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Child Development
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बाल विकास के सिद्धांतों के संदर्भ में 'वर्तुल या कुंडलिलाकार प्रगति का सिद्धांत' (Principle of Spiral Advancement) निम्नलिखित में से किस महत्वपूर्ण तथ्य को सबसे स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है?

Detailed Explanation

बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों में 'वर्तुल या कुंडलिलाकार प्रगति का सिद्धांत' (Principle of Spiral Advancement) यह स्पष्ट करता है कि विकास कभी भी एक सीधी (Linear) रेखा में आगे नहीं बढ़ता है। विकास की प्रक्रिया में बालक आगे बढ़ने के साथ-साथ पीछे लौटकर अपने पिछले अनुभवों और कौशलों को मजबूत करता है और फिर एक नए स्तर पर आगे व ऊपर की ओर बढ़ता है। इस प्रकार, विकास की गति चक्राकार या कुंडलिलाकार होती है। बाल विकास की इन मूलभूत अवधारणाओं के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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बाल विकास के निर्धारण में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) की अंतःक्रिया के तात्विक और वैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, आर. वोर्थ्सवर्थ (R.S. Woodworth) के समीकरण 'Behavior = f(H × E)' तथा आधुनिक 'एपिजेनेटिक्स' (Epigenetics) के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के बीच के बुनियादी अंतरों को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन इन दोनों संकल्पनाओं के बीच के वैज्ञानिक संबंधों को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है? निम्नलिखित में से कौन सा अधिगम के आकलन का उदाहरण है? लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत में 'सांस्कृतिक उपकरण' (Cultural Tools) और 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, बालकों के उच्च मानसिक कार्यों (Higher Mental Functions) के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की संकल्पनाओं, उनके पारस्परिक अंतर तथा विकास के बुनियादी सिद्धांतों (जैसे- 'समीप-दूरीय क्रम' या प्रॉक्सिमोडिस्टल ट्रेंड और 'मस्तक-पुच्छीय क्रम' या सेफेलोकॉडल ट्रेंड) का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई शोधकर्ता यह प्रेक्षण करता है कि शारीरिक आकार, भार और लंबाई जैसे मात्रात्मक परिवर्तन एक निश्चित आयु सीमा के पश्चात रुक जाते हैं, किंतु मानसिक, संवेगात्मक और सामाजिक क्षमताओं का गुणात्मक विस्तार जीवनपर्यंत विभिन्न अवस्थाओं के साथ गतिशील रहता है और यह संपूर्ण प्रक्रिया आनुवंशिकता एवं पर्यावरण की जटिल अंतर्क्रिया तथा व्यक्तिगत भिन्नताओं के नियमों द्वारा शासित होती है, तो बाल विकास के इस वैज्ञानिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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