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Child Development
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अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक विश्लेषण में, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इन तीनों सिद्धांतों के मध्य 'उद्दीपक-अनुक्रिया' (S-R) और 'अनुक्रिया-उद्दीपक' (R-S) प्रतिमान के तात्विक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

अधिगम के सिद्धांतों में थार्नडाइक का 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' तथा पावलव का 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' उद्दीपक (Stimulus) को प्राथमिकता देते हैं, जहाँ S-R (Uddipak-Anukriya) संबंध महत्वपूर्ण होता है। इसके विपरीत, बी.एफ. स्किनर का 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) इस बात पर जोर देता है कि जीव पहले क्रिया (Response) करता है और उसके परिणाम स्वरूप मिलने वाला पुनर्बलन (Reinforcement) व्यवहार को निर्धारित करता है, जिसे R-S प्रतिमान कहा जाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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