त्वरित लिंक्स
Geography
10 views
पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के चक्र (Rock Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मोहरोविकिक असंबद्धता (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट (भू-पर्पटी) और मेंटल के बीच की सीमा को दर्शाती है, जहाँ प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
- 2. 'गैब्रॉ' (Gabbro) और 'पेरीडोटाइट' (Peridotite) आग्नेय चट्टानों के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिनमें गैब्रॉ एक अंतर्वेदी (Intrusive) आग्नेय चट्टान है, जबकि पेरीडोटाइट मुख्य रूप से ऊपरी मेंटल का निर्माण करने वाला एक प्रमुख खनिज संयोजन है।
- 3. कायांतरित चट्टानों (Metamorphic Rocks) में 'पर्णन' (Foliation) या पट्टीय संरचना का निर्माण मुख्य रूप से विवर्तनिक दबाव (Tectonic Pressure) और अपरूपण बलों के कारण खनिजों के समतलीय (Plenary) समानांतर संरेखण से होता है, जिसका सुंदर उदाहरण शिस्ट और नीस हैं।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार चूना पत्थर (Limestone) के रूपांतरण से संगमरमर (Marble) का निर्माण होता है, जो एक प्रकार की अ-पर्णी (Non-foliated) कायांतरित चट्टान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। मोहरोविकिक असंबद्धता (Moho) क्रस्ट और मेंटल को अलग करती है जहाँ भूकंपीय तरंगों की गति बढ़ती है। गैब्रॉ अंतर्वेदी आग्नेय चट्टान है और पेरीडोटाइट ऊपरी मेंटल का मुख्य घटक है। विवर्तनिक दबाव के कारण कायांतरित चट्टानों में पर्णन (Foliation) होता है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार चूना पत्थर के कायांतरण से संगमरमर बनता है जो अ-पर्णी चट्टान है।
Related Questions
→
भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले भी प्रवाहित होती थीं और उन्होंने उत्थान के साथ-साथ गहरी घाटियों (गॉर्ज) का निर्माण किया।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से 'वृक्षाकार' (Dendritic) अपवाह पैटर्न का पालन करती हैं और इनकी घाटियाँ चौड़ी तथा परिपक्व (Mature) होती हैं, क्योंकि ये अपने बेस बेस लेवल (Base level) को प्राप्त कर चुकी हैं और इनकी ढाल प्रवणता बहुत कम होती है।
3. नर्मदा और तापी नदियाँ प्रायद्वीपीय भारत की प्रमुख नदियाँ होने के बावजूद डेल्टा का निर्माण करती हैं, क्योंकि वे पश्चिम की ओर बहते हुए खंभात की खाड़ी में विलीन होने से पहले अत्यधिक अवसाद का निक्षेपण करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण तथा उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में मिलने वाला अधिकांश कोयला गोंडवाना क्रम की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से धातु कर्म (Metallurgical) और विद्युत उत्पादन में प्रयुक्त होता है, तथा इसमें सल्फर की मात्रा बहुत कम और राख (Ash) की मात्रा अधिक होती है।
2. देश में 'बॉम्बे हाई' (Bombay High) क्षेत्र से प्राप्त होने वाला पेट्रोलियम टर्शरी युग की अवसादी शैल संरचनाओं में स्थित अपतटीय (Offshore) तेल भंडारों से निकाला जाता है।
3. भारत के झारखंड में स्थित 'जादूगोड़ा' की खदानें यूरेनियम के उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं, जहाँ यह खनिज मुख्य रूप से धरधार (Dharwar) या कायांतरित चट्टानों के पेगमाटाइट नसों से निकाला जाता है।
4. देश में थोरियम का मुख्य स्रोत 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) है, जो केरल के तटीय क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है और इसमें इल्मेनाइट, रुटाइल तथा जिरकॉन जैसे खनिज भी सह-उत्पाद के रूप में मिलते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बुर्जिल दर्रा' (Burzil Pass) कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है और यह श्रीनगर से गिलगित को जाने वाले प्राचीन मार्ग पर स्थित है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'बारालाचा ला दर्रा' (Baralacha La) जांस्कर श्रेणी में स्थित है, जो हिमाचल प्रदेश के लाहौल जिले को लद्दाख के लेह जिले से जोड़ता है तथा इसी दर्रे से भागा और चंद्रा नदियाँ निकलकर चंद्रभागा (चिनाब) नदी का निर्माण करती हैं।
3. 'माना दर्रा' (Mana Pass) उत्तराखंड में कुमाऊं क्षेत्र को तिब्बत से जोड़ता है, और यह ग्रेटर हिमालय में स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे मोटर योग्य वाहनों के आवागमन वाले सड़क मार्गों में से एक है।
4. 'दीफु दर्रा' (Diphu Pass) अरुणाचल प्रदेश, म्यांमार और चीन के त्रिसंधि (Tri-junction) क्षेत्र के पास स्थित एक रणनीतिक पहाड़ी दर्रा है, जो अरुणाचल प्रदेश को म्यांमार के मंडा和 क्षेत्र से जोड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार, जनसंख्या घनत्व, लिंगानुपात और साक्षरता के प्रादेशिक विविधताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत का कुल जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था, जिसमें राज्यों की दृष्टि से 'बिहार' (1106 व्यक्ति/वर्ग किमी) सर्वोच्च स्थान पर है, जबकि केंद्रशासित प्रदेशों में 'दिल्ली' का जनसंख्या घनत्व सबसे अधिक है।
2. देश का समग्र लिंगानुपात (प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या) 943 दर्ज किया गया था, जिसमें 'केरल' (1084) सभी राज्यों में शीर्ष पर है, जबकि सबसे कम लिंगानुपात वाला राज्य हरियाणा है।
3. भारत की कुल साक्षरता दर 74.04% दर्ज की गई थी, जिसमें पुरुष साक्षरता (82.14%) की तुलना में महिला साक्षरता (65.46%) में सबसे बड़ा अंतराल 'राजस्थान' राज्य में देखा गया, जबकि साक्षरता दर के मामले में केरल और मिजोरम शीर्ष दो राज्य हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों—पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल—की उत्पत्ति, वर्गीकरण और उनकी भौतिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ब्लॉक पर्वत' (Block Mountains) या भ्रंशोथ पर्वत का निर्माण तनाव मूलक बलों (Tensional Forces) के कारण धरातल के टूटने और भ्रंशन (Faulting) होने से होता है, जिसके परिणामस्वरूप उठे हुए भाग को 'हॉर्स्ट' (Horst) और धंसे हुए भाग को 'ग्रaben' (Graben) कहा जाता है, तथा जर्मनी का ब्लैक फॉरेस्ट पर्वत इसका उत्कृष्ट उदाहरण है।
2. 'अंतरपर्वतीय पठार' (Intermontane Plateaus) चारों तरफ से ऊँची पर्वत श्रेणियों से घिरे होते हैं, जो पृथ्वी के सबसे ऊंचे और विस्तृत पठार होते हैं; जैसे कि बोलीविया का पठार और अनातोलिया का पठार।
3. 'डेल्टा मैदान' (Deltaic Plains) नदियों द्वारा अपरदित पदार्थों के निक्षेपण से समुद्र या झील के मुहाने पर बनते हैं, और सुंदरवन का मैदान इसका एक अपवाद है क्योंकि यह पूरी तरह से पवन निक्षेपण द्वारा निर्मित मैदान है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मरुस्थलीय क्षेत्रों में 'अर्गा' (Erg) रेतीले मरुस्थलों को कहा जाता है जो गतिशील रेत के टीलों से ढके होते हैं, जबकि 'रेग' (Reg) या 'सेरिर' (Serir) कंकरीले और पथरीले मरुस्थलों के रूप में जाने जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.