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History of India
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किस पेशवा की हत्या उसके चाचा रघुनाथराव (राघोबा) के षड्यंत्र द्वारा 1773 ई. में कर दी गई थी?

Detailed Explanation

1773 में नारायणराव की हत्या कर दी गई थी।
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सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान और उसके पश्चात आयोजित गोलमेज सम्मेलनों तथा गांधी-इरविन समझौते के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गांधी-इरविन समझौते (1931) के तहत कांग्रेस ने 'हिंसात्मक अपराधों' के आरोपियों को छोड़कर शेष सभी राजनीतिक बंदियों की तत्काल रिहाई और सरकारी नौकरियों से त्यागपत्र देने वालों को बहाल करने की मांग मनवा ली थी, साथ ही समुद्र तट के पास नमक बनाने का अधिकार भी स्वीकार कर लिया गया था। 2. डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था और उन्होंने दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) की मांग पर दृढ़ता से पक्ष रखा था, जिसे महात्मा गांधी ने दलितों के सामाजिक-राजनीतिक उत्थान के लिए आवश्यक मानते हुए तुरंत स्वीकार कर लिया था। 3. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में महात्मा गांधी ने भाग लिया था, जहाँ सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के विवाद और ब्रिटिश सरकार की अनुदार नीतियों के कारण यह सम्मेलन पूरी तरह असफल रहा और गांधीजी को खाली हाथ भारत लौटना पड़ा था। 4. वर्ष 1932 में लंदन में आयोजित तृतीय गोलमेज सम्मेलन का कांग्रेस द्वारा पूरी तरह बहिष्कार किया गया था, और इस सम्मेलन में हुई संस्तुति के आधार पर ही बाद में 'भारत सरकार अधिनियम, 1935' का निर्माण किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? गयासुद्दीन तुगलक के बाद दिल्ली की गद्दी पर कौन बैठा जिसे "जूना खाँ" भी कहा जाता था? जहाँगीर के समय में "मलिक अंबर" ने दक्कन में कौन सी सैन्य पद्धति अपनाई थी? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बृजेश कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया और ब्रिटिश सेना के विरुद्ध कड़ा प्रतिरोध करते हुए अंततः नेपाल की तराई में शरण ली। 2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'फैजाबाद के डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता है, ने अंग्रेजों के विरुद्ध जिहाद का आह्वान किया और चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेना को पराजित करने में अहम भूमिका निभाई थी। 3. लखनऊ की घेराबंदी के दौरान ब्रिटिश कमिश्नर हेनरी लॉरेंस रेजिडेंसी की रक्षा करते हुए मारे गए थे, और बाद में सर कॉलिन कैंपबेल ने गोरखा रेजिमेंट की सहायता से लखनऊ पर पुनः अंग्रेजों का अधिकार स्थापित किया। 4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह को पकड़वाने के लिए ब्रिटिश सरकार ने 50,000 रुपये का इनाम रखा था, और अंततः पुव्वयां (पवियाँ) के राजा जगन्नाथ सिंह के भाई द्वारा विश्वासघात किए जाने के कारण वे अंग्रेजों के हाथों मारे गए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना, जल निकासी प्रणाली और वास्तुकला की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस सभ्यता के लगभग सभी प्रमुख नगर (जैसे हड़प्पा और मोहनजोदड़ो) ग्रिड प्रणाली (Grid System) पर आधारित थे, जहाँ सड़कें एक-दूसरे को समकोण (90 डिग्री) पर काटती थीं और नगर को आयताकार खंडों में विभाजित करती थीं। 2. सिंधु घाटी सभ्यता की जल निकासी प्रणाली (Drainage System) अत्यंत उन्नत थी, जिसमें घरों का गंदा पानी छोटी नालियों के माध्यम से सड़कों के किनारे बनी ढकी हुई मुख्य नालियों में जाता था, और इन नालियों की सफाई के लिए समय-समय पर निरीक्षण छिद्र (Inspection Holes) या मैनहोल बनाए गए थे। 3. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'विशाल स्नानागार' (Great Bath) इस सभ्यता की ईंट-चिनाई का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसके तल को जल-रोधी (Water-tight) बनाने के लिए ईंटों के बीच बिटुमिन (टार) की एक परत का उपयोग किया गया था। 4. सिंधु घाटी सभ्यता के भवनों के निर्माण में मुख्य रूप से पक्की ईंटों (Burnt Bricks) का उपयोग किया जाता था, और अधिकांश घरों के मुख्य द्वार सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए मुख्य सड़क की ओर न खुलकर पीछे की गलियों की ओर खुलते थे, जिसका एकमात्र अपवाद 'लोथल' नगर था जहाँ घरों के मुख्य द्वार मुख्य सड़क की ओर खुलते थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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