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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, शैल चक्र (Rock Cycle) और चट्टानों के प्रकार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) मैग्मा या लावा के ठंडे होने और ठोस रूप धारण करने से बनती हैं, और यदि यह प्रक्रिया पृथ्वी की सतह के नीचे होती है तो 'पातालीय चट्टानें' (Plutonic Rocks) जैसे ग्रेनाइट का निर्माण होता है, जबकि सतह के ऊपर तीव्र शीतलन से 'ज्वालामुखी चट्टानें' जैसे बेसाल्ट बनती हैं।
- 2. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) पृथ्वी के धरातल पर अपक्षय और अपरदन के एजेंटों द्वारा लाई गई सामग्रियों के निक्षेप और संचयन (Lithification) से बनती हैं, तथा इन चट्टानों में जीवाश्मों (Fossils) का पाया जाना इनकी प्रमुख विशेषता है।
- 3. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) केवल आग्नेय चट्टानों के अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से अपने मूल रूप को बदलकर नई संरचना ग्रहण करने से बनती हैं, और इस प्रक्रिया में अवसादी चट्टानों का कोई योगदान नहीं होता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शैल चक्र एक निरंतर चलने वाली भूवैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसमें पुरानी चट्टानें लगातार पिघलने, अपरदन और कायांतरण के माध्यम से नए रूपों में परिवर्तित होती रहती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि आग्नेय चट्टानों का निर्माण मैग्मा या लावा के ठंडा होने से होता है। गहराई में धीरे-धीरे ठंडा होने पर पातालीय चट्टानें (जैसे ग्रेनाइट) बनती हैं, जबकि धरातल पर तीव्र शीतलन से बेसाल्ट का निर्माण होता है। कथन 2 सही है क्योंकि अवसादी चट्टानें निक्षेपण और संचयन (Lithification) से बनती हैं और इनमें जीवाश्म पाए जाते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि रूपांतरित चट्टानें केवल आग्नेय से नहीं, बल्कि पूर्ववर्ती आग्नेय और अवसादी दोनों प्रकार की चट्टानों के अत्यधिक ताप, दाब और रासायनिक सक्रिय द्रवों के प्रभाव से कायांतरित होकर बनती हैं। कथन 4 सही है, विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शैल चक्र (Rock Cycle) एक सतत प्रक्रिया है जिसमें चट्टानें एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती हैं। अतः सही विकल्प (a) है।
Related Questions
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सुनामी (Tsunami) और भूकंपीय प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सुनामी तरंगें महासागरों के गहरे जल में अत्यधिक लंबी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) और कम आयाम (Amplitude) वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इसका आभास नहीं होता है, परंतु तटीय उथले पानी में पहुँचने पर इनकी तरंग दैर्ध्य घट जाती है और आयाम (ऊंचाई) में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है।
2. प्रशांत महासागर की परिधि को 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) कहा जाता है, जहाँ दुनिया के सबसे अधिक सक्रिय ज्वालामुखी और अभिसारी प्लेट सीमाओं के कारण तीव्र भूकंप आते हैं, जो इस क्षेत्र को सुनामी के प्रति सर्वाधिक संवेदनशील बनाते हैं।
3. 'सुनामी' शब्द जापानी भाषा से लिया गया है जिसका शाब्दिक अर्थ 'बंदरगाह तरंग' (Harbour Wave) होता है, और इनकी उत्पत्ति केवल समुद्र के भीतर रिक्टर पैमाने पर 8.0 से अधिक तीव्रता के भूकंप आने के कारण ही संभव है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी तरंगों का वेग जल की गहराई के वर्गमूल के समानुपाती होता है, यही कारण है कि महासागर के खुले और गहरे भागों में इनकी गति 700 से 800 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की विभिन्न परतों, उनकी तापीय विशेषताओं और वैश्विक वायुदाब पेटियों (Global Pressure Belts) की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समतापमंडल (Stratosphere) के निचले भाग में तापमान स्थिर रहता है जिसे समतापीय (Isothermal) क्षेत्र कहते हैं, जबकि इसके ऊपरी भाग में ओजोन अणुओं द्वारा पराबैंगनी किरणों के अवशोषण के कारण ऊँचाई के साथ तापमान में तीव्र वृद्धि होती है।
2. विषुवतरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low Pressure Belt) पूरी तरह से तापीय रूप से प्रेरित (Thermally induced) होती है, क्योंकि यहाँ वर्ष भर सूर्य की किरणें लंबवत पड़ने के कारण अत्यधिक गर्म हवा ऊपर उठती है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) मुख्य रूप से गतिक कारकों (Dynamic factors) द्वारा निर्मित होती हैं, जहाँ भूमध्य रेखा और ध्रुवों से चलने वाली हवाएं 30°-35° अक्षांशों के पास नीचे उतरती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार क्षोभमंडल (Troposphere) की मोटाई विषुवत वृत्त पर अधिकतम (लगभग 18 किमी) और ध्रुवों पर न्यूनतम (लगभग 8 किमी) होती है, जिसका मुख्य कारण विषुवत रेखा पर तीव्र संवहन धाराओं का सक्रिय रहना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जोजी ला दर्रा' (Zoji La) जास्कर श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह से जोड़ता है और यह सिंधु नदी द्वारा बनाए गए गार्ज के पास स्थित है।
2. 'बारालाचा ला दर्रा' (Baralacha La) जास्कर श्रेणी में हिमाचल प्रदेश को लद्दाख से जोड़ता है, और इसी दर्रे के पास से चंद्र और भागा नदियाँ निकलकर 'चिनाब नदी' का निर्माण करती हैं।
3. 'नाथू ला दर्रा' (Nathu La) सिक्किम को तिब्बत की चुम्बी घाटी से जोड़ता है, जो प्राचीन 'सिल्क रूट' (Silk Route) की एक प्रमुख शाखा का हिस्सा रहा है और इसे 1962 के युद्ध के बाद बंद कर दिया गया था जिसे बाद में 2006 में व्यापार के लिए पुनः खोला गया।
4. 'अग्गिल दर्रा' (Aghil Pass) काराकोरम श्रेणी के उत्तर में स्थित है, जो लद्दाख क्षेत्र को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ता है और यह सर्दियों के मौसम में बर्फबारी के कारण बंद रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 68.8% भाग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है, तथा देश के 'बिहार' राज्य में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत सर्वाधिक है, जबकि 'गोवा' राज्य में शहरीकरण का स्तर सबसे अधिक दर्ज किया गया है।
2. वर्ष 2001 से 2011 के दशक के दौरान भारत की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर घटकर 17.7% रह गई, जो कि पूर्ववर्ती दशक (1991-2001) की 21.54% वृद्धि दर की तुलना में एक स्पष्ट गिरावट को दर्शाती है।
3. भारत में अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes - ST) की कुल जनसंख्या देश की कुल जनसंख्या का लगभग 8.6% है, और मध्य प्रदेश राज्य में अनुसूचित जनजाति की कुल संख्या देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक है, जबकि मिजोरम में इनकी प्रतिशतता सबसे अधिक है।
4. जनगणना 2011 के अनुसार, भारत का कुल जनघनत्व (Density of Population) 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, जिसमें बिहार राज्य 1106 व्यक्तियों के घनत्व के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जास्कर श्रेणी' (Zanskar Range) महान हिमालय के उत्तर में समानांतर रूप से फैली हुई एक पार-हिमालयी श्रेणी है, जो लद्दाख क्षेत्र को तिब्बत से अलग करती है और इसी श्रेणी के पूर्वी विस्तार में प्रसिद्ध 'नंगा पर्वत' स्थित है जो इस श्रेणी का सर्वोच्च शिखर है।
2. 'पीर पंजाल श्रेणी' लघु हिमालय (मध्य हिमालय) की सबसे लंबी और सबसे महत्वपूर्ण पर्वत श्रृंखला है, जो हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में फैली हुई है और इसी श्रेणी के अंतर्गत 'बनिहाल दर्रा' स्थित है जो जम्मू को श्रीनगर से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है।
3. 'मिशमी पहाड़ियाँ' (Mishmi Hills) पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित हैं, जो शिवालिक और पूर्वांचल पहाड़ियों का संगम स्थल बनाती हैं और यहीं भारत-चीन-म्यांमार की त्रि-संधि (Tri-junction) के निकट 'डिफू दर्रा' स्थित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'कुल्लू घाटी' धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य स्थित एक प्रसिद्ध अनुदैर्ध्य घाटी है, जिसे 'देवताओं की घाटी' भी कहा जाता है और यह ब्यास नदी बेसिन के अंतर्गत आती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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