतिपादन करने वाले मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) ने अपने त्रि-आयामी मॉडल में मानसिक योग्यताओं को मुख्य रूप से कितने आयामों या श्रेणियों में वर्गीकृत किया है? मानव मस्तिष्क के न्यूरोलॉजिकल और कॉग्निटिव आर्किटेक्चर का अध्ययन करने पर, विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) जैसे कि 'डिसलेक्सिया' (Dyslexia), 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिसकैलकुलिया' (Dyscalculia) और 'डिसप्रेक्सिया' (Dyspraxia) के तात्विक, तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक (Neuropsychological) और विकासात्मक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? शिक्षण प्रक्रिया में 'अभिप्रेरणा' (Motivation) का महत्व क्यों है? अधिगम के वक्र (Learning Curves), अधिगम के पठार (Plateaus) और अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के तात्विक और प्रायोगिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करते हुए बताइए कि यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल कौशल को सीखते समय प्रारंभिक अवस्था में अत्यंत मंद गति से प्रगति करता है किंतु बाद में अभ्यास के साथ उसकी सीखने की गति तीव्र हो जाती है (जिसे नतोदर या सकारात्मक वक्र कहा जाता है), तत्पश्चात प्रेरणा की कमी, अत्यधिक मानसिक थकान या शारीरिक शिथिलता के कारण उसके निष्पादन में एक समतल स्थिति उत्पन्न हो जाती है जिसे पठार कहा जाता है, तथा इस पठार को तोड़ने के उपरांत यदि वह पूर्व में अर्जित किसी कौशल का नए विषय पर कोई सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव न पड़ने की स्थिति का अनुभव करता है; तो अधिगम के इन गत्यात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है? लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अंतर्गत 'निजी वाक्' (Private Speech) और 'आंतरिक वाक्' (Inner Speech) के विकासात्मक और कार्यात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक बच्चा किसी जटिल समस्या को हल करते समय ऊंचे स्वर में खुद से बातचीत करता है, तो वाइगोत्स्की के अनुसार इस संज्ञानात्मक व्यवहार और इसकी उत्तरवर्ती अवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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