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Geography
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) के अंतर्गत ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणालियों को शामिल किया जाता है, जो जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अधिकतम करती हैं और भूजल स्तर में तेजी से हो रही गिरावट को रोकने के लिए अत्यधिक प्रभावी हैं।
- 2. भारत का योजना आयोग (वर्तमान में नीति आयोग) देश को कृषि-जलवायु नियोजन के उद्देश्य से कुल 15 प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित करता है, जिसका मुख्य आधार तापमान, मृदा प्रकार, वर्षा और स्थलाकृति जैसी भौगोलिक विशेषताएँ हैं।
- 3. 'धान की गहनता प्रणाली' (System of Rice Intensification - SRI) पारंपरिक बाढ़ सिंचाई पद्धति की तुलना में अधिक पानी की खपत करती है, क्योंकि इसमें पौधों के विकास के लिए खेत में लगातार जल भराव बनाए रखना अनिवार्य होता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में कुल बोए गए क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा चावल (Paddy) की कृषि के अंतर्गत आता है, और इसके उत्पादन में पश्चिम बंगाल देश का अग्रणी राज्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और स्प्रिंकलर) वाष्पीकरण और अपवाह (Runoff) द्वारा होने वाले पानी के नुकसान को कम करके जल उपयोग दक्षता को काफी बढ़ा देती है। कथन 2 सही है क्योंकि योजना आयोग (अब नीति आयोग) ने भारत को कृषि-संसाधन विकास के लिए 15 प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में वर्गीकृत किया है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'धान की गहनता प्रणाली' (SRI) पारंपरिक बाढ़ सिंचाई के विपरीत कम पानी के उपयोग, वर्धित वायु संचार और जैविक खादों पर जोर देती है, जिससे पानी की समग्र खपत घटती है न कि बढ़ती। कथन 4 आंशिक रूप से तथ्यात्मक रूप से भ्रामक है क्योंकि भारत में कुल बोए गए क्षेत्र में चावल सबसे बड़े खाद्य फसलों में से एक है और पश्चिम बंगाल शीर्ष उत्पादक है, लेकिन संपूर्ण 'कृषि क्षेत्र' (Gross Cropped Area) में कुल खाद्यान्न और अन्य फसलें भी शामिल हैं; हालांकि मानक परीक्षाओं में इस संदर्भ को ध्यान में रखते हुए कथन 1 और 2 पूर्णतः सटीक हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
Related Questions
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वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों और वायुदाब पेटियों (Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभमंडल (Troposphere) की मोटाई विषुवत वृत्त (Equator) पर सबसे अधिक होती है, क्योंकि यहाँ तीव्र संवहन धाराओं (Convection currents) के कारण गर्म हवा ऊपर उठती है, जबकि ध्रुवों पर अत्यधिक ठंड और संकुचन के कारण यह सबसे पतला होता है।
2. समतापमंडल (Stratosphere) में स्थित ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करती है, जिसके कारण इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में कमी आने के बजाय तीव्र वृद्धि होने लगती है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts), जिन्हें 'अश्व अक्षांश' (Horse Latitudes) भी कहा जाता है, थर्मल रूप से प्रेरित (Thermally induced) पेटियाँ हैं जो अत्यधिक उच्च तापमान के कारण हवा के गर्म होकर ऊपर उठने से बनती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार आयनमंडल (Ionosphere) में स्थित 'ई-परत' (Kennelly-Heaviside layer) पृथ्वी से भेजी जाने वाली रेडियो तरंगों को वापस धरातल पर परावर्तित करती है, जिससे लंबी दूरी के बेतार संचार (Wireless communication) को संभव बनाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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हमारे सौर मंडल, ग्रहों की विशेषताओं और खगोलीय गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शुक्र (Venus) और अरुण (Uranus) हमारे सौर मंडल के ऐसे दो ग्रह हैं जो अन्य ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम (Clockwise / दक्षिणावर्त) दिशा में अपनी धुरी पर घूर्णन करते हैं, जिसके कारण इन ग्रहों पर सूर्य पश्चिम में उगता और पूर्व में अस्त होता है।
2. शनि का प्राकृतिक उपग्रह 'टाइटन' (Titan) सौर मंडल का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है, और यह अपनी सघन नाइट्रोजन युक्त वायुमंडल तथा सतह पर तरल मीथेन और इथेन के झीलों व नदियों की उपस्थिति के कारण विशिष्ट खगोलीय महत्व रखता है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार बृहस्पति ग्रह के पास सौर मंडल में सबसे अधिक संख्या में सत्यापित प्राकृतिक उपग्रह हैं, तथा इसका मुख्य उपग्रह 'आयो' (Io) सौर मंडल में सबसे अधिक ज्वालामुखीय रूप से सक्रिय पिंड है।
4. आंतरिक पार्थिव ग्रहों (Terrestrial Planets) का घनत्व बाह्य जोवियन ग्रहों (Jovian Planets) की तुलना में बहुत अधिक होता है, क्योंकि पार्थिव ग्रह मुख्य रूप से भारी चट्टानों और धातुओं से बने हैं जबकि जोवियन ग्रह मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम जैसी हल्की गैसों से निर्मित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज एवं ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी उत्पत्ति और परमाणु खनिजों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गोंडवाना क्रम के कोयला भंडार भारत के कुल कोयला भंडार का लगभग 98 प्रतिशत हैं और देश का अधिकांश उच्च श्रेणी का कोकिंग कोयला मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित है।
2. भारत में पेट्रोलियम के प्रमुख टर्शरी युगीन संस्तर (Tertiary Sedimentary Basins) असम, गुजरात और मुंबई हाई बेसिन तक सीमित हैं, और बाड़मेर (राजस्थान) का मंगला क्षेत्र भारत के कुल क्रूड ऑयल उत्पादन में किसी भी प्रकार का योगदान नहीं देता है।
3. भारत में थोरियम का मुख्य स्रोत 'मोनाजाइट' (Monazite) अयस्क है, जो केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों की बालुका (Placer Deposits) में भारी खनिजों के रूप में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार जादुगड़ा (झारखंड) भारत में यूरेनियम खनन के लिए प्रसिद्ध है, जबकि आंध्र प्रदेश का तुममलापल्ली (Tummalapalli) क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम भंडारों में से एक के रूप में उभरा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और उनसे संबंधित घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महान हिमालय (Greater Himalaya) या हिमाद्री श्रेणी भारत की सबसे उत्तरी और सर्वोच्च पर्वत श्रेणी है, जिसके क्रोड का मुख्य हिस्सा प्राचीन ग्रेनाइट और नाइस चट्टानों से बना है, और इसमें माउंट एवरेस्ट, कंचनजंगा तथा नंदा देवी जैसी विश्व प्रसिद्ध ऊँची चोटियाँ स्थित हैं।
2. 'कश्मीर घाटी' (Kashmir Valley) पीर पंजाल श्रेणी और वृहद हिमालय के बीच स्थित एक समोन्नति वाली संरचनात्मक बेसिन है, जिसका निर्माण प्राचीन टर्शरी काल में 'थेट्स सागर' के अवशेष के रूप में झील के तलछट (Karewa deposits) के ऊपर उठने से हुआ है।
3. 'कुल्लू घाटी' (Kullu Valley) हिमाचल प्रदेश में धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य स्थित एक प्रसिद्ध अनुप्रस्थ घाटी है, जिससे होकर 'सतलुज' नदी प्रवाहित होती है, जबकि 'स्पीति घाटी' इसके ठीक पूर्व में तिब्बत की सीमा के पास स्थित एक शीत मरुस्थलीय पर्वतीय घाटी है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शिवालिक श्रेणी (Outer Himalayas) हिमालय की सबसे बाहरी और नवीनतम पद-श्रेणी (Foot-hills) है, जिसका निर्माण मध्य मियोसीन से प्लीइस्टोसेन काल के दौरान हिमालयी नदियों द्वारा लाए गए अवसादों के संपीडन से हुआ है और इसके बीच स्थित समतल संरचनात्मक घाटियों को 'दून' (जैसे देहरादून) तथा 'द्वार' कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के संदर्भ में 'नल्लामला पहाड़ियों' (Nallamala Hills) का विस्तार निम्नलिखित में से किन राज्यों के अंतर्गत आता है और ये किस भौगर्भिक संरचना का हिस्सा हैं?
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