त्वरित लिंक्स
Child Development
28 views
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अंतर्गत, जब कोहलर ने अपने प्रयोग में चिम्पाजी 'सुल्तान' के समक्ष समस्या (छत पर लटके केले और बिखरे हुए बक्से/डंडे) प्रस्तुत की, तो समस्या समाधान की प्रक्रिया में 'अकस्मात सूझ' (Sudden Insight) के उत्पन्न होने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा मनोवैज्ञानिक घटक सर्वाधिक निर्णायक और अनिवार्य माना जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के अनुसार, अधिगम कोई यांत्रिक प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह परिस्थिति के 'संपूर्ण रूप' (Gestalt) की समझ पर आधारित होती है। वुल्फगैंग कोहलर के सूझ के सिद्धांत में जब चिम्पाजी ने बिखरी हुई वस्तुओं (बक्सों और डंडों) को एक साथ जोड़कर समस्या का समाधान निकाला, तो उसने संपूर्ण परिस्थिति का संज्ञानात्मक पुनर्गठन किया। इस वैचारिक प्रक्रिया को गहराई से समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के संदर्भ में, जब एक छात्र को दृश्य-स्थानिक (Visuo-spatial) सूचनाओं को संसाधित करने, अपने विचारों को सुसंगत तरीके से लिखित रूप में अभिव्यक्त करने, ग्राफ या रेखाचित्र बनाने में गंभीर समस्या होती है, और इसके साथ ही यदि वह मौखिक भाषा को समझने या संप्रेषित करने में भी विशिष्ट न्यूरोलॉजिकल बाधाओं का सामना करता है, तो डिस्लेक्सिया, डिसग्राफिया और डिस्केलकुलिया के अतिरिक्त इस प्रकार की जटिल एवं विशिष्ट न्यूरो-विकास संबंधी कमियों के वैज्ञानिक वर्गीकरण में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सर्वाधिक उपयुक्त रूप से 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिसप्रेक्सिया' (Dyspraxia) के प्राथमिक लक्षणों के अंतर को स्पष्ट करता है?
→
इवान पावलव द्वारा प्रतिपादित 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) और बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के तात्विक, प्रायोगिक एवं क्रियात्मक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य के सबसे बुनियादी और वैज्ञानिक अंतर को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
........ का उद्देश्य युवाओं को सटीक, आयु के अनुकूल और सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक जानकारी प्रदान करना है; स्वस्थ दृष्टिकोण को बढ़ावा देना और कौशल विकसित करना ताकि वे वास्तविक जीवन की स्थितियों के लिए प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें।
→
बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं तथा विकास के नियमों—जैसे 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Cephalocaudal और Proximodistal Tendencies) और 'सामान्य से विशिष्ट की ओर बढ़ने का सिद्धांत' (Principle of General to Specific Response)—की तात्विक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के मध्य के तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
मैक्स वर्दहीमर, कुर्त कोफ्का और वुल्फगैंग कोहलर द्वारा स्थापित गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के मूल दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण के अनुसार, अधिगम प्रक्रिया में 'प्रत्यक्षीकरण' (Perception) और 'संज्ञानात्मक क्षेत्र' (Cognitive Field) की भूमिका के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त और विश्लेषणात्मक रूप से सही है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.