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Child Development
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता' (Pre-conventional Morality) के प्रथम चरण—अर्थात 'दंड और आज्ञाकारिता अभिविन्यास' (Obedience and Punishment Orientation)—का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इस स्तर पर बालक के नैतिक तर्कों की तात्विक और गत्यात्मक विशेषता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता' (Pre-conventional Morality) का पहला चरण 'दंड और आज्ञाकारिता अभिविन्यास' (Obedience and Punishment Orientation) कहलाता है। इस चरण में बच्चों के लिए सही या गलत का निर्णय मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि किसी कार्य का परिणाम क्या होगा—विशेषकर सजा (Punishment) मिलना या बचना। बालक शक्ति या अधिकार रखने वाले व्यस्कों (जैसे माता-पिता या शिक्षक) के भय से नियमों का पालन करते हैं। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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