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रक्त का थक्का जमाने में किस विटामिन की भूमिका होती है?

Detailed Explanation

विटामिन K रक्त का थक्का बनाने में अनिवार्य है।
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ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) के नियमों और ऊष्मा स्थानांतरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) ताप की संकल्पना को परिभाषित करता है, जिसके अनुसार यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे। 2. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण का एक विशिष्ट रूप है, जिसके अनुसार किसी निकाय को दी जाने वाली ऊष्मा (\(dQ\)) उसकी आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन (\(dU\)) और निकाय द्वारा किए गए कार्य (\(dW\)) के योग के बराबर होती है। 3. ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम यह स्पष्ट करता है कि ऊष्मा का स्वतः प्रवाह बिना किसी बाहरी कार्य के ठंडी वस्तु से गर्म वस्तु की ओर संभव है, बशर्ते कि निकाय का कुल एंट्रॉपी (Entropy) परिवर्तन शून्य हो। 4. स्टीफन-बोल्ट्ज़मैन नियम के अनुसार, किसी आदर्श कृष्णिका (Black body) द्वारा प्रति एकांक क्षेत्रफल से प्रति सेकंड उत्सर्जित कुल विकिरण ऊर्जा उसके निरपेक्ष ताप की चतुर्थ घात के अनुक्रमानुपाती होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा उनके परिष्करण (Refining) की विधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'मोंड प्रक्रम' (Mond process) का उपयोग निकेल धातु के शोधन के लिए किया जाता है, जिसमें अशुद्ध निकेल को कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ गर्म करके एक वाष्पशील यौगिक 'न निकेल टेट्राकार्बोनिड' बनाया जाता है, जिसे बाद में उच्च ताप पर अपघटित करके अत्यंत शुद्ध निकेल प्राप्त किया जाता है। 2. 'एल्युमिनोथर्मी प्रक्रम' (Alumino-thermic process) में एल्युमिनियम का उपयोग अपचायक के रूप में किया जाता है, और जब क्रोमियम या मैंगनीज के ऑक्साइडों को एल्युमिनियम चूर्ण के साथ गर्म किया जाता है, तो यह अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) होती है जिसके परिणामस्वरूप पिघली हुई धातु प्राप्त होती है। 3. 'भर्जन' (Roasting) की प्रक्रिया मुख्य रूप से सल्फाइड अयस्क को वायु की सीमित मात्रा में उसके गलनांक से नीचे के ताप पर गर्म करके ऑक्साइड में बदलने की विधि है, जबकि 'निस्तापन' (Calcination) कार्बोनेट या हाइड्रेटेड ऑक्साइड अयस्कों को वायु की अनुपस्थिति या सीमित आपूर्ति में गर्म करने की प्रक्रिया है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? मानव रोगों और उनके संचरण या उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. ट्राइकोफाइटन (Trichophyton): यह एक कवक (Fungus) है जो मानव में 'दाद' (Ringworm) रोग का कारण बनता है, और इसके उपचार के लिए आमतौर पर एंटीफंगल दवाओं का उपयोग किया जाता है। 2. वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी (Wuchereria bancrofti): यह एक गोलकृमि (Nematode parasite) है जो फाइलेरिया या श्लीपद (Elephantiasis) का कारण बनता है, जिसका संचरण मुख्य रूप से मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से होता है। 3. प्लाज्मोडियम फाल्ciparum (Plasmodium falciparum): यह मलेरिया का सबसे गंभीर रूप पैदा करने वाला प्रोटोजोआ है, जिसके जीवन चक्र में मानव प्राथमिक परपोषी (Primary host) और मादा क्यूलैक्स मच्छर माध्यमिक परपोषी होता है। 4. लेइशमानिया डोनोवानी (Leishmania donovani): यह काला-जार (Kala-azar) का कारक जीव है, जो शरीर में मैक्रोफेज कोशिकाओं को संक्रमित करता है और इसका संचरण सिकफ्लाई (Sandfly / बालू मक्खी) द्वारा होता है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में क्रमिक वृद्धि होने के कारण परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) में सामान्यतः कमी आती है, किंतु शून्य वर्ग (अक्रिय गैसों) की वान डेर वाल्स त्रिज्या उनके ठीक पहले के हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में काफी बड़ी होती है। 2. नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान ऑक्सीजन की तुलना में अधिक होता है, जिसका प्रमुख कारण नाइट्रोजन के $2p^3$ कक्षक का पूर्ण रूप से भरा होना (Fully-filled) है। 3. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी क्लोरीन की तुलना में अधिक ऋणात्मक होती है क्योंकि फ्लोरीन का परमाणु आकार बहुत छोटा होता है। 4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभाव के कारण, 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफ्नियम, Hf) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग उनके ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, Zr) के लगभग समान हो जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ (Circuit) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी चालक तार का वैद्युत प्रतिरोध (Resistance) उसके ताप पर निर्भर करता है, तथा अधिकांश धात्विक चालकों के लिए ताप में वृद्धि होने पर उनका प्रतिरोध बढ़ता है क्योंकि तापीय विस्थापन के कारण इलेक्ट्रॉनों का कोलिजन (संघट्ट) बढ़ जाता है। 2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (धारा का नियम - KCL) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली समस्त धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है। 3. किर्चॉफ का द्वितीय नियम (वोल्टेज का नियम - KVL) ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी बंद लूप में कुल विभवांतरों का बीजगणितीय योग शून्य होता है। 4. अतिचालकता (Superconductivity) की स्थिति में किसी पदार्थ का प्रतिरोध शून्य हो जाता है, और यह घटना केवल उच्च तापमान पर ही सभी धातुओं में एक साथ देखी जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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