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Child Development
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विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के न्यूरोलॉजिकल और संज्ञानात्मक आधारों का गहन विश्लेषण करते समय, जब कोई शिक्षार्थी मुद्रित शब्दों को डिकोड करने, ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness) स्थापित करने और वर्णात्मक संकेतों को उनके संबंधित ध्वनियों के साथ जोड़ने में गंभीर रूप से असमर्थ होता है, तथा इसके साथ ही उसे स्थानिक और ग्राफिक मोटर समन्वय की कमी के कारण अक्षरों या अंकों को लिखने में भी अत्यधिक कठिनाई होती है, तो इन दोनों विशिष्ट विकारों का वैज्ञानिक और चिकित्सीय रूप से सही वर्गीकरण क्रमशः निम्नलिखित में से किस रूप में किया जाएगा?

Detailed Explanation

विशिष्ट अधिगम अक्षमताएँ (Specific Learning Disabilities) तंत्रिका तंत्र से संबंधित विकार हैं जो मस्तिष्क द्वारा जानकारी प्राप्त करने, संसाधित करने, विश्लेषित करने या याद रखने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। इस प्रश्न में दिए गए पहले लक्षण 'डिसलेक्सिया' (Dyslexia) की ओर संकेत करते हैं, जो मुख्य रूप से पठन, वर्तनी और ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण से जुड़ी अक्षमता है। दूसरा लक्षण 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) को दर्शाता है, जो लेखन कौशल, ठीक मोटर नियंत्रण और स्थानिक समन्वय को प्रभावित करने वाला न्यूरोलॉजिकल विकार है। इसके विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक रूप से अभिकल्पित अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) का मुख्य शैक्षणिक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के दौरान उभरने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्कणा' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Reasoning) का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की वास्तविक संज्ञानात्मक विशेषता और उसकी क्रियात्मक प्रकृति को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) का तात्विक और दार्शनिक विश्लेषण करने पर, इस स्तर पर व्यक्ति के नैतिक निर्णय और आचरण की मूल विशेषता निम्नलिखित में से कौन-सी होगी? सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास के सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों की तात्विक और गत्यात्मक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बाल्यावस्था के उत्तरार्ध में लगभग 6 से 12 वर्ष की आयु के दौरान अपनी ऊर्जा या कामेच्छा (Libido) को दमित करके बौद्धिक, सामाजिक और शारीरिक गतिविधियों—जैसे कि खेलकूद, विद्यालयी शिक्षा और समलैंगिक सहपाठियों के साथ मित्रता—में संलग्न करता है, तथा इस कालखंड में लैंगिक ऊर्जा का कोई नया मुखर उद्दीपन नहीं होता है, तो फ्रायड के इस मनोविश्लेषण ढांचे के अनुसार बालक के विकास की यह विशिष्ट अवस्था किस रूप में पहचानी जाती है? बाल विकास और शिक्षाशास्त्र में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में, 'आकलन (Assessment)' और 'मूल्यांकन (Evaluation)' के बीच के तात्विक और व्यावहारिक अंतर को स्पष्ट करने वाला निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक सटीक और विश्लेषणात्मक है?
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