त्वरित लिंक्स
History of India
8 views
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह द्वारा संचालित संघर्ष और सैन्य रणनीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जगदीशपुर के 80 वर्षीय जमींदार बाबू कुंवर सिंह ने ब्रिटिश सेना के खिलाफ दानापुर के विद्रोही सैनिकों के साथ मिलकर आरा पर अधिकार कर लिया था, और बाद में ब्रिटिश सेनापति कैप्टन डनबर को एक भीषण मुठभेड़ में पराजित किया था।
- 2. ब्रिटिश सेनाओं द्वारा जगदीशपुर पर पुनः अधिकार किए जाने और कुंवर सिंह की मृत्यु (अप्रैल 1858) के पश्चात, उनके छोटे भाई अमर सिंह ने कैमूर की पहाड़ियों से अंग्रेजों के विरुद्ध गुरिल्ला युद्ध (छापामार युद्ध) का नेतृत्व जारी रखा और एक समानांतर सरकार की स्थापना की थी।
- 3. अमर सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस प्रतिरोध को दबाने के लिए ब्रिटिश कमांडर जनरल डगलस और कमिश्नर विलियम टेलर को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था, तथा यह संघर्ष वर्ष 1858 के अंत तक अनवरत रूप से चलता रहा।
- 4. कुंवर सिंह ने अपनी सैन्य अभियान के दौरान केवल बिहार और उत्तर प्रदेश (आजमगढ़ और बलिया) तक ही अपनी गतिविधियाँ सीमित रखीं, और कभी भी मध्य भारत या रीवा के क्षेत्रों की ओर सैन्य संपर्क स्थापित नहीं किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वर्ष 1857 के विद्रोह के दौरान बिहार में जगदीशपुर के बाबू कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध अभूतपूर्व साहस और सैन्य कौशल का परिचय दिया था। कुंवर सिंह ने दानापुर के विद्रोही सिपाहियों के साथ मिलकर आरा पर कब्जा किया और कैप्टन डनबर की सेना को परास्त किया। अप्रैल 1858 में कुंवर सिंह की मृत्यु के बाद उनके भाई अमर सिंह ने कैमूर की पहाड़ियों से अंग्रेजों के खिलाफ छापामार (गुरिल्ला) युद्ध का नेतृत्व संभाला और अपनी समानांतर सरकार चलाई। इसके अलावा, कुंवर सिंह ने केवल बिहार या उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने रीवा, कलपी और आजमगढ़ तक अपने सैन्य अभियानों का विस्तार किया था। इस प्रकार कथन 1, 2 और 3 सही हैं, जबकि कथन 4 गलत है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विद्रोह को दबाने वाले ब्रिटिश अधिकारियों और उनके संबंधित क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली - जॉन निकलसन और हडसन
2. कानपुर और लखनऊ - सर कॉलिन कैंपबेल और हेवलॉक
3. झांसी और ग्वालियर - सर ह्यूरोज
4. बिहार - विलियम टेलर और विसेंट आयर
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता के पीछे निहित कारणों और नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विद्रोहियों के पास किसी केंद्रीय नेतृत्व, सर्वमान्य राजनीतिक दृष्टिकोण या सुनियोजित सैन्य रणनीति का पूर्ण अभाव था; यद्यपि मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को प्रतीकात्मक नेता घोषित किया गया था, किंतु उनके पास न तो वास्तविक सैन्य नियंत्रण था और न ही विभिन्न क्षेत्रों के विद्रोही नेताओं के बीच कोई प्रभावी समन्वय था।
2. भारतीय समाज का एक बड़ा और प्रभावशाली वर्ग — जिसमें अधिकांश बड़े जमींदार, साहूकार, और आधुनिक शिक्षा प्राप्त मध्यम वर्ग शामिल था — इस विद्रोह से या तो तटस्थ रहा या उसने ब्रिटिश शासन का सक्रिय समर्थन किया, क्योंकि उन्हें यह भय था कि विद्रोह की सफलता से देश में पुनः सामंती अराजकता और पूर्व-आधुनिक व्यवस्था लौट आएगी।
3. ब्रिटिश सेना के पास आधुनिक संचार साधनों (जैसे टेलीग्राफ), रेलवे, अत्यधिक उन्नत तोपखाने और प्रशिक्षित सैन्य नेतृत्व की भारी बढ़त थी, जबकि विद्रोहियों के पास संसाधनों की भारी कमी थी और वे मुख्य रूप से पारंपरिक हथियारों पर निर्भर थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
महात्मा गांधी के भारत आगमन के उपरांत उनके शुरुआती सत्याग्रह आंदोलनों (चंपारण, खेड़ा और अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह (1917) के दौरान राजकुमार शुक्ल के आमंत्रण पर गांधीजी जब चंपारण पहुँचे, तो वहाँ तिनकथा प्रणाली के तहत किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करना अनिवार्य था, जिसे समाप्त करने के लिए सरकार ने 'चंपारण कृषि समिति' का गठन किया जिसमें गांधीजी स्वयं एक सदस्य थे।
2. अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918) में मिल मालिकों और मजदूरों के बीच 'प्लague बोनस' को लेकर विवाद था, जहाँ गांधीजी ने पहली बार भारत में भूख हड़ताल (Hunger Strike) का सफल प्रयोग किया और अंततः ट्रिब्यूनल द्वारा मजदूरों को 35 प्रतिशत बोनस देने का निर्णय सुनाया गया।
3. खेड़ा सत्याग्रह (1918) गुजरात में फसल बर्बाद होने के बावजूद राजस्व वसूली के विरोध में किया गया था, जिसमें सरदार वल्लभभाई पटेल और इंदुलाल याग्निक जैसे नेताओं ने गांधीजी का सहयोग किया और सरकार को यह निर्देश देना पड़ा कि लगान केवल उन्हीं किसानों से वसूला जाए जो भुगतान करने में सक्षम हैं।
4. इन तीनों आंदोलनों में चंपारण सत्याग्रह अखिल भारतीय स्तर का पहला सत्याग्रह था, जबकि खेड़ा आंदोलन में गांधीजी ने पहली बार असहयोग के हथियार का प्रयोग किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
1857 के महान विद्रोह के दौरान झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के सैन्य अभियानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1858 में सर ह्यूरोज के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना द्वारा झांसी के दुर्तिदुर्ग की घेराबंदी किए जाने पर, रानी लक्ष्मीबाई ने कालपी की ओर प्रस्थान किया जहाँ तात्या टोपे की सेना के साथ मिलकर उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध कड़ा प्रतिरोध किया।
2. कालपी के युद्ध में पराजित होने के बाद रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने ग्वालियर की ओर प्रस्थान किया और वहाँ के सिंधिया शासक को अपने पक्ष में करते हुए ग्वालियर के दुर्ग पर अधिकार कर लिया।
3. ग्वालियर के पतन के पश्चात अंतिम निर्णायक युद्ध में अंग्रेजों से लड़ते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं, जबकि तात्या टोपे नेपाल के जंगलों में सुरक्षित निकल गए जहाँ उन्हें कभी पकड़ा नहीं जा सका।
4. तात्या टोपे को अंततः उनके एक जमींदार मित्र मानसिंह के विश्वासघात के कारण सोते समय पकड़ लिया गया और शिवपुरी में ब्रिटिश सैन्य अदालत द्वारा मुकदमा चलाकर उन्हें फांसी दे दी गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मुगल काल में "हश्त-बिहिश्त" (Hasht-Bihisht) योजना का संबंध किससे था?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.