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History of India
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बौद्ध धर्म और जैन धर्म के दार्शनिक सिद्धांतों तथा उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बौद्ध धर्म के मध्यम प्रतिपदा (अष्टांगिक मार्ग) और जैन धर्म के त्रिरत्न (सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् चरित्र) दोनों ही वेदों की सर्वोच्चता को स्वीकार करते हुए यज्ञ और कर्मकांड के कठोर नियमों का खंडन करते हैं।
- 2. जैन धर्म में आत्मा (जीव) की स्वतंत्र सत्ता को पूर्णतः स्वीकार किया गया है तथा मोक्ष प्राप्ति के लिए कायाक्लेश और संथारा (संलेखना) पद्धति को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, जबकि बौद्ध धर्म 'अनआत्मा' (अनात्मवाद) के सिद्धांत का प्रतिपादन करता है जिसके अनुसार किसी भी स्थायी या शाश्वत आत्मा का अस्तित्व नहीं है।
- 3. बौद्ध धर्म के प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन वैशाली में महाकस्सप की अध्यक्षता में अजातशत्रु के शासनकाल में हुआ था, जिसमें सुत्तपिटक और विनयपिटक का संकलन किया गया था।
- 4. जैन धर्म की प्रथम जैन संगीति पाटलिपुत्र में स्थूलभद्र की अध्यक्षता में हुई थी, जिसके दौरान जैन ग्रंथों के बिखरे हुए ज्ञान को संकलित करने के लिए 'अंगों' का निर्माण किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि बौद्ध धर्म और जैन धर्म दोनों ही नास्तिक (नास्तिक दर्शन का तात्पर्य वेदों की प्रमाणिकता को न मानना है) दर्शन के अंतर्गत आते हैं और वे वेदों की सर्वोच्चता को पूरी तरह अस्वीकार करते हैं। कथन 2 सत्य है; जैन धर्म जीव (आत्मा) के अस्तित्व में अटूट विश्वास रखता है और कर्मों के क्षय के लिए संथारा/संलेखना पद्धति को अपनाता है, जबकि बौद्ध धर्म 'अनात्मवाद' (Anatta) का सिद्धांत देता है यानी वह किसी स्थायी आत्मा की सत्ता को नहीं मानता। कथन 3 असत्य है क्योंकि प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन राजगृह (सप्तपर्णी गुफा) में हुआ था, न कि वैशाली में। कथन 4 सत्य है; विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रथम जैन संगीति मौर्य काल में पाटलिपुत्र में स्थूलभद्र की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विद्रोह का दमन करने वाले ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों और उनके संबंधित कार्यक्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. जॉन निकलसन — दिल्ली में विद्रोह का दमन करते हुए कश्मीरी गेट पर अधिकार प्राप्त किया और अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल होकर मारे गए।
2. कॉलिन कैंपबेल — कानपुर और लखनऊ में विद्रोह का दमन करने तथा ब्रिटिश रेजिडेंसी को सुरक्षित मुक्त कराने के लिए सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया।
3. जेम्स आउट्राम — लखनऊ में कैंपबेल की सहायता करने के साथ-साथ मुख्य रूप से झांसी और ग्वालियर में रानी लक्ष्मीबाई के विरुद्ध सैन्य अभियान का नेतृत्व किया।
4. ह्यूरोज़ — मध्य भारत और बुंदेलखंड क्षेत्र में विद्रोह का दमन करते हुए झांसी तथा ग्वालियर पर पुनः अधिकार प्राप्त किया।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और ब्रिटिश सत्ता की स्थापना के प्रारंभिक दौर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा एक शाही चार्टर प्रदान किया गया था, जिसके तहत उसे पूर्वी देशों के साथ व्यापार करने का एकाधिकार मिला था और यह एकाधिकार अनिश्चित काल के लिए स्थायी था।
2. वर्ष 1615 में किंग जेम्स प्रथम के राजदूत के रूप में सर थॉमस रो मुगल सम्राट जहांगीर के दरबार में उपस्थित हुआ और उसने अंग्रेजों के लिए सूरत में एक स्थायी कारखाना स्थापित करने तथा मुगल साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों में व्यापारिक छूट प्राप्त करने का शाही फरमान हासिल किया था।
3. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना वर्ष 1664 में लुई चौदहवें के मंत्री कोल्बर्ट के प्रयासों से हुई थी, और उन्होंने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री वर्ष 1668 में सूरत में स्थापित की थी।
4. बंगाल में ब्रिटिश सत्ता की सुदृढ़ स्थापना से पूर्व वर्ष 1717 में मुगल सम्राट फारुकसियर द्वारा जारी किए गए एक ऐतिहासिक फरमान (जिसे अंग्रेजों द्वारा 'मैग्नाकार्टा' कहा गया) के तहत कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा में 3000 रुपये वार्षिक कर के बदले मुक्त व्यापार करने का असीमित अधिकार मिल गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय स्वतंत्रता, माउंटबेटन योजना और देश के विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 3 जून 1947 को प्रस्तुत माउंटबेटन योजना में यह प्रावधान किया गया था कि बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकें हिंदू और मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के सदस्यों द्वारा अलग-अलग बुलाई जाएंगी, ताकि वे प्रांत के विभाजन के पक्ष या विपक्ष में निर्णय ले सकें।
2. माउंटबेटन योजना के अंतर्गत उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में शामिल होने का निर्णय जनमत संग्रह (Referendum) के माध्यम से लिया गया था, जिसमें खान अब्दुल गफ्फार खान के नेतृत्व में 'खुदाई खिदमतगार' संगठन ने पाकिस्तान में शामिल होने के निर्णय का पूर्ण समर्थन किया था।
3. ब्रिटिश संसद में प्रस्तुत भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के अनुसार 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन (Dominions) के सृजन की घोषणा की गई तथा ब्रिटिश सम्राट की उपाधियों से 'भारत के सम्राट' (Emperor of India) शब्द को हटा दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में ब्रिटिश सत्ता के पुनरुद्धार और विद्रोह के दमन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह की गतिविधियों को कुचलने और विद्रोह का दमन करने के लिए ब्रिटिश सेनापति जनरल कैंपबेल ने मुख्य रूप से अभियान का नेतृत्व किया था, जबकि मौलवी को अंततः पुवायाँ के राजा के सहयोग से अंग्रेजों द्वारा घेरकर मार दिया गया था।
2. बरेली में रोहिल्ला सेना का नेतृत्व करने वाले खान बहादुर खान ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक मजबूत समानांतर सरकार चलाई थी, किंतु अंततः सर कॉलिन कैंपबेल और ब्रिटिश सेना द्वारा बरेली पर पुनः अधिकार कर लिए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया गया।
3. इलाहाबाद में लियाकत अली ने विद्रोह का शानदार नेतृत्व करते हुए सरकारी खजाने पर अधिकार कर लिया था और मौलवी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की थी, किंतु कर्नल नील (Colonel James Neill) ने अत्यंत क्रूरता के साथ इलाहाबाद के विद्रोह को कुचल दिया और लियाकत अली को बाद में आजीवन अंडमान निष्कासित कर दिया गया।
4. इन तीनों ही केंद्रों (फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद) में विद्रोही ताकतों का दमन करने में असफल रहने के बाद ब्रिटिश गवर्नर-जनरल लॉर्ड कैनिंग ने अंततः अवध के ताल्लुकदारों के साथ सुलह करने की नीति को पूरी तरह त्याग दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के नेतृत्व और उसके दमन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैजाबाद में विद्रोह का नेतृत्व करने वाले मौलवी अहमदुल्लाह शाह को 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता था, जिन्होंने ब्रिटिश सेना के विरुद्ध जिहाद का आह्वान किया था और कर्नल नील तथा कैंपबेल की सेनाओं को कड़ी टक्कर दी थी।
2. बरेली में रोहिल्ला सेना का नेतृत्व करते हुए खान बहादुर खान ने स्वतंत्र सरकार की स्थापना की थी, किंतु अंततः ब्रिटिश सेनापति सर कॉリン कैंपबेल द्वारा इस विद्रोह का पूर्ण दमन कर दिया गया।
3. इलाहाबाद में मौलवी लियाकत अली ने विद्रोह की बागडोर संभाली थी, और यहाँ ब्रिटिश अधिकारी कर्नल जेम्स नील ने अत्यधिक क्रूरता के साथ इस विद्रोह का दमन किया था।
4. फैजाबाद के मौलवी अहमदुल्लाह शाह को गिरफ्तार कर अंग्रेजों ने सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी थी, जबकि खान बहादुर खान और लियाकत अली युद्ध के मैदान में वीरगति को प्राप्त हुए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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