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History of India
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दिल्ली सल्तनत के विभिन्न राजवंशों के प्रशासनिक और सैन्य सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कुतुबुद्दीन ऐबक ने अपने शासनकाल में 'लाखो बख्श' की उपाधि धारण की थी और उसने दिल्ली में कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद का निर्माण कराया था, जबकि प्रशासनिक रूप से उसने सुल्तान की उपाधि धारण न करके केवल 'मलिक' और 'सिपहसालार' के रूप में शासन किया।
  2. 2. अलाउद्दीन खिलजी ने मंगोल आक्रमणों का मुकाबला करने के लिए 'दीवान-ए-आरिज' विभाग को पुनर्गठित किया और सैनिकों की सीधी भर्ती के साथ-साथ 'दाग' (घोड़ों को दागना) और 'चਿਹरा' (सैनिकों का हुलिया दर्ज करना) प्रणाली की शुरुआत की।
  3. 3. मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में मोरक्को का प्रसिद्ध यात्री इब्न बतूता भारत आया था, जिसे सुल्तान ने दिल्ली का काजी नियुक्त किया था और बाद में उसे अपना राजदूत बनाकर चीन भी भेजा था।
  4. 4. सिकंदर लोदी ने अपनी राजधानी दिल्ली से आगरा स्थानांतरित की और कृषि व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए अनाज पर लगने वाले 'जकात' कर को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। कुतुबुद्दीन ऐबक ने अपनी उदारता के कारण 'लाखो बख्श' की उपाधि प्राप्त की और सुल्तान की बजाय मलिक व सिपहसालार की पदवी से शासन चलाया। अलाउद्दीन खिलजी ने सैन्य दक्षता बढ़ाने के लिए दाग और हुलिया प्रथा तथा दीवान-ए-आरिज का सुदृढ़ीकरण किया। मुहम्मद बिन तुगलक के दरबार में इब्न बतूता आया था जिसे काजी नियुक्त किया गया और चीन दूत बनाकर भेजा गया। सिकंदर लोदी ने 1504 में आगरा शहर बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया तथा व्यापारिक सहूलियत के लिए जकात कर हटाया। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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