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History of India
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महाजनपद काल और मगध के उत्कर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित महाजनपदों और उनकी राजधानियों के युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अंग - चंपा
  2. 2. चेदि - सोत्थिवतीनगर (सुक्तिमती)
  3. 3. वत्स - कौशाम्बी
  4. 4.

मस्ति (मल्ला) - कुशीनारा उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

Detailed Explanation

छठी शताब्दी ईसा पूर्व में भारतीय उपमहाद्वीप में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सोलह महाजनपदों का उदय हुआ था, जिनका उल्लेख बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में मिलता है। इस काल में मगध साम्राज्य ने अपनी भौगोलिक स्थिति, उपजाऊ भूमि, प्रचुर खनिज संसाधनों (विशेषकर लौह अयस्क) और कूटनीतिज्ञ शासकों के बल पर अन्य महाजनपदों को पीछे छोड़ते हुए सर्वोच्चता स्थापित की। दिए गए सभी युग्म सही सुमेलित हैं: अंग की राजधानी चंपा थी, चेदि की राजधानी सोत्थिवतीनगर (सुक्तिमती) थी, वत्स की राजधानी कौशाम्बी थी, और मल्ल (मस्ति) महाजनपद की राजधानी कुशीनारा तथा पावा थीं। इस कालखंड और मगध के राजनीतिक इतिहास के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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बौद्ध धर्म और जैन धर्म के प्रारंभिक विकास, दार्शनिक मान्यताओं तथा संगीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बौद्ध धर्म के विपरीत जैन धर्म ने आत्मा के अस्तित्व को पूर्णतः अस्वीकार किया है और केवल 'पुद्गल' तथा 'अजीव' को ही वास्तविक तत्व माना है, जबकि महावीर स्वामी ने 'स्यादवाद' (अनेकांतवाद) के सिद्धांत के माध्यम से ज्ञान की सापेक्षता का प्रतिपादन किया। 2. प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन राजगृह के सप्तपर्णी गुफा में अजातशत्रु के संरक्षण में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता महाकस्सप ने की थी और इसी संगीति में बुद्ध के उपदेशों को 'सुत्तपिटक' और 'विनयपिटक' के रूप में संकलित किया गया था। 3. जैन धर्म की प्रथम संगीति पाटलिपुत्र में स्थूलभद्र की अध्यक्षता में मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में आयोजित की गई थी, जिसमें जैन ग्रंथों के प्राचीन बारह अंगों का संकलन किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में हुए संघर्ष और उनके दमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने विद्रोह का नेतृत्व किया था, जिन्हें ब्रिटिश सेना द्वारा उनकी सैन्य क्षमताओं के कारण 'डंका शाह' भी कहा जाता था, और वे अंत में पुवायाँ के राजा की गद्दारी के कारण अंग्रेजों के विरुद्ध मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए थे। 2. बरेली में रोहिल्ला सेना का नेतृत्व करने वाले खान बहादुर खान ने ब्रिटिश शासन के पतन के बाद अपनी स्वतंत्र सरकार गठित की थी, जिसे मार्च 1858 में सर कॉलिन कैंपबेल के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेना ने पूरी तरह से कुचल दिया और उन्हें बाद में फाँसी दे दी गई। 3. इलाहाबाद (प्रयागराज) में मौलवी लियाकत अली ने विद्रोह की कमान संभाली थी, और इस महत्वपूर्ण सामरिक केंद्र पर पुनः नियंत्रण प्राप्त करने के लिए ब्रिटिश अधिकारी कर्नल जेम्स नील ने अत्यधिक क्रूरता और दमनकारी नीतियों का सहारा लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? मुगलकालीन प्रशासनिक व्यवस्था, भू-राजस्व प्रणालियों तथा मनसबदारी व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अकबर द्वारा अपने शासनकाल के 24वें वर्ष (1580 ई.) में स्थापित 'दहसाला' (या 'आइं-ए-दहसाला') प्रणाली राजा टोडरमल के मार्गदर्शन में विकसित की गई थी, जिसके तहत पिछले दस वर्षों (10 वर्ष) के दौरान विभिन्न फसलों के औसत उत्पादन और उनके प्रचलित औसत बाजार मूल्य का विश्लेषण कर मालगुजारी का निर्धारण किया जाता था। 2. जहाँगीर के शासनकाल के दौरान मनसबदारी व्यवस्था में 'दुस्पासिह-अस्पासिह' (Du-aspa Sih-aspa) नामक नवीन रैंक या नियम जोड़ा गया, जिसके अंतर्गत मनसबदारों को अपने मूल सवार पद से अधिक घोड़े रखने की अनुमति बिना किसी अतिरिक्त जात पद बढ़ाए दी जाती थी, और इस पर शाही खजाने से अतिरिक्त भत्ता मिलता था। 3. शाहजहाँ ने अपने शासनकाल में मनसबदारी व्यवस्था में 'माहवार' (Month-scale) प्रणाली की शुरुआत की, जिसके अनुसार यदि किसी जागीर की आय मनसबदार के कुल 12 महीनों के वेतन के बराबर नहीं होती थी, तो उसके वेतन में अनुपातिक रूप से कटौती कर दी जाती थी ताकि जागीरों की आय और वेतन के बीच संतुलन बनाया जा सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के पश्चात ब्रिटिश क्राउन द्वारा लाए गए भारत सरकार अधिनियम 1858 और 'क्वीन विक्टोरिया की घोषणा' (1 नवंबर 1858) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम के तहत भारत के नियंत्रण के लिए ब्रिटिश मंत्रिमंडल में 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) के नए पद का सृजन किया गया, जिसे सहायता प्रदान करने के लिए 15 सदस्यीय 'भारत परिषद' (Council of India) का गठन किया गया, जिसके आधे सदस्यों की नियुक्ति ब्रिटिश संसद द्वारा और आधे सदस्यों की नियुक्ति क्राउन द्वारा की जाती थी। 2. इलाहाबाद में आयोजित दरबार में लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ी गई क्वीन विक्टोरिया की घोषणा में यह आश्वासन दिया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीय रियासतों के साथ पूर्व में की गई संधियों और अनुबंधों का सम्मान करेगी और भविष्य में किसी भी भारतीय राज्य का विलय नहीं किया जाएगा। 3. घोषणा में यह भी स्पष्ट किया गया कि धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा तथा नस्ल, जन्म या धर्म के भेदभाव के बिना सभी भारतीयों को उनकी योग्यता के आधार पर उच्च सरकारी सेवाओं में नियुक्त किया जाएगा। 4. विद्रोह के बाद सेना का पुनर्गठन करते हुए ब्रिटिश सरकार ने बंगाल प्रेसिडेंसी में यूरोपीय और भारतीय सैनिकों का अनुपात 1:2 कर दिया, जबकि मद्रास और बॉम्बे प्रेसिडेंसी में यह अनुपात 1:3 रखा गया, ताकि भविष्य में इस प्रकार के सैन्य विद्रोहों को रोका जा सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सविनय अवज्ञा आंदोलन के प्रथम चरण, गांधी-इरविन समझौते और कराची अधिवेशन (1931) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मार्च 1931 में संपन्न गांधी-इरविन समझौते के तहत ब्रिटिश सरकार ने सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान हिंसा के आरोपियों को छोड़कर सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करने और जब्त की गई संपत्ति को वापस करने की शर्त स्वीकार की थी, किंतु भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की फांसी की सजा को माफ करने की गांधीजी की मांग को औपचारिक रूप से अस्वीकार कर दिया गया था। 2. मार्च 1931 में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची अधिवेशन की अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल ने की थी, इसी अधिवेशन में कांग्रेस ने गांधी-इरविन समझौते का समर्थन किया और पहली बार 'मौलिक अधिकार तथा राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम' पर ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया। 3. गांधी-इरविन समझौते की शर्तों के अनुसार कांग्रेस ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया और महात्मा गांधी ने कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में लंदन में आयोजित प्रथम गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने की स्वीकृति दी थी। 4. कराची अधिवेशन में ही युवा राष्ट्रवादियों के भारी विरोध के बावजूद महात्मा गांधी ने कहा था कि "गांधी मर सकता है, परंतु गांधीवाद हमेशा जीवित रहेगा," और उन्होंने पूर्ण स्वराज के प्रस्ताव को त्यागकर डोमिनियन स्टेटस के लक्ष्य को स्वीकार कर लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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