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अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse Waves) किस रूप में गमन करती हैं?

Detailed Explanation

प्रकाश तरंगें शिखर और गर्त के रूप में चलती हैं।
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अमृता? मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र और हॉर्मोनल विनियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रो핀-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को उद्दीप्त कर ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) के संश्लेषण और स्रावण को प्रेरित करता है। 2. पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) स्वयं किसी भी हॉर्मोन का संश्लेषण नहीं करती है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस के न्यूरोसेक्रेटरी कोशिकाओं द्वारा उत्पादित ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) हॉर्मोन्स का संचयन और विमोचन करती है। 3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का कॉर्टेक्स भाग एंड्रोजन, ग्लूकोकोर्टिकोइड्स और मिनਰलोकॉर्टिकोइड्स का स्रावण करता है, जबकि इसका मेडुला भाग 'लड़ो या भागो' प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने वाले कैटेकोलामाइन्स (एपिनीफ्राइन और नॉरएपिनीफ्राइन) का उत्पादन करता है। 4. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाएँ मिश्रित ग्रंथि के रूप में कार्य करती हैं, जिसमें अल्फा कोशिकाएँ 'इंसुलिन' का स्रावण करती हैं जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को कम करता है, जबकि बीटा कोशिकाएँ 'ग्लुकागोन' का स्रावण करती हैं जो ग्लाइकोजेनोलिसिस को बढ़ावा देता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव पोषण और जैव अणुओं (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा विटामिन) के रासायनिक और कार्यगत संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्लाइकोजन एक शाखित पॉलिसैराइड है जो मुख्य रूप से जंतुओं और कवक में ऊर्जा संचय का कार्य करता है, तथा इसकी संरचना पादप स्टार्च के 'एमिलापैक्टिन' के समान होती है किंतु इसमें शाखाओं का घनत्व बहुत अधिक होता है (लगभग हर 8 से 10 ग्लूकोज इकाइयों के बाद)। 2. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential amino acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर की कोशिकाओं में आनुवंशिक रूप से हो सकता है, जबकि अनावश्यक अमीनो अम्ल वे हैं जिन्हें शरीर में संश्लेषित नहीं किया जा सकता और उन्हें आहार से लेना अनिवार्य होता है। 3. विटामिन $B_{12}$ (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसका भंडारण यकृत में कई वर्षों तक हो सकता है, जबकि अन्य अधिकांश जल-विलेय विटामिन शरीर में संचित नहीं होते और मूत्र के साथ उत्सर्जित हो जाते हैं। 4. सेलूलोज एक रैखिक पॉलिसैराइड है जो $eta$-डी-ग्लूकोज ($eta$-D-glucose) इकाइयों के C1-C4 ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने वाले एंजाइम की अनुपस्थिति के कारण यह ऊर्जा का स्रोत नहीं बन पाता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोन नियंत्रण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) के अग्र भाग (Adenohypophysis) द्वारा स्रावित 'ग्रोथ हॉर्मोन' (GH) या सोमैटोट्रोफिन सीधे तौर पर हड्डियों और ऊतकों की वृद्धि को नियंत्रित करता है, और इसकी वयस्क अवस्था में अत्यधिक मात्रा से 'एक्रोमेगाली' (Acromegaly) नामक विकार उत्पन्न होता है। 2. अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) द्वारा स्रावित 'एल्डोस्टेरोन' (Aldosterone) एक मिनरलोकॉर्टिकॉइड है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनravsorption (पुनःअवशोषण) को बढ़ाता है तथा पोटेशियम और फॉस्फेट आयनों के उत्सर्जन को प्रेरित करता है। 3. पैराथाइरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है, और यह आंतों, हड्डियों तथा वृक्कों पर कार्य करके 'हाइपोकैल्सेमिया' की स्थिति को ठीक करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में वृद्धि के कारण परमाणु त्रिज्या में निरंतर कमी आती है, किंतु उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) की वान डर वाल्स त्रिज्या (Van der Waals radius) उनके संबंधित हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या से काफी अधिक होती है। 2. ऑक्सीजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी का मान नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी से अधिक होता है, क्योंकि नाइट्रोजन के 2p कक्षक में आधे भरे (half-filled) होने के कारण प्राप्त अतिरिक्त स्थायित्व को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। 3. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान फ्लोरीन की तुलना में क्लोरीन का अधिक होता है, जिसका प्रमुख कारण फ्लोरीन के छोटे आकार के कारण इसके सघन इलेक्ट्रॉन मेघ द्वारा आने वाले इलेक्ट्रॉन पर प्रतिकर्षण बल लगाना है। 4. लैंथानाइड संकुचन (Lanthanoid Contraction) के प्रभाव के कारण आवर्त सारणी में छठे आवर्त के संक्रमण तत्वों (जैसे Hf) की परमाणु त्रिज्या पाँचवें आवर्त के उनके ठीक ऊपर के समरूप तत्वों (जैसे Zr) की तुलना में लगभग समान हो जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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