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Child Development
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'पारंपरिक नैतिकता' (Conventional Morality) के द्वितीय चरण—अर्थात 'अधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Law and Order Orientation)—का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इस चरण की तात्विक और व्यवहारिक गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'अधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Law and Order Orientation) पारंपरिक स्तर (Conventional Level) का दूसरा और कुल मिलाकर चौथा चरण है। इस चरण में व्यक्ति यह मानता है कि समाज में शांति और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए कानूनों, नियमों और प्राधिकारी व्यक्तियों (जैसे पुलिस, अदालत, शिक्षक या सरकार) की आज्ञा का पालन करना हर नागरिक का परम कर्तव्य है। इस अवस्था में नियम कठोर और अटल माने जाते हैं। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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→ अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory) तथा इवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) का तुलनात्मक विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य के तात्विक और मौलिक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है? → बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं के बीच अंतर्निहित तात्विक अंतर तथा विकास के सिद्धांतों (जैसे- 'समीप-दूराभिमुख क्रम' या Proximodistal Trend और 'मस्तकोधूममुखी क्रम' या Cephalocaudal Trend) का सूक्ष्म वैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है? → विकास का 'निकट-दूर' (Proximodistal) सिद्धांत क्या दर्शाता है? → राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के अंतर्गत निर्धारित 'पाठ्यचर्या और मूल्यांकन की प्रक्रिया' का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ना', 'रटने की प्रणाली से मुक्ति दिलाना', और 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)' को अपनाते हुए भयमुक्त, समावेशी एवं बाल-केंद्रित वातावरण का निर्माण करता है, तो इन वैधानिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? → शैक्षणिक आकलन और मूल्यांकन की आधुनिक प्रणालियों में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के तात्विक, सैद्धांतिक एवं क्रियात्मक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों संकल्पनाओं के मध्य पाए जाने वाले पदानुक्रमिक और कार्यात्मक संबंध की सबसे प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
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