त्वरित लिंक्स
Child Development
11 views
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) द्वारा संस्तुत 'ज्ञान के निर्माण' (Construction of Knowledge) के दृष्टिकोण तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के अंतर्गत निर्धारित 'बाल-केंद्रित पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणाली' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों वैधानिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों की मूल आत्मा को सर्वाधिक तार्किक और प्रामाणिक रूप से व्यक्त करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) इस बात पर जोर देती है कि ज्ञान केवल शिक्षक द्वारा परोसा गया डेटा नहीं है, बल्कि शिक्षार्थी अपने सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश में अंतःक्रिया करते हुए खुद ज्ञान का निर्माण करते हैं। इसी प्रकार, शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 यह प्रावधान करती है कि पाठ्यक्रम ऐसा होना चाहिए जो बच्चे के सर्वांगीण विकास, भयमुक्त और तनावमुक्त वातावरण में सीखने, तथा उसकी प्रतिभा और क्षमताओं को विकसित करने पर केंद्रित हो।
Related Questions
→
भाषावाद का दुष्प्रभाव कौन-सा है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वना या मचान कार्य' (Scaffolding) की अवधारणाओं का गंभीर विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक किसी जटिल गणितीय समस्या को हल करते समय शिक्षार्थी को केवल उतनी ही न्यूनतम और प्रारंभिक सहायता प्रदान करता है जितनी उसे अपनी स्वतंत्र क्षमता से आगे बढ़ने के लिए आवश्यक होती है, और जैसे-जैसे शिक्षार्थी की समझ विकसित होती जाती है, वह उस सहायता को धीरे-धीरे कम करता जाता है; तो संज्ञानात्मक विकास और शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) की तात्विक विशेषताओं तथा तार्किक चिंतन के विकास का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक यह भली-भांति समझ लेता है कि किसी तरल पदार्थ को लंबे, पतले गिलास से चौड़े बर्तन में डालने पर उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है (जिसे 'संरक्षण' या Conservation कहा जाता है), तथा वह वस्तुओं को लंबाई, भार या अन्य गुणों के आधार पर क्रमित (Seriation) कर सकता है, किन्तु वह अभी भी पूरी तरह से अमूर्त, काल्पनिक या परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक समस्याओं (Hypothetical-Deductive Reasoning) का समाधान करने में असमर्थ रहता है, तो पियाजे के इस अवस्था-सिद्धान्त के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के विभिन्न स्तरों और चरणों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि एक किशोरावस्था का बालक सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने, नियमों का सख्ती से पालन करने और समाज द्वारा 'अच्छा नागरिक' या 'कानून-मानने वाला व्यक्ति' के रूप में स्वीकृत होने की प्रबल इच्छा से प्रेरित होकर नैतिक निर्णय लेता है, तो कोहलबर्ग के इस ढांचे के अनुसार यह स्थिति किस विशिष्ट स्तर और चरण को दर्शाती है?
→
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में, जॉन डीवी द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) तथा 'लोकतांत्रिक कक्षा-कक्ष वातावरण' के तात्विक और व्यावहारिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, पारंपरिक शिक्षा प्रणाली और बाल-केंद्रित शिक्षा के मध्य विभेद करते हुए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.