BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
6 views

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता' (Pre-conventional Morality) के प्रथम चरण—अर्थात 'दंड और आज्ञाकारिता अभिविन्यास' (Obedience and Punishment Orientation)—का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इस स्तर पर बालक के नैतिक तर्कों की तात्विक और गत्यात्मक विशेषता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता' (Pre-conventional Morality) का पहला चरण 'दंड और आज्ञाकारिता अभिविन्यास' (Obedience and Punishment Orientation) कहलाता है। इस चरण में बच्चों के लिए सही या गलत का निर्णय मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि किसी कार्य का परिणाम क्या होगा—विशेषकर सजा (Punishment) मिलना या बचना। बालक शक्ति या अधिकार रखने वाले व्यस्कों (जैसे माता-पिता या शिक्षक) के भय से नियमों का पालन करते हैं। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

अधिगम के वक्रों (Learning Curves) के विभिन्न प्रकारों—जैसे उत्तल वक्र (Convex Curve या ऋणात्मक वृद्धि वक्र), अवतल वक्र (Concave Curve या धनात्मक वृद्धि वक्र), और 'S'-आकार का वक्र (S-shaped Curve)—का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन वक्रों की तात्विक प्रकृति और अधिगम प्रक्रिया के दौरान निष्पादन में होने वाले परिवर्तनों को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? विद्यालय निम्न द्वारा छात्रों के शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकते हैं- निम्नलिखित में से कौन-सा सामाजिक विज्ञान का पहलू नहीं है? बुद्धि परीक्षण के लिए 'विक्षलर स्केल' में 'शाब्दिक तर्क' (Verbal Reasoning) किन कौशल का परीक्षण करता है? अब्राहम मैस्लो द्वारा प्रतिपादित आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs Theory) में 'कमी की आवश्यकताएँ' (Deficiency Needs या D-needs) और 'विकास की आवश्यकताएँ' (Growth Needs या B-needs) के तात्विक एवं श्रेणीबद्ध स्वरूप का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी अपनी शारीरिक और सुरक्षा संबंधी प्राथमिक आवश्यकताओं की संतुष्टि के उपरांत सामाजिक अपनेपन और आत्म-सम्मान की सीढ़ियों को पार करते हुए अपनी अंतर्निहित क्षमताओं की उच्चतम अभिव्यक्ति यानी 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) की अवस्था की ओर अग्रसर होता है, तो मैस्लो के इस अभिप्रेरणात्मक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.