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Geography
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भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक क्षेत्रों और परिवहन अवसंरचना (राष्ट्रीय राजमार्ग, समर्पित माल गलियारे और अंतर्देशीय जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत का 'स्वर्णिम चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना देश के चार महानगरों—दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता—को जोड़ने वाली 6-लेन की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना है, जिसका क्रियान्वयन और रख-रखाव राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है।
  2. 2. 'पूर्वी समर्पित माल गलियारा' (Eastern Dedicated Freight Corridor - EDFC) लुधियाना (पंजाब) के साहनेवाल से शुरू होकर दानकुनी (पश्चिम बंगाल) तक जाता है, जो पूरी तरह से कोयला, इस्पात और भारी औद्योगिक वस्तुओं के त्वरित परिवहन के लिए कोयला क्षेत्रों और ताप विद्युत संयंत्रों को जोड़ता है।
  3. 3. राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) हल्दिया से प्रयागराज तक गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली पर स्थित देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग है, जबकि राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के मध्य स्थित है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में आधुनिक सूती वस्त्र उद्योग की पहली सफल मिल की स्थापना वर्ष 1854 में कोलकाता के पास रिसड़ा में की गई थी, जिसके कारण कोलकाता को 'भारत का मैनचेस्टर' कहा जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना देश के चार प्रमुख महानगरों को जोड़ती है जिसका प्रबंधन NHAI करता है। पूर्वी समर्पित माल गलियारा (EDFC) लुधियाना से दानकुनी तक विस्तृत है। राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) प्रयागराज से हल्दिया तक गंगा नदी पर स्थित भारत का सबसे लंबा जलमार्ग है, और NW-2 ब्रह्मपुत्र नदी पर स्थित है। कथन 4 गलत है क्योंकि भारत में आधुनिक सूती वस्त्र उद्योग की पहली सफल मिल की स्थापना 1854 में मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) में की गई थी, और 'भारत का मैनचेस्टर' अहमदाबाद को तथा 'साउथ का मैनचेस्टर' कोयंबटूर को कहा जाता है, जबकि कोलकाता को नहीं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्रीष्मकाल के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों में अत्यधिक ताप के कारण विकसित होने वाला 'मानसूनी गर्त' (Monsoon Trough) आईटीसीजेड (ITCZ) का ही उत्तर की ओर खिसका हुआ रूप है, जो दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनों को भूमध्य रेखा पार करने के बाद फेरेल के नियम के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून के रूप में आकर्षित करता है। 2. 'तिब्बत का पठार' ग्रीष्मकाल में एक विशाल तापीय उच्च (Thermal High) के रूप में कार्य करता है, जो क्षोभमंडल के ऊपरी स्तर पर पूरब से पश्चिम की ओर प्रवाहित होने वाली 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) को जन्म देकर भारतीय मानसून की सक्रियता को तीव्र करता है। 3. ला-नीना (La Nina) परिघटना के दौरान मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में सामान्य से अधिक ठंडे तापमान की स्थिति बनती है, जिससे पश्चिमी प्रशांत और हिंद महासागर में वायुदाब कम हो जाता है, जो भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून को कमजोर करने के लिए उत्तरदायी माना जाता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शीतकाल में उत्तर-पश्चिम भारत में उत्पन्न होने वाले 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) भूमध्य सागर से उठने वाली शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों की प्रणालियाँ हैं, जो जेट स्ट्रीम के सहारे भारत पहुँचकर पंजाब और हरियाणा में रबी की फसल के लिए अत्यंत लाभदायक 'मावठ' वर्षा कराते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वायुमंडल की विभिन्न परतों, उनकी तापीय विशेषताओं और वैश्विक वायुदाब पेटियों (Global Pressure Belts) की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊँचाई के साथ तापमान में होने वाली गिरावट की सामान्य दर को 'सामान्य ह्रास दर' (Normal Lapse Rate) कहा जाता है, जो प्रति 165 मीटर की ऊँचाई पर लगभग 1°C की दर से घटती है। 2. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) पूरी तरह से तापीय रूप से प्रेरित (Thermally induced) होती हैं, क्योंकि भूमध्य रेखा पर अत्यधिक गर्म हवा ऊपर उठकर ठंडी होती है और पृथ्वी के घूर्णन बल के बिना सीधे 30°-35° अक्षांशों के पास नीचे बैठ जाती है। 3. आयनमंडल के अंतर्गत आने वाली 'ई-परत' (E-Layer), जिसे केन्नली-हेविसाइड परत भी कहा जाता है, मध्यम और उच्च आवृत्ति वाली रेडियो तरंगों को पृथ्वी पर वापस परावर्तित करने में मदद करती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल (Mesosphere) में ऊँचाई के साथ तापमान में लगातार गिरावट आती है और इस परत की ऊपरी सीमा (मेसोपॉज) पर पृथ्वी का सबसे न्यूनतम तापमान दर्ज किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून की क्रियाविधि और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 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'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) सर्दियों के मौसम में उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा लाते हैं, जिनका मूल स्रोत भूमध्य सागर है और ये उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम के प्रभाव से भारतीय क्षेत्र की ओर प्रवाहित होते हैं। 4. उत्तर-पूर्वी मानसून (शीतकालीन मानसून) के दौरान तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में वर्षा का मुख्य कारण उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवनों का बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? पृथ्वी के प्रमुख पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल की भू-आकृतिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पामीर का पठार' (Pamir Plateau), जिसे 'विश्व की छत' (Roof of the World) कहा जाता है, एक अंतरपर्वतीय (Intermontane) पठार का उत्कृष्ट उदाहरण है जो तियान शान, कुनलुन, काराकोरम और हिंदू कुश पर्वत श्रेणियों के मिलन बिंदु पर स्थित है। 2. 'अनातातोली पठार' (Anatolian Plateau) एक लावा पठार है जो पूरी तरह से काले बेसाल्टिक पत्थरों से ढका हुआ है और यह पोंटिक तथा टॉरस पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित एक शुष्क अंतरपर्वतीय बेसिन है। 3. 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'ग्रेट बेसिन' (Great Basin) संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक अंतःप्रवाही (Inland Drainage) और शुष्क पठारी मरुस्थल है, जो उत्तर अमेरिकी कोर्डिलेरा के भीतर स्थित ब्रेसिन और रेंज (Basin and Range) स्थलाकृति का प्रतिनिधित्व करता है। 3. 'सैलार डी उयुनी' (Salar de Uyuni), जो विश्व का सबसे बड़ा नमक का मैदान है, दक्षिण अमेरिका के एंडीज पर्वतमाला के उच्च अतीक altiplano (अल्टीप्लानो) पठार पर स्थित एक शुष्क झील का अवशेष है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अटाकामा मरुस्थल (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका में एंडीज पर्वतमाला के पूर्वी ढाल पर स्थित होने के कारण वृष्टिछाया (Rain Shadow) प्रभाव से निर्मित दुनिया का सबसे शुष्क गर्म मरुस्थल है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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