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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी रणनीतिक तथा भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'जोजी ला दर्रा' (Zoji La Pass) जास्कर श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह से जोड़ता है और 'बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन' (BRO) द्वारा यहाँ सुरंग (Z-Morh और Z-La tunnels) का निर्माण किए जाने से यह सर्दियों में भी सुगम होने लगा है।
  2. 2. 'माना दर्रा' (Mana Pass) और 'नीति दर्रा' उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ने वाले प्रमुख दर्रे हैं, जो जास्कर श्रेणी में स्थित हैं और प्राचीन काल से ही भारत-तिब्बत व्यापार के साथ-साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा के मार्ग का हिस्सा रहे हैं।
  3. 3. 'नाथु ला दर्रा' (Nathu La Pass) सिक्किम को तिब्बत के चुम्बी घाटी से जोड़ता है, जो प्राचीन सिल्क रूट (Silk Route) की एक मुख्य शाखा है और वर्ष 1962 के युद्ध के बाद इसे बंद कर दिया गया था जिसे बाद में वर्ष 2006 में व्यापार के लिए पुनः खोल दिया गया।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अरुणाचल प्रदेश में स्थित 'दिफु दर्रा' (Diphu Pass) और 'पांगसाड दर्रा' (Pangsau Pass) क्रमशः भारत-म्यांमार और भारत-चीन सीमा पर स्थित हैं, जो पूर्वोत्तर भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले सामरिक महत्व के मार्ग हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। जोजी ला दर्रा जास्कर श्रेणी में स्थित है जो श्रीनगर और लेह को जोड़ता है। माना और नीति दर्रे उत्तराखंड में जास्कर श्रेणी पर स्थित हैं जो तिब्बत के साथ व्यापार और तीर्थाटन से जुड़े हैं। नाथु ला दर्रा सिक्किम में चुम्बी घाटी के पास स्थित प्राचीन सिल्क रूट का हिस्सा है जिसे 2006 में व्यापार हेतु पुनः खोला गया था। इसके अतिरिक्त, अरुणाचल प्रदेश के दिफु और पांगसाड दर्रे भारत-म्यांमार सीमा पर सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ये सभी दर्रे भारतीय उपमहाद्वीप और तिब्बत/चीन/म्यांमार के मध्य ऐतिहासिक और भौगोलिक संपर्क स्थापित करते हैं।
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