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Geography
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भूकंपीय तरंगों की गतिकी, ज्वालामुखी उद्गार के तंत्र तथा सुनामी तरंगों के संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं और ये ठोस, तरल तथा गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और ये केवल ठोस माध्यमों से ही गुजर सकती हैं, जिसके कारण ये बाह्य कोर (Outer Core) में प्रवेश नहीं कर पाती हैं।
- 2. 'शांत ज्वालामुखी' (Extinct Volcano) वे होते हैं जिनका ऐतिहासिक काल में कोई उद्गार दर्ज नहीं किया गया है और जिनके मुख (Crater) अत्यधिक अपरदन के कारण नष्ट हो चुके हैं, जैसे म्यांमार का पोपा पर्वत और अफ्रीका का किलिमंजारो पर्वत।
- 3. विवर्तनिक भूकंपों (Tectonic Earthquakes) की उत्पत्ति का मुख्य कारण भ्रंश तलों (Fault planes) पर ऊर्जा का संचय और अचानक चट्टानों का खिसकना है, और भूकंप का अधिकेंद्र (Epicenter) हमेशा उद्गम केंद्र (Focus/Hypocenter) के ठीक नीचे गहराई में स्थित होता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी तरंगों की गति महासागर के गहरे जल में 700 से 800 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है, परंतु जब ये उथले तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करती हैं, तो जल की गहराई घटने के कारण इनकी गति कम हो जाती है और इनकी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) में भारी कमी होने के कारण इनकी ऊँचाई (Amplitude) में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि P-तरंगें अनुदैर्ध्य होती हैं और सभी माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि S-तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं और तरल माध्यम (जैसे पृथ्वी का बाह्य कोर) में लुप्त हो जाती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि किलिमंजारो एक 'सुसुप्त या प्रसुप्त' (Dormant) नहीं बल्कि मृत/शांत ज्वालामुखी का उदाहरण माना जाता है, किंतु मुख्य बात यह है कि पोपा एक सुसुप्त/शांत दोनों में आ सकता है, लेकिन तकनीकी रूप से किलिमंजारो एक सक्रिय/प्रसुप्त मिश्रित ज्वालामुखी है (स्ट्रेटोवोल्cano) जिसमें हाल ही में मैग्मा हलचल के संकेत मिले हैं; जबकि सुसुप्त ज्वालामुखी वे हैं जिनमें उद्गार की संभावना होती है। कथन 3 गलत है क्योंकि भूकंप का 'अधिकेंद्र' (Epicenter) हमेशा 'उद्गम केंद्र' (Focus/Hypocenter) के ठीक *ऊपर* (सतह पर) स्थित होता है, न कि नीचे। कथन 4 बिल्कुल सही है और विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी तरंगों का वेग जल की गहराई पर निर्भर करता है और तट पर पहुँचने पर इनकी ऊर्जा संपीड़न के कारण ऊँचाई में बदल जाती है। अतः केवल कथन 1 और 4 सही हैं।
Related Questions
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पवन प्रणालियों, वायुमंडलीय आर्द्रता और चक्रवातों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'व्यापारिक पवनें' (Trade Winds) उत्तरी गोलार्ध में उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पश्चिम की ओर प्रवाहित होती हैं, जिन्हें कोरियोलिस बल के कारण अपनी मूल दिशा से विक्षेपित होना पड़ता है।
2. 'ओसांक' (Dew Point) वह तापमान है जिस पर वायु संतृप्त हो जाती है और जलवाष्प का संघनन शुरू हो जाता है, बशर्ते हवा का दबाव और उसमें जलवाष्प की मात्रा स्थिर रहे।
3. 'उष्णकटिबंधीय चक्रवातों' (Tropical Cyclones) के विपरीत, 'शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों' (Temperate Cyclones) की उत्पत्ति केवल महासागरीय सतह पर होती है और इनकी कोई स्पष्ट संकीर्ण आँख (Eye) नहीं होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान न्यूनतम 27 °C होना आवश्यक है, जिससे प्रचुर मात्रा में गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) की प्राप्ति होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंबल नदी पर निर्मित 'राणा प्रताप सागर बाँध' राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित एक गुरुत्वीय बाँध है, जिसका मुख्य उद्देश्य जलविद्युत उत्पादन और भू-सिंचाई सुविधाएँ प्रदान करना है।
2. केरल राज्य में स्थित 'वेम्बानाड झील' (Vembanad Lake) भारत की सबसे लंबी झील है, जो एक प्रसिद्ध कयाल (Lagoon) है और इसमें प्रतिवर्ष प्रसिद्ध 'नेहरू ट्रॉफी वल्लम काली' (नौका दौड़) का आयोजन किया जाता है।
3. मेघालय के चेरापूंजी क्षेत्र में स्थित 'नोकलिकाई जलप्रपात' (Nohkalikai Falls) भारत का सबसे ऊँचा plunge (सीधे नीचे गिरने वाला) जलप्रपात है, जिसकी कुल ऊँचाई लगभग 340 मीटर है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की सीमा पर स्थित 'पुलिकट झील' एक विवर्तनिक (Tectonic) झील है, जो मुख्य भूमि से श्रीहरिकोटा द्वीप द्वारा अलग होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'वुलर झील' (Wular Lake) भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से विवर्तनिक (Tectonic) गतिविधियों के कारण हुआ है और इस झील में झेलम नदी अपना जल विसर्जित करती है।
2. 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls) कर्नाटक के शिमोगा जिले में वाराही नदी पर स्थित है, जो भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात (लगभग 455 मीटर) है।
3. 'भाखड़ा-नांगल परियोजना' सतलुज नदी पर स्थित एक बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसके तहत निर्मित 'गोबिंद सागर जलाशय' भारत का सबसे बड़ा कृत्रिम जलाशय (Artificial Reservoir) है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की सीमा पर स्थित 'पुलिकट झील' एक लैगून झील है, जिसे बंगाल की खाड़ी से 'श्रीहरिकोटा द्वीप' अलग करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालय की अधिकांश प्रमुख नदियाँ 'पूर्ववर्ती अपवाह' (Antecedent Drainage) का उदाहरण हैं, अर्थात उन्होंने हिमालय के उत्थान से पहले ही अपने मार्ग निर्धारित कर लिए थे और उत्थान के साथ-साथ गहरी घाटियों व महाखड्डों (Gorges) का निर्माण किया है।
2. प्रायद्वीपीय भारत की नर्मदा और तापी नदियाँ रिफ्ट घाटियों (Rift Valleys) से होकर पश्चिम की ओर प्रवाहित होती हैं और अरब सागर में डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि गोदावरी और कृष्णा जैसी नदियाँ बंगाल की खाड़ी में ज्वारनदमुख (Estuaries) बनाती हैं।
3. प्रायद्वीपीय नदियाँ अपनी युवावस्था में हैं और इनका अनुदैर्ध्य प्रोफाइल अत्यधिक असंतुलित है, जिसके कारण ये वर्ष भर निरंतर जलप्रवाह बनाए रखती हैं और तीव्र अपरदन कार्यों में संलग्न रहती हैं।
4. कोसी नदी एक पूर्ववर्ती हिमालयी नदी है जो अपने मार्ग परिवर्तन के लिए कुख्यात है, किंतु इसके विपरीत ब्रह्मपुत्र नदी भारत में प्रवेश करने से पहले तिब्बत के क्षेत्र में 'سانگپो' (Tsangpo) के नाम से जानी जाती है और यह एक अनुगामी नदी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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ब्रह्माण्ड और सौर मण्डल की उत्पत्ति, ग्रहों की आंतरिक संरचना तथा अंतरिक्ष पिंडों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ओेर्ट बादल' (Oort Cloud) हमारे सौर मण्डल की सबसे बाहरी सीमा पर स्थित बर्फीले अंतरिक्ष पिंडों का एक विशाल गोलाकार आवरण है, जिसे दीर्घकालिक धूमकेतुओं (Long-period comets) का प्रमुख उद्गम स्रोत माना जाता है।
2. 'गोल्डीलॉक्स ज़ोन' (Goldilocks Zone) या रहने योग्य क्षेत्र किसी तारे के चारों ओर का वह संभावित क्षेत्र है जहाँ ग्रह की सतह पर तरल जल के अस्तित्व के लिए अनुकूल तापमान बना रहता है, और हमारे सौर मण्डल में पृथ्वी के अलावा शुक्र का अधिकांश भाग भी इसी क्षेत्र में आता है।
3. 'क्षुद्रग्रह बेल्ट' (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, जहाँ गुरुत्वाकर्षण के अत्यधिक प्रभाव के कारण कभी कोई बड़ा ग्रह नहीं बन सका और ये पिंड सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार बृहस्पति का प्राकृतिक उपग्रह 'गैनिमेड' (Ganymede) हमारे सौर मण्डल का सबसे बड़ा उपग्रह है, जिसका आकार बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसके पास अपना स्वयं का चुंबकीय क्षेत्र भी मौजूद है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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