BaalVikas
Menu
Geography
Asked 2 months ago · Viewed 21 times

पृथ्वी की आंतरिक संरचना, विभिन्न भू-वैज्ञानिक परतों, असांतत्य (Discontinuities) और चट्टानों के चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'मोहरोविक असांतत्य' (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और ऊपरी मेंटल के बीच स्थित है, जहाँ से होकर प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) के वेग में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
  2. 2. 'कोनराड असांतत्य' (Conrad Discontinuity) ऊपरी क्रस्ट (सियाल) और निचले क्रस्ट (सीमा) के बीच की सीमा रेखा को स्पष्ट करता है, जबकि 'ग्यूटेनबर्ग असांतत्य' निचली मेंटल और बाह्य क्रोड को पृथक करता है।
  3. 3. कायांतरित चट्टानों में पर्तों (Stratification) का पाया जाना उनकी मुख्य विशेषता है, और क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) के प्रभाव से 'चूना पत्थर' का रूपांतरण 'संगमरमर' (Marble) में तथा 'शेल' का रूपांतरण 'स्लेट' में होता है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी के बाह्य क्रोड (Outer Core) में निकेल और लोहे की अधिकता के कारण यह तरल अवस्था में पाया जाता है, जिससे होकर एस-तरंगें (S-waves) गमन नहीं कर पाती हैं और इस क्षेत्र में 'छाया क्षेत्र' (Shadow Zone) का निर्माण होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि मोहरोविक असांतत्य (Moho discontinuity) भूपर्पटी (Crust) और मेंटल के बीच स्थित है जहाँ भूकंपीय तरंगों की गति बढ़ जाती है। कथन 2 सही है, कोनराड असांतत्य ऊपरी और निचले क्रस्ट को अलग करता है तथा गुटेनबर्ग मेंटल व बाह्य क्रोड को पृथक करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि पर्तें (Stratification या Banding) मुख्य रूप से 'अवसादी चट्टानों' (Sedimentary Rocks) की विशेषता होती हैं, न कि कायांतरित चट्टानों की (हालांकि कायांतरित चट्टानों में कभी-कभी फोलिएशन या बैंडिंग मिलती है, किंतु मूल रूप से पर्तों का निर्माण अवसादन प्रक्रिया से जुड़ा है; इसके अलावा चूना पत्थर का संगमरमर में बदलना संपर्क या क्षेत्रीय दोनों कायांतरण का उदाहरण है, लेकिन कथन में पर्तों की उपस्थिति को कायांतरित चट्टानों की प्राथमिक विशेषता बताना तकनीकी रूप से भ्रामक है)। कथन 4 सही है, बाह्य क्रोड तरल होने के कारण S-तरंगों को अवरुद्ध करता है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की आंतरिक परतों का अध्ययन भूकंपीय तरंगों के वेग परिवर्तन के आधार पर किया जाता है।
Share:
अगला प्रश्न → पृथ्वी की वायुमंडलीय पवन प्रणालियों, आर्द्रता, वर्षा के प्रकार और चक्रवातों की… ← पिछला प्रश्न भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण की विशेषताओं के…

Related Questions

→ भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत के संघ राज्य क्षेत्रों में 'दादरा और नगर हवेली' ने वर्ष 2001-2011 के दशक के दौरान देश के सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में सर्वाधिक दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर (55.88%) दर्ज की। 2. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में कुल कार्यशील जनसंख्या (Total Workers) में 'मुख्य कामगारों' (Main Workers) का प्रतिशत 'सीमांत कामगारों' (Marginal Workers) की तुलना में अधिक है, और कुल कामगारों में कृषि श्रमिकों (Agricultural Labourers) की संख्या कृषकों (Cultivators) से अधिक हो गई है। 3. भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) का राज्यवार अनुपात देखने पर, मिजोरम राज्य में कुल जनसंख्या का सबसे अधिक प्रतिशत (लगभग 94.4%) अनुसूचित जनजाति का पाया जाता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 68.8% भाग ग्रामीण क्षेत्रों में और 31.2% भाग नगरीय क्षेत्रों में निवास करता है, जिसमें सर्वाधिक नगरीय जनसंख्या प्रतिशत 'गोवा' राज्य में दर्ज किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में कुल सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा भाग कुओं और नलकूपों द्वारा सिंचित किया जाता है, जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य नलकूप सिंचाई के अंतर्गत सर्वाधिक क्षेत्रफल रखता है, जबकि नहरों द्वारा सिंचाई का सर्वाधिक विस्तार उत्तर भारत के मैदानी भागों विशेषकर पंजाब और हरियाणा में पाया जाता है। 2. 'श्री पद्धति' (System of Rice Intensification - SRI) धान की खेती की एक उन्नत विधि है, जिसमें पारंपरिक विधि की तुलना में कम जल की आवश्यकता होती है, पौधों की रोपाई कम उम्र में एक-एक पौधे के रूप में चौड़ी दूरी पर की जाती है, जिससे जड़ों का विकास बेहतर होता है। 3. भारत में 'जायद' की फसलें मुख्य रूप से रबी और खरीफ फसलों के बीच ग्रीष्मकालीन अल्पकाल में उगाई जाती हैं, जिसके अंतर्गत तरबूज, खरबूजा, खीरा और चारे की फसलें प्रमुख रूप से शामिल हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की व्यावसायिक फसलों में गन्ना एक प्रमुख उष्णकटिबंधीय फसल है, जिसे उगने के लिए उच्च तापमान (21°C से 27°C) और 75 सेमी से 100 सेमी तक वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है, और यह उत्तर भारत की तुलना में प्रायद्वीपीय भारत में अधिक शर्करा अंश (Sucrose content) प्रदान करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → हमारे सौर मंडल, ग्रहों की गतिशीलता, उपग्रहों और उल्कापिंडों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शुक्र (Venus) और अरुण (Uranus) ग्रह सौर मंडल के अन्य ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम की ओर (Clockwise) घूर्णन करते हैं, जिसके कारण इन ग्रहों पर सूर्योदय पश्चिम में और सूर्यास्त पूर्व में होता है। 2. 'बृहस्पति' (Jupiter) का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह 'गैनीमेड' (Ganymede) है, जो आकार में हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है और यह बुध ग्रह से भी बड़ा है। 3. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, जिसमें पाए जाने वाले 'सेरेस' (Ceres) को एक बौना ग्रह माना जाता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार जब अंतरिक्ष से कोई उल्कापिंड (Meteoroid) पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है और घर्षण के कारण जल उठता है, तो उसे 'टूटता तारा' या 'उल्का' (Meteor) कहा जाता है, और यदि वह बिना पूरी तरह जले पृथ्वी की सतह से टकराता है, तो उसे 'उल्कापिंड' (Meteorite) कहते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत में ऊर्जा खनिजों और परमाणु ईंधनों के वितरण तथा उनकी भू-वैज्ञानिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत का अधिकांश यूरेनियम भंडार धारवाड़ क्रम की चट्टानों में पाया जाता है, जिसमें झारखंड का जादूगोड़ा क्षेत्र प्रमुख है, जबकि थोरियम का विशाल भंडार मुख्य रूप से केरल, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों की 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) में संकेंद्रित है। 2. भारत में लिग्नाइट कोयले का सबसे बड़ा भंडार तमिलनाडु के नेवेली बेसिन में पाया जाता है, इसके अलावा राजस्थान, गुजरात और जम्मू-कश्मीर राज्यों में भी लिग्नाइट के निक्षेप मिलते हैं। 3. देश के पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र में स्थित 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) पेट्रोलियम क्षेत्र में खनिज तेल का संचयन मुख्यतः इओसीन (Eocene) युग की चूना पत्थर की परतों में पाया जाता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की परमाणु ऊर्जा नीति के त्रि-चरण (Three-Stage) कार्यक्रम का दूसरा चरण प्राकृतिक यूरेनियम और प्लूटोनियम के संकरण पर आधारित 'फास्ट ब्रीडर रिएक्टर' (FBR) तकनीक का उपयोग करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है? → पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.