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Child Development
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बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के मध्य तात्विक और सैद्धांतिक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों की प्रकृति और आयामों को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बाल मनोविज्ञान और बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) दो भिन्न अवधारणाएं हैं। अभिवृद्धि का संबंध शारीरिक परिवर्तनों (जैसे लंबाई, वजन, आकार) से है जो मात्रात्मक (Quantitative) होती है और जिसे मापा जा सकता है। इसके विपरीत, विकास (Development) एक व्यापक और समग्र प्रक्रिया है जिसमें शारीरिक परिवर्तनों के साथ-साथ मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक और भाषाई परिवर्तन भी शामिल होते हैं। यह मात्रात्मक के साथ-साथ मुख्य रूप से गुणात्मक (Qualitative) होती है और गर्भधारण से लेकर मृत्युपर्यंत (Womb to Tomb) निरंतर चलती रहती है। इस संदर्भ में विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार विकास निरंतरता के सिद्धांत का पालन करता है।
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बाल विकास की अवधारणा के अंतर्गत 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के तात्विक, गुणात्मक तथा मात्रात्मक स्वरूपों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक बालक की शारीरिक संरचना में भार, लंबाई और हड्डियों के आकार में वृद्धि रुक जाती है, परंतु उसकी मानसिक परिपक्वता, सामाजिक समायोजन, संवेगात्मक नियंत्रण और बौद्धिक क्षमताओं में निरंतर गुणात्मक प्रगति होती रहती है, तो इन दोनों अवधारणाओं के पारस्परिक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) और समस्या-समाधान पद्धति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त और विश्लेषणात्मक है?
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कौन-सी शिक्षण पद्धति शिक्षार्थियों को अधिगम रूप के रूप में खेल के विभिन्न भागों का पता लगाने की अनुमति देती है?
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) और बाल-केंद्रित शिक्षा (Child-Centric Education) के संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) तथा कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'अनुभवात्मक और छात्र-केंद्रित शिक्षण' के बीच के तात्विक, दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दृष्टियों के वास्तविक स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों—विशेष रूप से 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) और 'फैलिस अवस्था' (Phallic Stage)—के तात्विक एवं विश्लेषणात्मक स्वरूप का गहन अध्ययन करने पर, यदि कोई वयस्क व्यक्ति अत्यधिक अनुशासनप्रियता, जिद, कंजूसी, अत्यधिक साफ-सफाई या इसके विपरीत अव्यवस्था और असावधानी जैसे विशिष्ट व्यक्तित्व गुणों (Anal Personality Traits) का प्रदर्शन करता है, तथा एडिपस ग्रंथि (Oedipus Complex) या इलेक्ट्रा ग्रंथि (Electra Complex) के समाधान के दौरान लिंग पहचान (Gender Identification) और सुपरइगो के विकास में अंतर्द्वंद्व का सामना करता है; तो फ्रायड के मनोविश्लेषण और विकासात्मक गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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