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General Science
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ध्वनि प्रबलता?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेसिबल।
Related Questions
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रासायनिक बंधन और अम्ल-क्षार सिद्धांतों (Acids, Bases and Salts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आयनिक क्रिस्टल की जालक एंथैल्पी (Lattice Enthalpy) का मान जितना अधिक होता है, उस आयनिक यौगिक का जल में घुलनशीलता (Solubility) उतनी ही अधिक होने की संभावना होती है।
2. कठोर-मृदु अम्ल-क्षार (HSAB) सिद्धांत के अनुसार, कठोर अम्ल उन छोटे और उच्च धनवेशित धातु आयनों को संदर्भित करते हैं जिनका विरूपण करना कठिन होता है, और वे प्राथमिकता से कठोर क्षारों के साथ मजबूत और स्थिर बmpl बॉण्ड बनाते हैं।
3. जब कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) को जल में घोला जाता है, तो यह कार्बोनिक अम्ल ($H_2CO_3$) का निर्माण करता है, जो लुईस संकल्पना के अनुसार एक 'लुईस अम्ल' का उत्कृष्ट उदाहरण है क्योंकि इसके केंद्रीय परमाणु का अष्टक पूर्ण होता है और यह इलेक्ट्रॉन युग्म दान करता है।
4. बफर विलयन (Buffer Solution) की बफर क्षमता (Buffer Capacity) उस विलयन में उपस्थित अम्ल और उसके लवण (या क्षार और उसके लवण) के सांद्रण अनुपात पर निर्भर करती है, और जब यह अनुपात 1:1 होता है, तब बफर क्षमता अधिकतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सूक्ष्मदर्शी?
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भौतिक राशियों की माप और प्रेक्षणों में त्रुटियों (Errors in Measurement) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब दो भौतिक राशियों को जोड़ा या घटाया जाता है, तो अंतिम परिणाम में निरपेक्ष त्रुटियाँ (Absolute errors) हमेशा आपस में जुड़ जाती हैं, भले ही मूल राशियों की माप में त्रुटि धनात्मक हो या ऋणात्मक।
2. यदि किसी भौतिक राशि $x$ का संबंध $x = \frac{a^2 b^3}{c}$ से है, तो इस राशि के मापन में अधिकतम संभावित आनुपातिक त्रुटि $\frac{\Delta x}{x} = 2\left(\frac{\Delta a}{a}\right) + 3\left(\frac{\Delta b}{b}\right) + \left(\frac{\Delta c}{c}\right)$ के बराबर होती है।
3. 'यथार्थता' (Accuracy) किसी माप की वास्तविक मान के निकटता की माप को दर्शाती है, जबकि 'शुद्धता या परिशुद्धता' (Precision) यह निर्धारित करती है कि माप किस विभेदन (Resolution) या सीमा तक ली गई है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों, लेंसों और दर्पणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और वह अभिसारी (Converging) लेंस की तरह व्यवहार करने के बजाय अपसारी (Diverging) लेंस की भांति कार्य करने लगता है।
2. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) और उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) के बीच का संबंध $f = R/2$ होता है, और यह संबंध केवल तभी पूर्ण रूप से सत्य है जब आपतित किरणें मुख्य अक्ष के बहुत निकट (paraxial rays) हों।
3. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की घटना के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जा रही हो और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए।
4. एक समतल दर्पण की आवर्धन क्षमता (Magnification) का मान हमेशा +1 होता है, जिसका अर्थ यह है कि इसके द्वारा बना प्रतिबिंब हमेशा वस्तु के आकार के बराबर, आभासी और सीधा होता है, भले ही वस्तु दर्पण से कितनी भी दूरी पर क्यों न रखी हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आँख के किस भाग में वस्तु का प्रतिबिंब बनता है?
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