त्वरित लिंक्स
Child Development
6 views
बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों में से 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Principle of Directionality) के अंतर्गत 'मस्तकोधोमुखी' (Cephalocaudal) और 'निकट-दूर' (Proximodistal) प्रवृत्तियाँ क्या दर्शाती हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बाल विकास में 'विकास की दिशा का सिद्धांत' यह स्पष्ट करता है कि शारीरिक और गत्यात्मक विकास एक निश्चित और पूर्वानुमानित दिशा में आगे बढ़ता है। इसमें 'मस्तकोधोमुखी' (Cephalocaudal) प्रवृत्ति के अनुसार विकास सिर से शुरू होकर पैरों की ओर बढ़ता है (यानी बच्चा पहले सिर पर नियंत्रण सीखता है और बाद में पैरों पर), जबकि 'निकट-दूर' (Proximodistal) प्रवृत्ति के अनुसार विकास शरीर के केंद्र से शुरू होकर परिधि या बाहरी अंगों (जैसे धड़ से हाथों और उंगलियों) की ओर अग्रसर होता है। इस विषय में विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
बाल विकास के किस चरण में बच्चे को लगता है कि सारे लोग उन्हें देख रहे हैं और वे सचेत हो जाते है?
→
सामान्यीकरण (Generalization) का सिद्धांत किसने दिया?
→
कौन-सा कारक किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अनुसार, मानव अभिप्रेरणा का अध्ययन करते समय न्यून-स्तरीय (Deficiency Needs - D-needs) और उच्च-स्तरीय (Growth Needs - B-needs) आवश्यकताओं के बीच का संक्रमण बिंदु निम्नलिखित में से किस विशिष्ट आवश्यकता को माना जाता है, जिसके पूर्ण होने पर व्यक्ति अपनी सर्वोच्च आंतरिक क्षमताओं के विकास और 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) की दिशा में अग्रसर होता है?
→
पियाजे के अनुसार, 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) का मुख्य संज्ञानात्मक गुण क्या है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.