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Child Development
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, जब एक विद्यालय ऐसे विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों (Children with Special Needs) को प्रवेश देता है, जिन्हें गंभीर संवेदी या शारीरिक दिव्यांगता है, तो राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों के तहत विद्यालय को निम्नलिखित में से किस मुख्य शैक्षणिक और ढांचागत समायोजन (Universal Design for Learning - UDL) को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि सभी शिक्षार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं का सफलतापूर्वक समाधान किया जा सके?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) एक ऐसी शिक्षा प्रणाली है जिसमें सामान्य और विशिष्ट आवश्यकता वाले सभी बालक बिना किसी भेदभाव के एक ही कक्षा-कक्ष में शिक्षा प्राप्त करते हैं। इसके लिए सार्वभौमिक रूप से स्वीकृत विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पाठ्यक्रम में लचीलापन, बहुसंवेदी उपागम और बाधा-मुक्त बुनियादी ढांचा अत्यंत आवश्यक है।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, विद्यालयी स्तर पर 'समावेशी शिक्षा', 'बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र', और RTE Act की धारा 29 के तहत निर्धारित 'पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन पद्धति' के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और वैधानिक दृष्टि से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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