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General Science
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सोनार (SONAR) किस सिद्धांत पर आधारित है?

Detailed Explanation

परावर्तित पराश्रव्य तरंगों का उपयोग।
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परमाणु भार? रेबीज के टीके की खोज? ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) के नियमों और ऊष्मीय प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) 'तापमान' की अवधारणा को परिभाषित करता है और यह बताता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे। 2. समदाबी प्रक्रम (Isobaric process) के दौरान निकाय को दी जाने वाली कुल ऊष्मा का एक भाग उसकी आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन करने में तथा शेष भाग कार्य करने में व्यय होता है, और इस प्रक्रिया में दाब स्थिर रहता है जबकि आयतन और तापमान दोनों परिवर्तित होते हैं। 3. कार्नोट इंजन (Carnot engine) की दक्षता पूरी तरह से उसके कार्यकारी पदार्थ की प्रकृति और उसके रासायनिक संगठन पर निर्भर करती है, जबकि स्रोत (Source) और सिंक (Sink) के तापमान का इसमें कोई योगदान नहीं होता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के कोशिकांगों और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सूत्रकणिका (Mitochondria) और हरित लवक (Chloroplast) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं, जिनमें उनके अपने स्वयं के द्विमार्गी वृत्ताकार डीएनए, 70S प्रकार के राइबोसोम और प्रोटीन संश्लेषण करने की क्षमता होती है। 2. गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus) का 'cis' (निर्माण) चेहरा अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum) की तरफ स्थित होता है, जबकि 'trans' (परिपक्व) चेहरा प्लाज्मा झिल्ली की तरफ होता है, और यह ग्लाइकोसिलेशन तथा ग्लाइकोलिपिड के निर्माण का मुख्य स्थल है। 3. परॉक्सिसोम (Peroxisome) एक झिल्ली-बद्ध कोशिकांग है जो कैटालेज और ऑक्सीडेज एंजाइमों से समृद्ध होता है, और यह पादप कोशिकाओं में ग्लायॉक्सीलेट चक्र के माध्यम से वसा अम्लों के कार्बोहाइड्रेट में रूपांतरण में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेता है। 4. लाइसोसोम (Lysosome) अंतःकोशिकी पाचन के लिए उत्तरदायी होते हैं और इनमें अम्लीय फॉस्फेटेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइम होते हैं, जिनकी सक्रियता का अनुकूलतम pH लगभग 7.4 (क्षारीय) होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुंबकत्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस कुंडली से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के सीधे आनुपातिक होता है। 2. 'लेंज का नियम' (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का एक परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा सदैव उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है। 3. जब किसी लंबी परिनालिका (Solenoid) के भीतर कोई 'लौहचुंबकीय पदार्थ' (Ferromagnetic material) का क्रोड रखा जाता है, तो परिनालिका के भीतर का कुल चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic field) निर्वात की तुलना में काफी कम हो जाता है क्योंकि लौहचुंबकीय पदार्थ अनुचुंबकीय (Paramagnetic) की तरह विपरीत दिशा में चुंबकत्व प्रदर्शित करते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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