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Child Development
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन के अंतर्गत 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किए गए अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों का मुख्य उद्देश्य कक्षा-कक्ष में विविध आवश्यकताओं वाले शिक्षार्थियों (विशेषकर विकलांग और अधिगम अक्षमता वाले बच्चों) के लिए शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को सुगम बनाना है। इस संदर्भ में, UDL के तीन प्रमुख प्रा-रूपी सिद्धांत निम्नलिखित में से कौन से हैं?

Detailed Explanation

समावेशी शिक्षा में 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किए गए अधिगम' (UDL) का ढांचा इस बात पर जोर देता है कि पाठ्यक्रम और शिक्षण विधियों को इस तरह से लचीला बनाया जाए जो सभी प्रकार के विद्यार्थियों की अनूठी आवश्यकताओं को पूरा कर सके। इसके तीन मुख्य आधार हैं: जानकारी प्रस्तुत करने के बहुविध तरीके (Representation), छात्रों द्वारा अपने ज्ञान को व्यक्त करने के बहुविध तरीके (Expression), और अधिगम प्रक्रिया में छात्रों को जोड़ने के बहुविध तरीके (Engagement)। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) के लिए पाठ्यक्रम में संशोधन, शिक्षण पद्धतियों में लचीलापन और बहु-संवेदी उपागम (Multi-sensory Approach) का उपयोग करने का मुख्य मनोवैज्ञानिक एवं शैक्षणिक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है? सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के बीच के तात्विक और व्यावहारिक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों अवधारणाओं के परस्पर संबंध को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है? जीन पियाजे के अनुसार, 'अहंकेन्द्रित' (Egocentric) होने का गुण किस अवस्था में पाया जाता है? लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'पूर्व-रूढ़िगत नैतिकता' (Pre-Conventional Morality) के दोनों चरणों—अर्थात 'आज्ञाकारिता एवं दंड अभिविन्यास' (Obedience and Punishment Orientation) तथा 'व्यक्तिगत हित एवं विनिमय अभिविन्यास' (Self-Interest and Exchange Orientation)—की तात्विक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक 7 वर्ष का बालक इस बात से प्रेरित होकर कार्य करता है कि 'यदि मैं आज्ञा का पालन करूँगा तो मुझे सजा नहीं मिलेगी' तथा 'यदि मैं अपना खिलौना अपने भाई के साथ साझा करूँगा तो वह भी भविष्य में मुझे अपना खिलौना देगा', तो कोहलबर्ग के इस नैतिक ढांचे के अनुसार बालक का यह व्यवहार किस प्रकार के मनोवैज्ञानिक और संज्ञानात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है? कक्षा में 'सृजनात्मकता' (Creativity) बढ़ाने के लिए कौन सा प्रश्न सबसे प्रभावी है?
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