Geography
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भारतीय मानसून की उत्पत्ति, उसकी क्रियाविधि और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के समय, मेडागास्कर के पूर्व में हिंद महासागर के ऊपर स्थित 'मस्कारेन उच्च' (Mascarene High) नामक उच्च वायुदाब क्षेत्र की तीव्रता ग्रीष्मकाल में भारतीय उपमहाद्वीप पर विकसित होने वाले निम्न वायुदाब को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- 2. 'एल नीनो' (El Niño) घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी और मध्य विषुवतीय भाग में समुद्री सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि हो जाती है, जिससेWalker Circulation कमजोर पड़ता है और भारत में आमतौर पर मानसूनी वर्षा में कमी या सूखा देखा जाता है।
- 3. 'मैडेन-जुलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) एक पूर्व की ओर बढ़ने वाली बादलों और वर्षा की महासागरीय-वायुमंडलीय प्रणाली है, जिसका सक्रिय चरण भारतीय मानसून के दौरान वर्षा को बढ़ाने में सहायक होता है, जबकि इसका निष्क्रिय चरण मानसूनी विच्छेद (Break in Monsoon) का कारण बन सकता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में होने वाली कुल वर्षा का अधिकांश भाग (लगभग 75% से अधिक) दक्षिण-पश्चिम मानसून काल (जून से सितंबर) के दौरान प्राप्त होता है, जिसमें पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढालों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन भारतीय मानसून की उत्पत्ति, उसकी गतिकोणिक प्रणालियों और वर्षा के वितरण के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। 1. ग्रीष्मकाल में तिब्बत के पठार के अत्यधिक गर्म होने से उपमहाद्वीप पर निम्न वायुदाब बनता है, जिसे मेडागास्कर के पास स्थित मस्कारेन उच्च से चलने वाली दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाएँ पार करके दक्षिण-पश्चिम मानसून के रूप में भारत की ओर मुड़ती हैं। 2. एल नीनो घटना पूर्वी प्रशांत महासागर में जल के गर्म होने से जुड़ी है जो वॉकर सर्कुलेशन को उलट देती है और भारतीय मानसून को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है। 3. MJO (मैडेन-जुलियन दोलन) वैश्विक स्तर पर उष्णकटिबंधीय मौसम को प्रभावित करता है और इसके चक्र भारतीय मानसून के सक्रिय तथा कमजोर चरणों को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की कृषि और अर्थव्यवस्था मानसून पर अत्यधिक निर्भर करती है।
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'नक्की झील' (Nakki Lake) राजस्थान के माउंट आबू में स्थित एक क्रेटर झील है, जिसके बारे में यह मान्यता है कि इसे देवताओं ने अपने नाखूनों से खोदकर बनाया था, जबकि 'लोनर झील' (Lonar Lake) महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में बेसाल्टिक चट्टानों पर उल्कापिंड के प्रभाव (Meteorite Impact) से बनी एक अधिसूचित रामसर आर्द्रभूमि है।
2. शरावती नदी पर कर्नाटक में स्थित 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls) भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात है, जिसकी कुल ऊँचाई लगभग 455 मीटर है, जबकि 'जोग जलप्रपात' (जिसे गार्सोप्पा या महात्मा गांधी जलप्रपात भी कहा जाता है) भारत का सबसे ऊँचा एकल-बूंद (Plunge) वाला जलप्रपात है।
3. 'सरदार सरोवर परियोजना' (Sardar Sarovar Project) नर्मदा नदी पर निर्मित एक बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसका लाभ मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान चार राज्यों को मिलता है, और इसी परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश में 'इंदिरा सागर' तथा गुजरात में मुख्य बाँध बनाया गया है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की सीमा पर स्थित 'पुलिकट झील' (Pulicat Lake) भारत की दूसरी सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून झील है, जिसे श्रीहरिकोटा द्वीप बंगाल की खाड़ी से अलग करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय असंबद्धताओं (Discontinuities) और चट्टानों के रूपांतरण चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) पृथ्वी के मेंटल और क्रोड (Core) के बीच की सीमा पर स्थित है, जहाँ से प्राथमिक तरंगें (P-waves) गुजरने में असमर्थ हो जाती हैं और द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
2. 'कान्रार्ड असंबद्धता' (Conrad Discontinuity) ऊपरी क्रस्ट (Upper Crust) और निचली क्रस्ट (Lower Crust) के बीच पाई जाती है, जबकि 'मोहरोविकिक असंबद्धता' (Mohorovičić Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल को अलग करती है।
3. कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक तापमान, दाब या रासायनिक रूप से सक्रिय तरल पदार्थों के प्रभाव से मूल आग्नेय या अवसादी चट्टानों के रूप और संरचना में परिवर्तन के परिणामस्वरूप बनती हैं, और इस प्रक्रिया में चूना पत्थर का संगमरमर (Marble) में तथा बलुआ पत्थर का क्वार्ट्जाइट (Quartzite) में रूपांतरण इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की क्रोड (Core) का बाहरी भाग तरल अवस्था में है, जिसके कारण इसके भीतर से गुजरने वाली S-तरंगें मार्ग में अचानक रुक जाती हैं, जबकि P-तरंगों का वेग इस क्षेत्र में पहुँचने पर काफी कम हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों (शैल) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में भार के अनुसार सबसे अधिक मात्रा ऑक्सीजन (लगभग 46.6%) की पाई जाती है, जिसके बाद सिलिकॉन (लगभग 27.7%) और एल्युमीनियम का स्थान आता है, जबकि संपूर्ण पृथ्वी के स्तर पर सर्वाधिक प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व लोहा (Iron) है।
2. 'बेसाल्ट' और 'ग्रेब्रो' दोनों ही आग्नेय चट्टानें हैं, परंतु बेसाल्ट एक बहिर्भेदी (Extrusive) आग्नेय चट्टान है जो द्रुत शीतलन के कारण सूक्ष्म कणों वाली होती है, जबकि ग्रेब्रो एक अंतर्भेदी (Intrusive) आग्नेय चट्टान है जो भूगर्भ में मंद शीतलन के कारण बड़े रवेदार (Coarse-grained) रूप में पाई जाती है।
3. कायांतरित (Metamorphic) चट्टानों का निर्माण अत्यधिक ताप, दाब या रासायनिक रूप से सक्रिय तरल पदार्थों के प्रभाव से पूर्ववर्ती आग्नेय या अवसादी चट्टानों के पुनर्गठन द्वारा होता है, जिसके अंतर्गत चूना पत्थर (Limestone) रूपांतरित होकर संगमरमर (Marble) में तथा बलुआ पत्थर (Sandstone) क्वार्ट्जाइट में परिवर्तित हो जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की क्रोड (Core) मुख्य रूप से निकल और लोहे से बनी है, जिसे 'निफे' (NIFE) परत भी कहा जाता है, और इसका बाहरी क्रोड पिघली हुई अवस्था में होने के कारण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) के सृजन के लिए उत्तरदायी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की विभिन्न परतों, उनके तापमान की प्रवणता (Temperature Lapse Rate) और वैश्विक वायुदाब पेटियों (Global Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समताप मंडल (Stratosphere) में तापमान की ऊंचाई के साथ वृद्धि होती है, जिसका मुख्य कारण ओजोन परत द्वारा पराबैंगनी (UV) विकिरणों का अवशोषण है, और इसी कारण यह परत वाणिज्यिक जेट विमानों की उड़ानों के लिए आदर्श मानी जाती है क्योंकि यहाँ मौसम संबंधी हलचलें नगण्य होती हैं।
2. 'डोलड्रम' (Doldrums) या विषुवतरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low Pressure Belt) तापीय रूप से प्रेरित पेटी है, जहाँ वर्ष भर सूर्य की किरणें लंबवत पड़ने के कारण संवहन धाराओं (Convectional Currents) का विकास होता है, और यहाँ धरातलीय पवनें शांत रहती हैं।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High Pressure Belts) गतिक रूप से प्रेरित (Dynamically Induced) पेटियाँ हैं, जिनका निर्माण पृथ्वी के घूर्णन और विषुवतरेखीय क्षेत्र से उठने वाली गर्म हवाओं के ऊपरी वायुमंडल में ठंडा होकर 30° से 35° अक्षांशों के पास नीचे बैठने (Subsidence) के कारण होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जिसमें ऊंचाई के साथ तापमान में भारी गिरावट आती है और इस परत के ऊपरी सीमा (मेसोपॉज) पर तापमान -90°C से भी नीचे चला जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
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पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
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