त्वरित लिंक्स
Child Development
4 views
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अनुसार शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'ज्ञान की संरचना' (Construction of Knowledge) के दृष्टिकोण से बाल-केन्द्रित शिक्षा का सबसे केंद्रीय निहितार्थ निम्नलिखित में से क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (विकिपीडिया संदर्भ) 2005 के अनुसार, बच्चे ज्ञान के निष्क्रिय प्राप्तकर्ता नहीं हैं बल्कि वे अपने परिवेश के साथ सक्रिय रूप से अंतःक्रिया करके अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं करते हैं। यह दृष्टिकोण रचनावाद (Constructivism) पर आधारित है, जहाँ शिक्षक केवल एक सहजकर्ता (Facilitator) की भूमिका निभाता है।
Related Questions
→
“इलाका और पड़ोस” किस कारक के अंतर्गत आता है जो अधिगम को प्रभावित करता है?
→
बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के तात्विक, मात्रात्मक एवं गुणात्मक आयामों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक बालक की शारीरिक संरचना में भार, लंबाई और हड्डियों के आकार में होने वाली भौतिक वृद्धि एक निश्चित आयु के पश्चात रुक जाती है, परंतु उसके मानसिक, संवेगात्मक, सामाजिक और बौद्धिक पक्षों में जीवनपर्यंत निरंतर गुणात्मक परिवर्तन होते रहते हैं, तो इन दोनों संकल्पनाओं के पारस्परिक संबंधों, प्रकृति और उनके तात्विक भेदों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
बाल विकास के अध्ययन में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) के सापेक्षिक महत्व एवं उनकी परस्पर अंतर्क्रिया का गहन विश्लेषण करने पर, वूडवर्थ (Woodworth) के प्रसिद्ध समीकरण $Development = Heredity \times Environment$ के तात्विक और वैज्ञानिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में बालकों द्वारा प्रदर्शित किए जाने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की मुख्य संज्ञानात्मक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत 'मनो-लैंगिक विकास' (Psychosexual Development) की अवस्थाओं तथा व्यक्तित्व संरचना (ईड, अहम् और पराअहम्) का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई व्यक्ति अत्यधिक व्यवस्थाप्रिय, कंजूस, जिद्दी, अत्यधिक नियमवादी और हर चीज़ को करीने से व्यवस्थित रखने की तीव्र प्रवृत्ति प्रदर्शित करता है, तो फ्रायड के विकास क्रम के अनुसार इस विशिष्ट व्यक्तित्व स्वरूप (Anal Character) का निर्माण किस अवस्था के दौरान फ्रायड के फिक्सिएशन (Fixation) या स्थिरीकरण के कारण हुआ माना जाएगा?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.