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Child Development
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एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'गौण नियमों' (Secondary or Subsidiary Laws of Learning) में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण नियम—'बहु-अनुक्रिया का नियम' (Law of Multiple Responses)—का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक और तात्विक विश्लेषण करने पर, इस नियम की आंतरिक कार्यप्रणाली और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में इसकी प्रासंगिकता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

थार्नडाइक के सीखने के नियमों में मुख्य नियमों के अतिरिक्त पाँच गौण या आनुषंगिक नियम भी शामिल हैं, जिनमें 'बहु-अनुक्रिया का नियम' (Law of Multiple Responses) अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इसके अनुसार, जब व्यक्ति किसी समस्या के समाधान का प्रयास करता है, तो वह विभिन्न प्रकार की अनुक्रियाएँ तब तक करता रहता है जब तक कि सही अनुक्रिया या सफलता प्राप्त नहीं हो जाती। थार्नडाइक के सिद्धांतों और समग्र विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, यह विविधतापूर्ण प्रतिक्रिया ही अंततः सही समाधान तक पहुँचने का मार्ग प्रशस्त करती है।
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा अपनी मौजूदा स्कीमा (Schema) में बदलाव करके नई जानकारी को उसमें समाहित करता है, या नई परिस्थिति के अनुसार अपने मानसिक ढांचे में संशोधन करता है, तो इस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया को क्या कहा जाता है? सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत के अंतर्गत 'फैलिस अवस्था' (Phallic Stage, लगभग 3 से 6 वर्ष) में होने वाले मनोवैज्ञानिक घटनाक्रमों—विशेषकर बालकों में उत्पन्न होने वाले 'कैस्ट्रम एंग्जाइटी' (Castration Anxiety), बालिकाओं में 'पेनिस एनवी' (Penis Envy), तथा 'इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स' (Electra Complex) के समाधान स्वरूप 'पहचानकीकरण' (Identification) की प्रक्रिया का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था के तात्विक और संरचनात्मक विकास के संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा में 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों' (Children with Special Needs - CWSN) के अधिगम को सुगम बनाने के लिए 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'विशिष्ट पाठ्यक्रम अनुकूलन' (Curricular Adaptation) जैसी रणनीतियों का उपयोग करता है, तो इस प्रक्रिया में 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—engagement (संलग्नता), representation (प्रस्तुतीकरण), और expression (अभिव्यक्ति)—में से कौन-सा उपागम 'अधिगम की बहुविध प्रस्तुति' (Multiple Means of Representation) के वैज्ञानिक मानक को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? अधिगम (Learning) के संदर्भ में एडवर्ड थार्नडाइक के 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी. एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) की तात्विक और स्नायुवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन तीनों सिद्धांतों के अंतर्संबंधों और उनकी शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं में निहित मान्यताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? प्रबलन (Reinforcement) का सिद्धांत किसने दिया?
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