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History of India
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19वीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के संदर्भ में ब्रह्म समाज और आर्य समाज की वैचारिक मान्यताओं के बीच निम्नलिखित में से कौन-सा मूलभूत अंतर सही है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
19वीं शताब्दी के सुधार आंदोलनों में विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ब्रह्म समाज (स्थापित 1828) ने राजा राममोहन राय के नेतृत्व में तर्कवाद, एकेश्वरवाद और सामाजिक सुधारों पर जोर दिया तथा मूर्तिपूजा का खंडन किया। इसके विपरीत, स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित आर्य समाज ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और वेदों को अपौरुषेय (ईश्वर प्रदत्त) तथा समस्त ज्ञान का स्रोत माना।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे द्वारा झांसी और ग्वालियर क्षेत्र में चलाए गए सैन्य अभियानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने ब्रिटिश सेनापति सर ह्यूरोज की सेना के विरुद्ध किले की रक्षा करते हुए अद्भुत वीरता का परिचय दिया, और झांसी के पतन के बाद वे कालपी पहुँची जहाँ तात्या टोपे ने उनके साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध संयुक्त सैन्य मोर्चा संभाला था।
2. कालपी के युद्ध में पराजय के पश्चात रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने ग्वालियर की ओर प्रस्थान किया, जहाँ सिंधिया राजवंश के शासक जयाजीराव सिंधिया ने उनका खुलकर समर्थन किया और अपनी संपूर्ण सेना उनके अधीन कर दी थी।
3. ग्वालियर पर अधिकार करने के बाद तात्या टोपे और रानी लक्ष्मीबाई को ब्रिटिश सेनापति जनरल नेपियर के हाथों निर्णायक पराजय का सामना करना पड़ा, और 18 जून 1858 को ग्वालियर के युद्ध के मैदान में लड़ते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं।
4. रानी लक्ष्मीबाई की मृत्यु के पश्चात तात्या टोपे ने हार नहीं मानी और वे मध्य भारत के जंगलों में चले गए, जहाँ उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध लंबे समय तक छापामार (गुरिल्ला) युद्ध जारी रखा, किंतु उनके एक विश्वासघाती ज़मींदार मित्र मान सिंह के धोखे के कारण वे ब्रिटिश सेना द्वारा पकड़ लिए गए और उन्हें अप्रैल 1859 में शिवपुरी में फांसी दे दी गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से अभिलेखीय साक्ष्य हुण आक्रमणकारी 'तोरमान' या 'मिहिरकुल' से संबंधित है/हैं?
1. एरन वराह शिलालेख (मातृविष्णु के शासनकाल से संबंधित)
2. ग्वालियर प्रशस्ति (मिहिरकुल के समय)
3. भीतरी स्तंभ लेख (स्कंदगुप्त के समय)
4. कोसम्बी स्तंभ लेख
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
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बिहार में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बाबू वीर कुंवर सिंह और उनके छोटे भाई अमर सिंह की युद्ध रणनीतियों तथा प्रशासनिक दृष्टिकोण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरा पर अधिकार करने के पश्चात वीर कुंवर सिंह ने अपनी सैन्य कमजोरी को भाँपते हुए ब्रिटिश सेना के विरुद्ध परंपरागत युद्ध पद्धति का त्याग कर छापामार (गोरिल्ला) युद्ध प्रणाली को अपनाया और आजमगढ़ तथा बलिया तक ब्रिटिश सेना को पराजित किया।
2. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के उपरांत अमर सिंह ने जगदीशपुर के जंगलों और कैमूर की पहाड़ियों से अंग्रेजी सेना के खिलाफ सशस्त्र प्रतिरोध का नेतृत्व जारी रखा तथा ब्रिटिश सत्ता के समानांतर एक स्थानीय प्रशासन (सरकार) स्थापित किया।
3. अमर सिंह द्वारा संचालित इस समानांतर प्रशासन और गोरिल्ला युद्ध का दमन करने के लिए ब्रिटिश सरकार ने मेजर जनरल डगलस और लेफ्टिनेंट कर्नल इंnis को विशेष रूप से नियुक्त किया था, जिन्होंने कैमूर की पहाड़ियों में कड़े संघर्ष के बाद इस प्रतिरोध को समाप्त किया।
4. अमर सिंह वर्ष 1858 के अंत में ब्रिटिश सेना के साथ हुई एक अंतिम निर्णायक झड़प में वीरगति को प्राप्त हुए थे, जिसके साथ ही बिहार में 1857 के विद्रोह की अंतिम संगठित ज्वाला बुझ गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भकना द्वारा 'पैसिफिक कोस्ट हिंदुस्तान एसोसिएशन' की स्थापना की गई थी, जिसे आगे चलकर 'गदर पार्टी' के नाम से जाना गया और इसका मुख्य पत्र 'गदर' उर्दू, पंजाबी तथा मराठी सहित कई भाषाओं में प्रकाशित होता था।
2. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) की स्थापना की गई थी, जिसमें समाजवाद को अपने संगठन के आधिकारिक उद्देश्य के रूप में शामिल किया गया था।
3. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधानसभा में 'पब्लिक सेफ्टी बिल' और 'ट्रेड डिस्प्यूट्स बिल' का विरोध करने तथा 'बहनों को उनकी नींद से जगाने' के उद्देश्य से बम फेंके थे, और इस दौरान उन्होंने मौके से भागने का प्रयास न करके स्वेच्छा से गिरफ्तारी दी थी।
4. चटगाँव शस्त्रागार लूटकांड (1930) का सफल नेतृत्व मास्टर सूर्य सेन द्वारा किया गया था, जिन्होंने 'इंडियन रिपब्लिकन आर्मी' (IRA) का गठन किया था और इस क्रांतिकारी दल में कल्पना दत्त तथा प्रीतिलता वाडेदार जैसी वीर महिलाओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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दिल्ली सल्तनत के विभिन्न राजवंशों के प्रशासनिक ढांचे, सैन्य सुधारों और राजस्व प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अलाउद्दीन खिलजी ने सल्तनत काल में सबसे पहले किसानों से लिए जाने वाले सभी पुराने करों (जैसे गृह कर 'घरई' और चराई कर 'चराई') को पूरी तरह समाप्त कर दिया और केवल कृषि उपज पर लगने वाले भू-राजस्व को ही एकमात्र कर के रूप में स्वीकार किया।
2. मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी प्रशासनिक राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद (देवगिरि) स्थानांतरित करने के बाद तांबे और कांसे के सांकेतिक सिक्के (Token Currency) चलाए, जिन्हें राज्य द्वारा सोने और चांदी के सिक्कों के समान विनिमय मूल्य पर मान्यता दी गई थी, जिससे राज्य की तिजोरी में चांदी की कमी दूर हो गई।
3. फिरोजशाह तुगलक ने अपने शासनकाल में शरीयत के विरुद्ध लिए जाने वाले चौबीस कष्टदायक करों को समाप्त कर दिया और केवल चार करों (खराज, जकात, जजिया और खुम्स) को वैध रखा, तथा सिंचाई की सुविधा के लिए बड़ी संख्या में नहरों का निर्माण कराते हुए 'हक-ए-शर्ब' (सिंचाई कर) नामक एक नया कर भी लगाया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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