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General Science
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प्रकाश की कण प्रकृति?

Detailed Explanation

प्रकाश फोटॉन के रूप में चलता है।
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आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, हार्डी-वेनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg equilibrium) और इसे प्रभावित करने वाले कारकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हार्डी-वेनबर्ग सिद्धांत के अनुसार, एक बड़ी यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाली समष्टि (population) में एलील (allele) और जीनोटाइप आवृत्तियाँ पीढ़ियों दर पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते उस पर उत्परिवर्तन, चयन या आनुवंशिक अपवाह जैसे विकासवादी बल कार्य न कर रहे हों। 2. आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) मुख्य रूप से बड़ी समष्टियों में अधिक प्रभावी होता है, और यह संयोगवश होने वाले परिवर्तनों के कारण एलील आवृत्तियों में तेजी से बदलाव लाता है। 3. 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) और 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) दोनों ही आनुवंशिक अपवाह के विशिष्ट उदाहरण हैं, जो समष्टि की आनुवंशिक विविधता को कम करते हैं। 4. प्राकृतिक चयन (Natural selection) समष्टि में अनुकूल जीनोटाइपों की आवृत्ति को बढ़ाता है, जिससे हार्डी-वेनबर्ग संतुलन टूट जाता है और जैव विकास की प्रक्रिया को दिशा मिलती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? विलयन के अणुसंख्यक गुणों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनवन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राऊल्ट के नियम का पालन करने वाले आदर्श विलयनों के लिए विलेय की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता है। 2. वांट हॉफ गुणांक ($i$) का मान उन विलयनों के लिए एक से अधिक होता है जो जलीय माध्यम में वियोजित (Dissociation) होते हैं, जबकि संघनन (Association) दर्शाने वाले विलेय के लिए इसका मान एक से कम होता है। 3. विषमांगी उत्प्रेरण (Heterogeneous catalysis) के 'अधिशोषण सिद्धांत' के अनुसार, अभिकारक अणु उत्प्रेरक की सतह पर आकर भौतिक या रासायनिक रूप से अधिशोषित होते हैं, जिससे उनकी सतह पर सक्रिय ऊर्जा (Activation energy) का मान बढ़ जाता है और अभिक्रिया की दर मंद हो जाती है। 4. एंजाइम उत्प्रेरण 'ताला-कुंजी' (Lock and Key) प्रतिमान का पालन करता है, जिसमें उत्प्रेरक की विशिष्ट ज्यामितीय संरचना केवल विशिष्ट सबस्ट्रेट अणुओं को ही उनके सक्रिय स्थलों पर जुड़ने की अनुमति देती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? एलकेन्स, एल्कीन्स और एल्काइन्स जैसे एलिफैटिक हाइड्रोकार्बन के रासायनिक गुणों और प्रतिक्रिया तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एल्केन्स (Alkanes) अत्यधिक निष्क्रिय होते हैं क्योंकि इनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध मजबूत $\sigma$ (सिग्मा) बंध होते हैं, और ये मुख्य रूप से मुक्त मूलक प्रतिस्थापन (Free-radical substitution) अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं, जैसे कि सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में हैलोजनीकरण। 2. एल्कीन्स (Alkenes) में कार्बन-कार्बन द्विबंध होता है जिसमें एक मजबूत सिग्मा बंध और एक कमजोर $\pi$ (पाई) बंध शामिल होता है, जिसके कारण ये आसानी से इलेक्ट्रॉनेस्नेही योगात्मक (Electrophilic addition) अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं। 3. एल्काइन्स (Alkynes) के त्रिक बंध में एक सिग्मा और दो पाई बंध होते हैं, और इनके सीमांत (Terminal) हाइड्रोजन परमाणु अम्लीय प्रकृति के होते हैं, जिन्हें सोडियम धातु या अमोनियामय सिल्वर नाइट्रेट विलयन द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है। 4. मार्कोनीकॉव नियम (Markovnikov's rule) के अनुसार, असममित एल्कीन में किसी अभिकर्मक (जैसे HBr) के योग के दौरान, ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव पोषण और जैव अणुओं (Biomolecules) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन D एक वसा-में-घुलनशील विटामिन है जिसे 'कैल्सीफेरॉल' कहा जाता है, और इसका सक्रिय रूप (Calcitriol) वास्तव में एक हॉर्मोन की तरह कार्य करता है जो आंत से कैल्शियम और फॉस्फेट के अवशोषण को नियंत्रित करता है। 2. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential Amino Acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण हमारे शरीर की कोशिकाओं में नहीं हो पाता है, इसलिए इन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना अनिवार्य होता है, जैसे कि 'लाइसिन' और 'ट्रिप्टोफैन'। 3. सेल्यूलोज एक शाखित पॉलिसैकेराइड है जो ग्लूकोज की इकाइयों से मिलकर बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने के लिए 'सेल्युलेज' एंजाइम प्रचुर मात्रा में स्रावित होता है। 4. विटामिन C (ऐस्कॉर्बिक अम्ल) एक जल-में-घुलनशील विटामिन है जिसका संश्लेषण मानव शरीर द्वारा यकृत में किया जा सकता है और यह कोलेजन तंतुओं के निर्माण के लिए आवश्यक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सुपरकंडक्टिविटी किस तापमान पर प्राप्त होती है?
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