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History of India
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पेशवा माधवराव नारायण (माधवराव द्वितीय) की अल्पायु के कारण शासन चलाने के लिए गठित परिषद का नाम क्या था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बाराभाई परिषद शासन चलाती थी।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोही गतिविधियों और नेतृत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहब ने किया था, जिन्होंने स्वयं को पेशवा घोषित कर ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का शंखनाद किया था।
2. नाना साहब के मुख्य सैन्य सलाहकार और रणनीतिकार के रूप में तात्या टोपे ने कानपुर की सेना का प्रभावी संचालन किया, जबकि अजीमुल्ला खां ने इस विद्रोह के वैचारिक और कूटनीतिक आयामों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
3. ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने कानपुर पर पुनः अधिकार प्राप्त करने के बाद नाना साहब और उनके सहयोगियों का पूर्ण रूप से सफाया कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप नाना साहब और तात्या टोपे कभी भी ब्रिटिश सेना के विरुद्ध आगे संघर्ष जारी नहीं रख सके।
4. अजीमुल्ला खां ने न केवल कानपुर के विद्रोह में सक्रिय भाग लिया, बल्कि उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के संदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित करने और विदेशों से समर्थन जुटाने के प्रयासों में भी योगदान दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महात्मा गांधी के भारत आगमन और उनके शुरुआती सत्याग्रहों (चंपारण, खेड़ा और असहयोग आंदोलन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद गांधीजी ने गोपाल कृष्ण गोखले की सलाह पर एक वर्ष तक ब्रिटिश भारत का भ्रमण किया और राजनीति से तटस्थ रहे, जिसके बाद उन्होंने वर्ष 1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में चंपारण के किसानों की समस्याओं से अवगत होकर भाग लिया था।
2. चंपारण सत्याग्रह (1917) के दौरान राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर बिहार गए गांधीजी के साथ राजेंद्र प्रसाद, जे.बी. कृपलानी, महादेव देसाई और अनसूया साराभाई जैसे प्रमुख नेता भी उनके साथ जुड़े थे, जिन्होंने तिनकठिया प्रथा के विरुद्ध जाँच में सहयोग किया था।
3. खेड़ा सत्याग्रह (1918) के दौरान फसलें बर्बाद होने और 'संहिता नियमों' (Revenue Code) के तहत लगान माफी का हक होने के बावजूद ब्रिटिश प्रशासन द्वारा लगान वसूली न रोकने पर, गांधीजी ने किसानों से 'लगान न अदायगी' (No-Tax Campaign) का सफल आह्वान किया था।
4. असहयोग आंदोलन (1920-22) के दौरान चौरी-चौरा (गोरखपुर) में हुई हिंसक घटना के कारण महात्मा गांधी ने बारदोली में कांग्रेस की बैठक बुलाकर इस आंदोलन को अचानक स्थगित करने की घोषणा की थी, जिससे देश के कई प्रमुख नेताओं जैसे चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने इस निर्णय का स्वागत किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गदर पार्टी और क्रांतिकारी आंदोलन के प्रारंभिक दौर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भाकना के प्रयासों से 'पैसिफिक कोस्ट हिंदुस्तान एसोसिएशन' की स्थापना की गई थी, जिसे बाद में इसके साप्ताहिक पत्र 'गदर' के नाम से 'गदर पार्टी' के रूप में जाना गया।
2. गदर पार्टी द्वारा प्रकाशित 'गदर' अखबार प्रारंभिक रूप से मुख्य रूप से गुरुमुखी और उर्दू में प्रकाशित होता था, और इसके पहले अंक के मुखपृष्ठ पर 'अंग्रेजी राज का कच्चा चिट्ठा' शीर्षक से ब्रिटिश शोषण की नीतियों का पर्दाफाश किया गया था।
3. प्रथम विश्व युद्ध के छिड़ते ही गदर पार्टी के नेताओं ने भारत में सशस्त्र विद्रोह भड़काने के उद्देश्य से 'युगांतर आश्रम' से हज़ारों प्रवासियों को भारत लौटने के लिए प्रेरित किया, जिसे 'कामागाटामारू प्रकरण' के साथ ही गदर आंदोलन की एक प्रमुख पूर्ववर्ती घटना माना जाता है।
4. रास बिहारी बोस और सचिन सान्याल के नेतृत्व में उत्तर भारत में गुप्त क्रांतिकारी संगठनों ने गदर पार्टी के असफ़ल 1915 के विद्रोह की योजनाओं को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया था, जिसका प्रमुख केंद्र लाहौर और बनारस था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और बंगाल में ब्रिटिश सत्ता की स्थापना के प्रारंभिक दौर के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पुर्तगाली गवर्नर अल्बुकर्क ने वर्ष 1510 में बीजापुर के आदिल शाह से गोवा पर अधिकार कर लिया था, जिसे पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक माना जाता है और उसने क्षेत्र में सती प्रथा को प्रतिबंधित करने का प्रयास किया था।
2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए चार्टर के माध्यम से पूर्वी देशों के साथ व्यापार करने का एकाधिकार प्राप्त हुआ था, और प्रारंभिक वर्षों में उनका मुख्य उद्देश्य सूरत और मसूलीपट्टनम में अपनी फैक्ट्रियां स्थापित करना था।
3. बंगाल में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वास्तविक रूप से राजनीतिक सुदृढ़ता वर्ष 1717 में मुगल सम्राट फर्रुख्शियर द्वारा जारी किए गए ऐतिहासिक 'फरमान' से मिली, जिसके तहत कंपनी को बिना कर दिए (दस्तक के माध्यम से) बंगाल में व्यापार करने का विशेषाधिकार प्राप्त हो गया था।
4. सिराजुद्दौला के विरुद्ध प्लासी के युद्ध (1757) में मीर जाफर और राबर्ट क्लाइव के बीच हुई गुप्त संधि के तहत यह तय हुआ था कि युद्ध के उपरांत मीर जाफर को बंगाल का नवाब बनाया जाएगा, तथा कंपनी को कलकत्ता की किलेबंदी करने और अपने सिक्का ढालने का अधिकार पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी आंदोलन और उनके प्रमुख संगठनों/घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भाकना द्वारा 'पैसिफिक कोस्ट एसोसिएशन ऑफ अमेरिका' की स्थापना की गई थी, जिसे आगे चलकर इसके साप्ताहिक पत्र 'गदर' के नाम पर लोकप्रिय रूप से 'गदर पार्टी' कहा गया।
2. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) की स्थापना की गई, जिसमें समाजवाद को संगठन के आधिकारिक उद्देश्य के रूप में शामिल किया गया।
3. वर्ष 1929 में असेंबली बम कांड के दौरान भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली में बम फेंका, जिसका मुख्य उद्देश्य किसी अंग्रेज अधिकारी की हत्या करना था ताकि ब्रिटिश सरकार में भय पैदा किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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