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Child Development
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों में से 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Principle of Directionality) के अंतर्गत 'मस्तकोधोमुखी' (Cephalocaudal) और 'निकट-दूर' (Proximodistal) प्रवृत्तियाँ क्या दर्शाती हैं?

Detailed Explanation

बाल विकास में 'विकास की दिशा का सिद्धांत' यह स्पष्ट करता है कि शारीरिक और गत्यात्मक विकास एक निश्चित और पूर्वानुमानित दिशा में आगे बढ़ता है। इसमें 'मस्तकोधोमुखी' (Cephalocaudal) प्रवृत्ति के अनुसार विकास सिर से शुरू होकर पैरों की ओर बढ़ता है (यानी बच्चा पहले सिर पर नियंत्रण सीखता है और बाद में पैरों पर), जबकि 'निकट-दूर' (Proximodistal) प्रवृत्ति के अनुसार विकास शरीर के केंद्र से शुरू होकर परिधि या बाहरी अंगों (जैसे धड़ से हाथों और उंगलियों) की ओर अग्रसर होता है। इस विषय में विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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