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Geography
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भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों (Cropping Systems) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'श्री पद्धति' (System of Rice Intensification - SRI) धान की खेती की एक ऐसी उन्नत तकनीक है जिसका उद्गम मेडागास्कर में हुआ था, जिसमें पारंपरिक रोपाई की तुलना में कम जल की आवश्यकता होती है, पौधों के बीच की दूरी अधिक रखी जाती है और युवा पौधों (Seedlings) का उपयोग किया जाता है।
- 2. भारत में कुल सिंचित क्षेत्र के स्रोतों के वितरण को देखें तो, देश के 'सकल सिंचित क्षेत्र' (Gross Irrigated Area) में कुओं और नलकूपों (Wells and Tube wells) का हिस्सा सर्वाधिक है, जिसके बाद दूसरा प्रमुख स्थान नहरों (Canals) का आता है।
- 3. 'जीरो टिलेज' (Zero Tillage) या शून्य जुताई कृषि तकनीक मृदा के स्वास्थ्य और नमी के संरक्षण में अत्यधिक प्रभावी है, क्योंकि इसमें खेत की पारंपरिक जुताई किए बिना और पिछली फसल के अवशेषों को जलाए बिना सीधे ही सीड-ड्रिल मशीन से नई फसल की बुवाई की जाती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचन योजना' (PMKSY) के 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (Per Drop More Crop) घटक का मुख्य उद्देश्य जल के उपयोग की दक्षता में सुधार करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 1. 'श्री पद्धति' (SRI) धान की पारंपरिक विधि से भिन्न है जिसमें कम पानी, व्यापक रिक्ति (Spacing) और कम उम्र के पौधों का प्रयोग होता है। 2. भारत की सिंचाई सांख्यिकी के अनुसार, भूजल (कुएँ और नलकूप) देश में सिंचाई का सबसे बड़ा स्रोत है, इसके बाद सतही जल (नहरें) आते हैं। 3. शून्य जुताई (Zero Tillage) से मृदा अपरदन रुकता है, कार्बन का संचयन बढ़ता है और मिट्टी की नमी सुरक्षित रहती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रधानमंत्री कृषि सिंचन योजना (PMKSY) का उद्देश्य 'हर खेत को पानी' और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' के माध्यम से जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना है।
Related Questions
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महासागरीय जलधाराओं और उनके विशिष्ट प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बेगुला जलधारा' (Benguela Current) अटलांटिक महासागर के दक्षिणी गोलार्ध में प्रवाहित होने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहती है और इसके प्रभाव से यहाँ 'नामीब मरुस्थल' के निर्माण में सहायता मिलती है।
2. 'हम्बोल्ट जलधारा' या 'पेरू जलधारा' प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर प्रवाहित होती है और यहाँ 'एल नीनो' (El Niño) वर्ष के दौरान इसके कमजोर पड़ने से स्थानीय मत्स्य उद्योग को अत्यधिक लाभ होता है।
3. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो जब अटलांटिक महासागर में गल्फ स्ट्रीम की गर्म जलधारा से मिलती है, तो वहाँ न्यूफाउंडलैंड के तट के पास दुनिया के सबसे समृद्ध मत्सय क्षेत्रों और घने कोहरे का निर्माण करती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'कुरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जिसे 'जापान की धारा' भी कहा जाता है और यह जापान के पूर्वी तट के उत्तर की ओर प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विश्व की प्रमुख नदियाँ और उनके किनारे स्थित ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ब्यूनस आयर्स (Buenos Aires) — रियो डी ला प्लाटा (Rio de la Plata) नदी
2. खारतूम (Khartoum) — श्वेत नील और नीली नील नदियों का संगम
3. मॉन्ट्रियल (Montreal) — सेंट लॉरेंस नदी
4. वियना (Vienna) — राइन नदी
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets), क्षुद्रग्रहों और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सभी बाह्य ग्रह (बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून) गैसीय पिंड हैं और उनके घनत्व आंतरिक ग्रहों (पार्थिव ग्रहों) की तुलना में बहुत अधिक होते हैं, क्योंकि वे अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण के कारण भारी तत्वों से संघनन द्वारा बने हैं।
2. 'किर्कवुड गैप्स' (Kirkwood Gaps) मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के मध्य स्थित क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) में पाए जाने वाले वे अंतराल हैं जहाँ बृहस्पति के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव के कारण क्षुद्रग्रहों की उपस्थिति नगण्य होती है।
3. 'विपरीत दिशा में परिक्रमण' (Retrograde Motion) करने वाले ग्रहों की श्रेणी में शुक्र और यूरेनस शामिल हैं, जो सूर्य की परिक्रमा अपनी धुरी पर पूर्व से पश्चिम की ओर (घड़ी की सुइयों की दिशा में) करते हैं, जो अधिकांश अन्य ग्रहों के विपरीत है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं और उनके जल-प्रवाह तंत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि उन्हें जल वर्षा के अतिरिक्त हिमनदों (Glaciers) के पिघलने से भी प्राप्त होता है, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ अनित्य (Seasonal) या मानसूनी होती हैं जो केवल वर्षा पर निर्भर करती हैं।
2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ पुराने पठार पर अपने आधार तल (Base Level) को प्राप्त कर चुकी हैं और परिपक्व अवस्था में होने के कारण विसर्पण (Meandering) जैसी स्थलाकृतियाँ बहुत कम बनाती हैं, जबकि उत्तर भारत के मैदानों में बहने वाली हिमालयी नदियाँ अपने युवा चरण में अत्यधिक विसर्पण और मार्ग परिवर्तन के लिए जानी जाती हैं।
3. 'नर्मदा' और 'तापी' नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार की अधिकांश अन्य नदियों के विपरीत पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरने के बजाय भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होते हुए पश्चिम की ओर प्रवाहित होती हैं और अरब सागर में ज्वारनदमुख (Estuary) का निर्माण करती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी गोदावरी है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है, जिसका उद्गम महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर (नासिक) से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के चक्र (Rock Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दुर्दमंडल (Asthenosphere), जो ऊपरी प्रवार (Upper Mantle) के ठीक नीचे स्थित है, अत्यधिक उच्च तापमान और दाब के कारण अर्ध-पिघली हुई या प्लास्टिक अवस्था में होता है, और यही क्षेत्र मैग्मा का मुख्य स्रोत है जो विवर्तनिक प्लेटों की गति को संचालित करता है।
2. रूपांतरण प्रक्रिया (Metamorphism) के दौरान जब बलुआ पत्थर (Sandstone) अत्यधिक ताप और दबाव के प्रभाव से अपनी संरचना बदलता है, तो वह संगमरमर (Marble) में परिवर्तित हो जाता है, जबकि चूना पत्थर (Limestone) क्वार्ट्जाइट (Quartzite) का रूप ले लेता है।
3. बैथोलिथ (Batholith) एक अंतर्वेधी आग्नेय चट्टान (Intrusive Igneous Rock) संरचना है, जो मैग्मा के पृथ्वी की गहराई में ही बहुत बड़े गुंबद के आकार में ठंडा होने से बनती है और ग्रेनाइट चट्टानों का एक विशाल पिंड होती है।
4. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) मुख्य रूप से परतों या संस्तरों (Strata) के रूप में पाई जाती हैं और इनमें प्राचीन जैविक अवशेषों या जीवाश्मों (Fossils) के संरक्षण की संभावना सर्वाधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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