Geography
Asked 2 months ago · Viewed 16 times
भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय-देशांतीर्य स्थिति और मानक समय रेखा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश के मध्य है, जबकि इसका देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर तक फैला हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप देश के सबसे पश्चिमी और सबसे पूर्वी छोर के बीच लगभग 30 डिग्री देशांतर का अंतर पाया जाता है।
- 2. भारत की मानक समय रेखा (82°30' पूर्व देशांतर) देश के कुल पाँच राज्यों—उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश—से होकर गुजरती है, और यह रेखा छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के निकट से गुजरते हुए भारतीय मानक समय का निर्धारण करती है।
- 3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग मध्य से होकर गुजरती है और यह कुल आठ राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से गुजरती है, जिसमें झारखंड की राजधानी रांची कर्क रेखा के सबसे निकट स्थित प्रमुख शहर है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का उत्तर से दक्षिण तक कुल वास्तविक विस्तार लगभग 3,214 किलोमीटर तथा पूर्व से पश्चिम तक कुल विस्तार लगभग 2,933 किलोमीटर है, तथा देश की कुल स्थलीय सीमा की लंबाई लगभग 15,200 किलोमीटर है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश के मध्य है तथा देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर तक है। देशांतरों में लगभग 30° का अंतर होने के कारण अरुणाचल प्रदेश और गुजरात के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतराल होता है।
कथन 2 गलत है: भारतीय मानक समय रेखा (82°30' पूर्व देशांतर) उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश—इन 5 राज्यों से गुजरती है, किंतु उत्तर प्रदेश के नैनी (प्रयागराज) या मिर्जापुर के पास से गुजरती है; छत्तीसगढ़ में यह सूरजपुर से नहीं बल्कि बलौदा बाजार, कोहरापारा जैसे क्षेत्रों से निकलती है, तथा छत्तीसगढ़ के संदर्भ में यह विशिष्ट तथ्य आंशिक रूप से भ्रामक है क्योंकि मानक रेखा छत्तीसगढ़ के कोरिया (अब मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर या सूरजपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों) से गुजरती है, लेकिन मुख्य त्रुटि यह है कि यह मिर्जापुर/नैनी से निर्धारित होती है और इसके राज्यों का क्रम 5 है। हालांकि, यहाँ अधिक सटीक रूप से देखें तो कर्क रेखा और IST रेखा छत्तीसगढ़ के कोरिया/सूरजपुर संभाग के पास आपस में काटती हैं, लेकिन मानक रेखा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर/प्रयागराज से मुख्य रूप से संदर्भित है। (नोट: अधिक प्रामाणिक रूप से कथन 2 में मानक रेखा के गुजरने वाले राज्यों की संख्या 5 है, किंतु छत्तीसगढ़ के संबंध में इसे थोड़ा गलत माना जा सकता है क्योंकि यह बलौदा बाजार और सूरजपुर-कोरिया सीमा से गुजरती है)।
कथन 3 सही है: कर्क रेखा (23°30' N) भारत के 8 राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिजोरम) से गुजरती है और झारखंड की राजधानी रांची इस रेखा के सबसे नजदीक स्थित शहर है।
कथन 4 सही है: भारत का उत्तर-दक्षिण विस्तार 3,214 किमी और पूर्व-पश्चिम विस्तार 2,933 किमी है। अतः कथन 1, 3 और 4 सही हैं।
अगला प्रश्न →
विश्व की प्रमुख नदियों और उनके किनारे स्थित नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित…
← पिछला प्रश्न
भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भूगर्भीय…
Related Questions
→
पृथ्वी की विवर्तनिक गतिविधियों, भूकंपीय तरंगों के संचरण और सुनामी की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक (P) तरंगें अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं और ये ठोस, तरल तथा गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक (S) तरंगें अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और ये केवल ठोस माध्यमों में ही संचरण करती हैं।
2. 'सुनामी' (Tsunami) शब्द जापानी भाषा से लिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ 'बंदरगाह लहर' (Harbour wave) है, और समुद्र के भीतर उत्पन्न होने वाली ये लंबी तरंगदैर्ध्य वाली तरंगें जब उथले तटीय जल में प्रवेश करती हैं, तो इनकी गति कम हो जाती है लेकिन इनकी ऊँचाई (Amplitude) में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है।
3. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी अभिसारी (Convergent) या अपसारी (Divergent) प्लेट सीमाओं के ठीक ऊपर स्थित होते हैं, और हवाई द्वीप समूह प्लेट विवर्तनिकी के इस सिद्धांत का खंडन करता है क्योंकि यह हमेशा प्लेटों की सीमाओं पर ही बनता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी के भीतर वह बिंदु जहाँ से भूकंपीय ऊर्जा निकलती है, 'अवरोध केंद्र' या 'अतिकेंद्र' (Epicenter) कहलाता है, जबकि इसके ठीक ऊपर सतह पर स्थित बिंदु को 'फोकस' (Focus) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के खनिज संसाधनों, उनके भूगर्भीय भंडारों और वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में कोयला का लगभग 98% से अधिक भंडार 'गोंडवाना' क्रम की चट्टानों में पाया जाता है, जिसमें मुख्य रूप से बिटुमिनस प्रकार का कोयला शामिल है, जबकि टर्शरी युगीन कोयला मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों में मिलता है जो उच्च गंधक (High Sulphur) युक्त होता है।
2. देश में पेट्रोलियम के प्रमुख अपतटीय (Offshore) क्षेत्र के रूप में 'बॉम्बे हाई' प्रसिद्ध है, जिसकी खोज वर्ष 1974 में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) द्वारा की गई थी और यह खंभात बेसिन के अंतर्गत स्थित है।
3. भारत में 'मोनोसाइट' (Monazite) के विशाल भंडार केरल, तमिलनाडु और ओडिशा के तटीय बालू निक्षेपों में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे थोरियम का निष्कर्षण किया जाता है, जबकि यूरेनियम का मुख्य उत्पादन झारखंड के जादूगोड़ा खदान से होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार देश का अधिकांश धात्विक खनिज और शक्ति संसाधन प्रायद्वीपीय पठार की प्राचीन आग्नेय तथा कायांतरित चट्टानों (विशेषकर धारवाड़ क्रम) में संकेंद्रित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत में सिंचाई अवसंरचना, कृषि पद्धतियों और बहु-फसलीय प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के 'सकल सिंचित क्षेत्र' (Gross Irrigated Area) में कुओं और नलकूपों (Wells and Tube wells) का हिस्सा सर्वाधिक है, जिसके बाद दूसरा प्रमुख स्थान नहरों (Canals) का आता है, और कुल सिंचित क्षेत्र के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य देश में शीर्ष स्थान पर है।
2. 'धान की गहनता प्रणाली' (System of Rice Intensification - SRI) पारंपरिक रोपाई विधि की तुलना में अधिक जल की खपत करती है, क्योंकि इसमें पौधों को लगातार पानी से भरे खेतों में रखना अनिवार्य होता है।
3. 'जीरो टिलेज' (Zero Tillage) या शून्य जुताई कृषि तकनीक मृदा के स्वास्थ्य और नमी के संरक्षण में अत्यधिक प्रभावी है, क्योंकि इसमें खेत की पारंपरिक जुताई किए बिना और पिछली फसल के अवशेषों को जलाए बिना सीधे ही सीड-ड्रिल मशीन से नई फसल की बुवाई की जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचन योजना' (PMKSY) के 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (Per Drop More Crop) घटक का मुख्य उद्देश्य जल के उपयोग की दक्षता में सुधार करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भूकंप, ज्वालामुखी और सुनामी की प्रक्रियाओं तथा इनसे संबंधित भू-वैज्ञानिकीय परिघटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाली 'सतही तरंगें' (Surface Waves या L-waves) पृथ्वी की सतह के सहारे चलती हैं और ये सभी भूकंपीय तरंगों में सबसे अधिक विनाशकारी होती हैं, जबकि 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) आंतरिक भाग से गुजरते समय चट्टानों में संकुचन और फैलाव उत्पन्न करती हैं।
2. 'सुनामी' (Tsunami) तरंगें गहरे महासागरों में बहुत लंबी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) और कम ऊँचाई (Amplitude) वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इसका आभास तक नहीं होता, किंतु उथले तटीय क्षेत्रों में पहुँचते ही इनकी गति कम हो जाती है और ऊँचाई अत्यधिक बढ़ जाती है।
3. 'शील्ड ज्वालामुखी' (Shield Volcanoes) बेसाल्टिक लावा के अत्यधिक तरल और कम गाढ़े होने के कारण शांत उद्गार से बनते हैं, जो दूर तक फैलकर ढालनुमा मैदान बनाते हैं, और हवाई द्वीप का 'मौना लोवा' (Mauna Loa) इसका उत्कृष्ट उदाहरण है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ज्वालामुखी उद्गार के समय निकलने वाली गैसों में जलवाष्प (Water Vapor) की मात्रा सर्वाधिक होती है, जिसके बाद कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन और सल्फर डाइऑक्साइड का स्थान आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
→
पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.