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History of India
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मुगल प्रशासन की वह कौन सी इकाई थी जिसे "सरकार" और "गाँव" के बीच की कड़ी माना जाता था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
परगना को मुगल प्रशासन में सरकार और गाँव के बीच की प्रशासनिक इकाई माना जाता था।
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हम्पी का प्रसिद्ध "पत्थर का रथ" (Stone Chariot) किस मंदिर परिसर का हिस्सा है?
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क्रांतिकारी आंदोलन के प्रारंभिक दौर और प्रमुख संगठनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भखना द्वारा 'गदर पार्टी' की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराना था और इसका साप्ताहिक पत्र 'गदर' मुख्तः उर्दू और गुरुमुखी में प्रकाशित होता था।
2. वर्ष 1924 में कानपुर में सचिंद्रनाथ সান্যाल, रामप्रसाद बिस्मिल और चंद्रशेखर आजाद द्वारा 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) की स्थापना की गई थी, जिसका प्रमुख उद्देश्य सोवियत संघ की तर्ज पर भारत में एक संघीय गणराज्य की स्थापना करना था।
3. काकोरी ट्रेन डकैती (1925) के उपरांत एच.आर.ए. (HRA) का पुनर्गठन करते हुए भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद ने वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में इसका नाम बदलकर 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) कर दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक संरचना और राजकोषीय प्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार, केंद्रीय प्रशासन में राजा के पश्चात सर्वोच्च नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी 'तीर्थ' कहलाते थे, जिनकी कुल संख्या अट्ठारह थी; इनमें 'समाहर्त्ता' राजस्व के संग्रहण और आय-व्यय के मुख्य नियंत्रक के रूप में कार्य करता था, जबकि 'सन्निधातृ' राजकोष और कोषागार का मुख्य संरक्षक होता था।
2. अशोक के शिलालेखों और यूनानी विवरणों के अनुसार, मौर्य काल में प्रांतीय प्रशासन के अंतर्गत साम्राज्य को चार प्रमुख प्रांतों में विभाजित किया गया था, जिनकी राजधानियाँ तक्षशिला, सुवर्णगिरि, उज्जैन और तोसली थीं, तथा इन प्रांतों का शासन सीधे सम्राट द्वारा नियुक्त अमत्यों (मंत्रियों) द्वारा चलाया जाता था, जिसमें राजवंश के राजकुमारों की नियुक्ति का कोई प्रावधान नहीं था।
3. मेगास्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार, पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन तीस सदस्यों की एक नगर परिषद द्वारा चलाया जाता था, जो छह समितियों में विभाजित थी और प्रत्येक समिति में पाँच सदस्य होते थे; यह परिषद उद्योग-धंधों, विदेशी यात्रियों की देखरेख, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और कर-संग्रह (विक्रय मूल्य का दसवाँ भाग) जैसे कार्यों का निर्वहन करती थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के विभिन्न अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन किए गए क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली - जॉन निकलसन और विलियम हडसन
2. लखनऊ - सर कॉलिन कैंपबेल और हेनरी लॉरेंस
3. कानपुर - सर कॉलिन कैंपबेल और जनरल हैवलॉक
4. झांसी और ग्वालियर - सर ह्यूरोज
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना, वास्तुकला और सामाजिक-आर्थिक विशिष्टताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हड़प्पा सभ्यता की अधिकांश बस्तियों में नगर योजना सामान्यतः 'ग्रिड प्रणाली' (Grid System) पर आधारित थी, जिसमें सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं और बस्तियों को मुख्य रूप से दो भागों—पश्चिमी भाग (दुर्ग या गढ़) और पूर्वी भाग (निचला नगर)—में विभाजित किया गया था।
2. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'विशाल स्नानागार' (Great Bath) इस सभ्यता की उत्कृष्ट इंजीनियरिंग का परिचय देता है, जिसके फर्श पर ईंटों की दोहरी परत बिछाकर डामर (Bitumen) या तारकोल का लेप लगाकर जल-निरोधक (Water-tight) बनाया गया था, और इसका मुख्य उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों या सार्वजनिक स्नान के लिए किया जाता था।
3. चहुँदरो एक ऐसा सैंधव स्थल था जहाँ कोई भी गढ़ या दुर्ग नहीं पाया गया है, और यहाँ से मनके बनाने का कारखाना (Bead-making factory), तांबे की वस्तुएं बनाने के साक्ष्य तथा वक्राकार ईंटों के प्रमाण मिले हैं।
4. सिंधु घाटी सभ्यता के लोग लोहे और पारे के धातु-विज्ञान (Metallurgy) से भली-भांति परिचित थे तथा उन्होंने तांबे और टिन को मिलाकर बड़े पैमाने पर उच्च कोटि के लोहे के अस्त्र-शस्त्रों का निर्माण किया था, जिसके कारण वे समकालीन मेसोपोटामिया की सभ्यता पर सैन्य रूप से हावी रहे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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