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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक गतिकी और विवर्तनिक प्रक्रियाओं के संदर्भ में, भूकंप, ज्वालामुखी और सुनामी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाली 'पी-तरंगें' (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों की भाँति ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'एस-तरंगें' (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यमों में ही संचरण करती हैं और तरल क्रोड (Outer Core) में प्रवेश करते ही लुप्त हो जाती हैं।
- 2. ज्वालामुखीय उद्गारों के समय प्रकट होने वाला मैग्मा जब भूपर्पटी के भीतर ही ठंडा होकर विभिन्न आकार और रूप ग्रहण करता है, तो उसे 'आग्नेय अंतर्वेधी' (Intrusive Igneous) आकृतियाँ कहा जाता है; जिसमें विशाल गुंबदाकार पिंड को 'बैथोलिथ' (Batholith) और उत्तल लेंस के आकार के पिंड को 'लैकोलिट' (Laccolith) कहा जाता है।
- 3. महासागरीय नितल पर अचानक आने वाले तीव्र भूकंपों और विवर्तनिक विस्थापन के कारण उत्पन्न होने वाली सुनामी तरंगें गहरे समुद्र में बहुत कम ऊँचाई और लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) वाली होती हैं, किंतु तटों के उथले पानी में पहुँचने पर इनकी गति कम हो जाती है लेकिन इनकी तरंगदैर्ध्य और ऊँचाई अत्यधिक बढ़ जाती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी (Tsunami) एक जापानी शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ 'समुद्री हवाएं' होता है और यह मुख्य रूप से चक्रवातों के वायुमंडलीय दाब में अचानक गिरावट के कारण उत्पन्न होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। भूकंप के दौरान प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य होती हैं और सभी माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ होती हैं और तरल माध्यम में लुप्त हो जाती हैं। अंतर्वेधी आग्नेय आकृतियों में बैथोलिथ सबसे बड़ा विशाल पिंड है और लैकोलिट गुंबदाकार या उत्तल लेंस के आकार का होता है। सुनामी तरंगें गहरे समुद्र में लंबी तरंगदैर्ध्य और कम ऊँचाई वाली होती हैं, और उथले तटों पर पहुँचने पर जलराशि के प्रतिरोध के कारण उनकी ऊँचाई तीव्र गति से बढ़ जाती है। कथन 4 असत्य है क्योंकि सुनामी का शाब्दिक अर्थ 'हार्बर वेव' (Harbor Wave / बंदरगाह लहर) होता है और यह मुख्य रूप से भूकंप, भूस्खलन या समुद्र के नीचे विवर्तनिक हलचल के कारण उत्पन्न होती हैं, न कि चक्रवातों या वायुमंडलीय दाब से। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी भूकम्पों या समुद्री भूस्खलन जैसी विवर्तनिक घटनाओं से जुड़ी होती है।
Related Questions
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भारत के प्रमुख उद्योगों और परिवहन अवसंरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. देश का पहला आधुनिक लौह-इस्पात कारखाना वर्ष 1874 में 'बारहकर आयरन वर्क्स' (Barrakur Iron Works) के रूप में कुल्टी, पश्चिम बंगाल में स्थापित किया गया था, जिसे बाद में 'बंगाल आयरन एंड स्टील कंपनी' के रूप में पुनर्गठित किया गया।
2. 'भारतीय रेल' (Indian Railways) को प्रशासनिक और परिचालन सुगमता के लिए वर्तमान में कुल 19 रेलवे जोन में विभाजित किया गया है, और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित 'कोंकण रेलवे' देश की सबसे लंबी एकल रेल लाइन परियोजना है जो पश्चिमी घाट से गुजरती है।
3. 'राष्ट्रीय जलमार्ग-3' (NW-3), जिसे 'पश्चिम तट नहर' भी कहा जाता है, केरल राज्य में कोट्टापुरम से कोल्लम तक स्थित है और यह देश का पहला ऐसा जलमार्ग है जो पूरी तरह से अंतर-राज्यीय और नेविगेबल लैगून प्रणालियों पर आधारित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारतीय मानसून की उत्पत्ति, क्रियाविधि और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में तिब्बत के पठार का अत्यधिक गर्म होना और वहाँ निम्न वायुदाब का विकसित होना भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून को आकर्षित करने वाले प्रमुख तापीय कारकों में से एक है।
2. 'अल-निनो' (El Nino) की घटना के दौरान पूर्वी प्रशांत महासागर (पेरू तट के पास) में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से कम हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी वर्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
3. 'मैडागास्कर' के पूर्व में हिंद महासागर में स्थित 'मस्कारेन उच्च दाब पेटी' (Mascarene High Pressure Zone) की तीव्रता दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाओं को भारतीय उपमहाद्वीप की ओर धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उत्तर-पूर्वी मानसून (शीतकालीन मानसून) के कारण मुख्य रूप से तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों और आंध्र प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में शीतकाल के दौरान वर्षा होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) तथा हिमालयी एवं प्रायद्वीपीय नदियों की भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) प्रकृति की होती हैं क्योंकि इन्हें वर्षा के अतिरिक्त ऊँचे पर्वतों के पिघलते हिमदों (Glaciers) से भी निरंतर जल प्राप्त होता है, और ये अपने युवावस्था में भू-आकृतियों का तीव्र क्षरण करते हुए गहरे गार्ज (Gorges) तथा 'V' आकार की घाटियों का निर्माण करती हैं।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से मौसमी (Seasonal/Non-perennial) होती हैं और इनका प्रवाह वर्षा पर निर्भर करता है, लेकिन 'दामोदर नदी' और 'सोन नदी' इसके अपवाद हैं जो प्रायद्वीपीय पठार से निकलकर उत्तर की ओर बहते हुए गंगा और यमुना में मिलती हैं।
3. प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी 'गोदावरी' है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' कहा जाता है, तथा इसका उद्गम पश्चिमी घाट की त्र्यंबक पहाड़ियों से होता है, जबकि 'कावेरी नदी' प्रायद्वीपीय भारत की एकमात्र ऐसी नदी है जिसमें दक्षिण-पश्चिम मानसून और उत्तर-पूर्वी मानसून दोनों से वर्षा का जल प्राप्त होने के कारण वर्ष भर जलप्रवाह बना रहता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सिंधु नदी प्रणाली की सबसे लंबी सहायक नदी 'सतलुज नदी' है, जो तिब्बत में मानसरोवर के निकट राकस ताल से निकलती है और शिपकी ला दर्रे से भारत में प्रवेश करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों और भूमध्यरेखीय से ध्रुवीय क्षेत्रों तक पाई जाने वाली वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊंचाई के साथ तापमान में होने वाली गिरावट की सामान्य दर (Normal Lapse Rate) लगभग 6.5 डिग्री सेल्सियस प्रति किलोमीटर होती है, और इस परत की मोटाई भूमध्य रेखा पर सर्वाधिक (लगभग 16-18 किमी) तथा ध्रुवों पर न्यूनतम (लगभग 8 किमी) होती है, जिसका मुख्य कारण भूमध्य रेखा पर तीव्र संवहन धाराएं हैं।
2. समतापमंडल (Stratosphere) के निचले हिस्से में ओजोन (O3) गैस की सघनता पाई जाती है जो पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है, और इस परत के भीतर ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान में वृद्धि होने लगती है, जिससे यहाँ जेट विमानों के उड़ान भरने के लिए आदर्श और शांत मौسमी दशाएं मिलती हैं।
3. 'डोलड्रम' (Doldrums) या विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी एक तापीय रूप से प्रेरित (Thermally Induced) पेटी है, जहाँ अत्यधिक सूर्यताप के कारण हवाएं गर्म होकर ऊपर उठती हैं, जिसके फलस्वरूप यहाँ धरातलीय क्षैतिज पवनें शांत रहती हैं और संवहन धाराओं का प्राधान्य होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियां (Subtropical High Pressure Belts) और उप-ध्रुवीय निम्न वायुदाब पेटियां दोनों ही पृथ्वी की दैनिक गति (कोरियोलिस बल) और तापीय प्रभावों के संयुक्त परिणामों से गतिजन्य रूप से (Dynamically Induced) उत्पन्न होती हैं, जिनमें उपोष्ण उच्च पेटियों को 'घोड़े के अक्षांश' (Horse Latitudes) भी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति, तारकीय विकास (Stellar Evolution) और सौर मण्डल की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. तारों के जीवन चक्र में, जब मुख्य अनुक्रम (Main Sequence) चरण समाप्त होता है, तो सूर्य जैसे मध्यम द्रव्यमान वाले तारों का कोर सिकुड़ता है और बाहरी परतें फैलकर 'लाल दानव' (Red Giant) का निर्माण करती हैं, जिसके पश्चात अंततः इनका अंत एक 'श्वेत वामन' (White Dwarf) के रूप में होता है।
2. 'सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर' द्वारा प्रतिपादित 'चंद्रशेखर सीमा' (Chandrasekhar Limit) लगभग 1.44 सौर द्रव्यमान के बराबर है, जो यह निर्धारित करती है कि कौन-सा तारा अपने जीवन के अंत में श्वेत वामन बनेगा और कौन-सा तारा न्यूट्रॉन तारा या ब्लैक होल के रूप में सुपरनोवा विस्फोट से समाप्त होगा।
3. बृहस्पति और मंगल ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) के अधिकांश पिंड प्राचीन सौर मण्डल के ऐसे अवशेष हैं जिन्हें गुरुत्वाकर्षण बलों के कारण किसी बड़े ग्रह में समेकित होने का अवसर नहीं मिला।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'शुक्र ग्रह' (Venus) हमारे सौर मण्डल का सबसे गर्म ग्रह है, जिसका मुख्य कारण इसके वायुमंडल में 95% से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति के कारण उत्पन्न अत्यधिक ग्रीनहाउस प्रभाव है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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