BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
15 views

ध्वनि तीव्रता?

Detailed Explanation

एकांक क्षेत्रफल से ऊर्जा।
Share:

Related Questions

आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हार्डी-वेनबर्ग साम्य (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संकरण करने वाले जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर और निरंतर बनी रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवासन और आनुवंशिक विचलन जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों। 2. लैमार्कवाद (Lamarckism) के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) के सिद्धांत का खंडन वीजमैन (August Weismann) द्वारा अपने चूहों की पूंछ काटने के प्रयोग के माध्यम से किया गया था, जिसमें उन्होंने यह सिद्ध किया कि कायिक कोशिकाओं (Somatic cells) में होने वाले परिवर्तन अगली पीढ़ी में स्थानांतरित नहीं होते हैं। 3. 'जेनेटिक ड्रिफ्ट' (Genetic drift) या आनुवंशिक विचलन मुख्य रूप से बड़े आकारों वाली जनसंख्या में अत्यधिक प्रभावी होता है, और यह अनुकूلی चयन के परिणामस्वरूप एलील आवृत्तियों में एक नियत दिशा में क्रमिक परिवर्तन उत्पन्न करता है। 4. समजात अंग (Homologous organs) वे अंग होते हैं जिनकी मूल संरचना और भ्रूणय विकास समान होते हैं लेकिन उनके कार्य भिन्न हो सकते हैं, जो अपसारी विकास (Divergent evolution) का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? प्रकाश संश्लेषण का रंग? मानव शरीर के तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आमाशय की जठर भित्ति (Gastric mucosa) में पाई जाने वाली पेप्टिक या मुख्य कोशिकाएं (Chief cells) निष्क्रिय 'पेप्सिनोजेन' का स्राव करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में बदल जाता है, और यह एंजाइम प्रोटीन को प्रोटीज तथा पेप्टोन में जलअपघटित करता है। 2. फुफ्फुसीय वेंटिलेशन (Pulmonary ventilation) के दौरान, बाह्य अंतरपर्शुक पेशियों (External intercostal muscles) और डायाफ्राम का संकुचन वक्ष गुहा के आयतन को बढ़ाता है और अंतराफुफ्फुसीय दाब (Intra-pulmonary pressure) को वायुमंडलीय दाब से अधिक कर देता है, जिससे वायु फेफड़ों के भीतर बलपूर्वक प्रवेश करती है। 3. तंत्रिका तंत्र में सिनेप्स के माध्यम से आवेगों का संचरण होता है, और रासायनिक सिनेप्स पर जब एक्शन पोटेंशियल पहुँचता है, तो प्री-सिनेप्टिक झिल्ली पर वोल्टेज-संवेदी कैल्शियम आयन चैनल खुल जाते हैं, जिससे न्यूरोट्रांसमीटर से भरे पुटिकाएं (Vesicles) एक्सोसाइटोसिस द्वारा सिनेप्टिक क्लेफ्ट में मुक्त होते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? पदार्थ के सामान्य गुणों—विशेषकर पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत—के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव अणुओं के बीच लगने वाले ससंजक बलों (Cohesive forces) का परिणाम होता है, और जब तापमान क्रांतिक ताप (Critical temperature) तक पहुँच जाता है, तो पृष्ठ तनाव का मान शून्य हो जाता है। 2. द्रवों की श्यानता तापमान बढ़ने पर घटती है क्योंकि अणुओं के बीच की संसक्त ऊर्जा कमजोर हो जाती है, जबकि गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर घटती है क्योंकि उच्च ताप पर अणुओं के बीच संवेग स्थानांतरण कम हो जाता है। 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी तरल में पूर्ण या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो उस पर ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावक बल (Buoyant force) विस्थापित तरल के केंद्र पर कार्य करता है, जिसे उत्प्लावन केंद्र (Centre of buoyancy) कहते हैं। 4. जब कोई केशिका नली (Capillary tube) ऐसे द्रव में डुबोई जाती है जो काँच को भिगोता है, तो द्रव नली में नीचे गिर जाता है और उसका चंद्रतल (Meniscus) उत्तल (Convex) होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब किसी उत्तल लेंस (Convex lens) को ऐसे पारदर्शी द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की अभिसारी प्रकृति (Converging nature) उलट जाती है और वह एक अपसारी लेंस (Diverging lens) की भाँति व्यवहार करने लगता है। 2. अवतल दर्पण के सामने वस्तु को उसके वक्रता केंद्र और फोकस के बीच रखने पर उसका वास्तविक, उल्टा और वस्तु से बड़ा प्रतिबिंब वक्रता केंद्र के परे (बाहर) बनता है। 3. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की परिघटना के लिए प्रकाश की किरण का विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाना अनिवार्य है, तथा आपतन कोण का मान माध्यम के क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए। 4. सरल सूक्ष्मदर्शी (Simple Microscope) मूलतः एक कम फोकस दूरी का उत्तल लेंस होता है, जिसके द्वारा बना अंतिम प्रतिबिंब आभासी, सीधा और आवर्धित होता है, बशर्ते वस्तु को लेंस के प्रकाशिक केंद्र और उसके मुख्य फोकस के बीच रखा जाए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.