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Child Development
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शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) की मूल अवधारणा के अंतर्गत, 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के बीच के तार्किक और क्रियात्मक अंतर को निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के बीच सूक्ष्म परंतु महत्वपूर्ण अंतर होता है। आकलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान छात्रों की कमियों का निदान करना और उनकी प्रगति में सुधार लाना (अधिगम के लिए आकलन) होता है, जबकि मूल्यांकन एक व्यापक अवधारणा है जिसमें आकलन से प्राप्त साक्ष्यों का विश्लेषण करके एक निश्चित मूल्य या ग्रेड निर्धारित करना (अधिगम का आकलन) शामिल होता है। इस विषय पर अधिक विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की एक प्रमुख सीमा 'विकेंद्रीकरण का अभाव' या 'अहंदर्शक' (Egocentrism) और 'संरक्षण' (Conservation) की समझ का न होना है। पियाजे द्वारा किए गए प्रसिद्ध 'तीन पर्वत कार्य' (Three-Mountain Problem) के प्रयोग में, इस अवस्था का एक बालक अपनी ही दृश्य-दृष्टि (Perspective) को दूसरों पर आरोपित करता है। इसके विपरीत, जब बालक मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में प्रवेश करता है, तो वह किस मुख्य संज्ञानात्मक क्षमता को प्राप्त करके इस सीमा को पार कर लेता है? गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अंतर्गत वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'समग्र क्षेत्र के पुनर्गठन' (Restructuring of the Perceptual Field) तथांत्रिक और संज्ञानात्मक आयामों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल समस्या के समाधान के दौरान क्रमिक यांत्रिक प्रयासों (Trial and Error) पर निर्भर रहने के बजाय अचानक से संपूर्ण परिस्थिति के आंतरिक संबंधों और अंतर्निहित पैटर्न को एक ही क्षण में मानसिक रूप से स्पष्ट कर लेता है (जिसे 'आहा! अनुभव' या Aha! Experience कहा जाता है), तो अधिगम की इस अंतर्दृष्टि प्रक्रिया के तात्विक और मनोवैज्ञानिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? बुद्धि के 'पदानुक्रमित सिद्धांत' (Hierarchical Theory of Intelligence) के प्रतिपादक फिलिप वर्नन (Philip Vernon) के अनुसार, मानवीय बौद्धिक संरचना में सर्वोच्च शिखर पर कौन सा कारक स्थित होता है और यह सिद्धांत स्पीयरमैन के द्विकारक सिद्धांत तथा थर्स्टन के बहुमानक सिद्धांत के बीच किस प्रकार समन्वय स्थापित करता है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, जब कोई बालक 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) से आगे बढ़कर 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करता है, तो उसके चिंतन में होने वाले गुणात्मक परिवर्तनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) और 'फैलिक अवस्था' (Phallic Stage) के दौरान बालकों में उत्पन्न होने वाले मनोवैज्ञानिक संघर्षों तथा 'इड' (Id), 'इगो' (Ego) और 'सुपरइगो' (Superego) की गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा तात्विक कथन इस सिद्धांत के संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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