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History of India
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बौद्ध धर्म और जैन धर्म के प्रारंभिक दार्शनिक एवं संस्थागत विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बौद्ध संघों में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु सीमा 15 वर्ष निर्धारित की गई थी, जबकि जैन संघों में महिलाओं के प्रवेश पर महावीर स्वामी ने शुरुआत से ही पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा था।
- 2. जैन धर्म में मोक्ष प्राप्ति के लिए 'सल्लेखना' (संथारा) पद्धति द्वारा प्राण त्यागने के विधान को मान्यता दी गई है, जबकि बौद्ध धर्म में अतिवादी कायाक्लेश या उपवास द्वारा शरीर को कष्ट देने की निंदा की गई है।
- 3. बौद्ध धर्म के द्वितीय बौद्ध संगीति के दौरान संघ 'स्थविरवादी' और 'महासांगिक' नामक दो प्रमुख संप्रदायों में विभाजित हो गया था, जिसका मुख्य कारण विनय पिटक के नियमों में लचीलापन लाना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि बौद्ध संघों में प्रव्रज्या (प्रवेश) के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष नहीं बल्कि 8 वर्ष थी, और जैन धर्म में भी महिलाओं को संघ में दीक्षा दी गई थी (चंदनबाला जैन संघ की प्रथम महिला भिक्षुणी थीं)। कथन 2 सत्य है क्योंकि जैन दर्शन में सल्लेखना या संथारा पद्धति द्वारा उपवास के माध्यम से शरीर त्यागने को मान्यता है, और महात्मा बुद्ध ने मध्यम मार्ग का उपदेश देते हुए अत्यधिक कायाक्लेश और उपवास जैसे कठोर शारीरिक कष्टों का तिरस्कार किया था। कथन 3 असत्य है क्योंकि बौद्ध संघ का प्रथम विभाजन द्वितीय बौद्ध संगीति (वैशाली) में 'स्थविर' और 'महासांगिक' के रूप में अनुशासनिक मतभेदों (दशविध वस्तु) के कारण हुआ था, न कि केवल विनय नियमों में लचीलापन लाने हेतु। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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पाण्ड्य राज्य के किन दो भाइयों के बीच उत्तराधिकार के संघर्ष ने मलिक काफूर को हस्तक्षेप का मौका दिया?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में वीर कुंवर सिंह और उनके उत्तराधिकारी अमर सिंह के नेतृत्व तथा संघर्ष के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वीर कुंवर सिंह ने आरा पर अधिकार करने के बाद ब्रिटिश सेनापति कैप्टन डनबर की संयुक्त सेना को बुरी तरह परास्त किया था, तथा आजमगढ़ और बलिया क्षेत्रों में अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी थी।
2. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के उपरांत उनके छोटे भाई अमर सिंह ने जगदीशपुर के जंगलों से अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष को सफलतापूर्वक जारी रखा और ब्रिटिश सेना के विरुद्ध एक समानांतर प्रशासन का संचालन किया।
3. अमर सिंह द्वारा संचालित संघर्ष के दौरान उनकी सेना ने ब्रिटिश जनरल कैम्पबेल और लूगार्ड की सेनाओं के समक्ष कई बार औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया था, किंतु अंग्रेजों द्वारा क्षमादान न मिलने के कारण वे पुनः जंगलों में चले गए थे।
4. अमर सिंह को अंततः अंग्रेजों द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था और उन्हें बक्सर के किले में सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, केंद्रीय एवं प्रांतीय तंत्र तथा उसके विशिष्ट अधिकारियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्य प्रशासन में 'अध्यक्ष' विभिन्न विभागों (जैसे कृषि, खनन, मुद्रा आदि) के प्रमुख होते थे, जिनका विस्तृत विवरण कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में मिलता है, और इनमें 'पण्यध्यक्ष' वाणिज्य विभाग का तथा 'लक्षणाध्यक्ष' टकसाल (मुद्रा) का प्रमुख अधिकारी होता था।
2. अशोक के शासनकाल में प्रांतीय प्रशासन के अंतर्गत साम्राज्य को पांच प्रमुख प्रांतों में विभाजित किया गया था, जिनके प्रशासनिक प्रमुख के रूप में 'कुमार' या 'आर्यपुत्र' (राजपरिवार के सदस्य) नियुक्त किए जाते थे, और तक्षशिला एवं उज्जयिनी जैसे महत्वपूर्ण प्रांतों में इनका नियंत्रण विशेष रूप से रहता था।
3. मेगास्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार, पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन छह समितियों (Boards) द्वारा संचालित होता था, जिनमें प्रत्येक समिति में पांच सदस्य होते थे, जो शिल्पकारों के निरीक्षण, विदेशियों की देखरेख, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और व्यापारिक करों की वसूली जैसे कार्य संभालते थे।
4. मौर्य प्रशासन में गुप्तचर व्यवस्था अत्यंत सुदृढ़ थी, जिसके लिए 'संचारी' (भ्रमण करने वाले गुप्तचर) और 'संस्थार' (एक ही स्थान पर रहकर कार्य करने वाले गुप्तचर) नामक दो प्रमुख श्रेणियों का उल्लेख मिलता है, तथा इन्हें महामात्य के नियंत्रण में रखा जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्धन राजवंश तथा दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) के कला, प्रशासन और राजनीतिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महाबलीपुरम के प्रसिद्ध रथ मंदिरों का निर्माण पल्लव शासक नरसिंहवर्मन प्रथम (महमल्ल) के शासनकाल में हुआ था, और ये सभी मंदिर एकात्म (Monolithic) चट्टानों को काटकर बनाए गए हैं।
2. बादामी के चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, जिसकी जानकारी हमें कालिदास की प्रसिद्ध रचना 'हर्षचरित' से मिलती है।
3. चोल राजवंश की स्थानीय स्वशासन प्रणाली, विशेषकर उत्तरमेरूर अभिलेखों में वर्णित ग्राम सभाओं और चुनावों की कार्यप्रणाली, उनकी प्रशासनिक उत्कृष्टता का एक अनूठा उदाहरण थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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