BaalVikas
Menu
Geography
Asked 2 months ago · Viewed 21 times

भारत की मृदा प्रणालियों, उनकी भौगोलिक विशेषताओं और खनिज संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'काली मृदा' (Black Soil), जिसे स्थानीय रूप से रेगुर या ब्लैक कॉटन सॉयल भी कहा जाता है, का निर्माण बेसाल्टिक लावा के अपक्षय से हुआ है और इसमें 'स्मेक्टाइट' खनिज की उच्च उपस्थिति के कारण भीगने पर चिपचिपी होने तथा सूखने पर चौड़ी एवं गहरी दरारें पड़ने का विशिष्ट गुण पाया जाता है।
  2. 2. 'लैटेराइट मृदा' (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में निक्षालन (Leaching) की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप विकसित होती है, जिसमें सिलिका का निक्षालन हो जाता है तथा पृष्ठ पर आयरन और एल्युमिनियम के ऑक्साइड्स शेष बच जाते हैं, जिससे यह ईंट बनाने के लिए अत्यधिक उपयुक्त होती है।
  3. 3. 'लाल और पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का विस्तार मुख्य रूप से दक्कन के पठार के पूर्वी और दक्षिणी भागों में रवेदार आग्नेय चट्टानों पर पाया जाता है, जहाँ लोहे के प्रसार के कारण यह लाल रंग की और जलयोजन (Hydration) के बाद पीले रंग की दिखाई देती है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 43 प्रतिशत भाग आच्छादित करती है, जो देश के कृषि उत्पादन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन भारत की मृदा प्रणालियों और उनके वितरण के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। 1. काली मृदा का निर्माण दक्कन ट्रैप के बेसाल्टिक लावा के विखंडन से हुआ है; इसमें स्मेक्टाइट खनिज की अधिकता होती है जो जल धारण करने पर फूलती है और सूखने पर सिकुड़कर गहरी दरारें बनाती है। 2. लैटेराइट मृदा का विकास अत्यधिक वर्षा और उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में 'निक्षालन' (Leaching) के कारण होता है, जिसमें घुलनशील तत्व बह जाते हैं और आयरन-एल्युमिनियम के ऑक्साइड्स बच जाते हैं। 3. लाल और पीली मृदा रवेदार आग्неय चट्टानों के अपक्षय से बनती है, जहाँ फेरिक ऑक्साइड की उपस्थिति से लाल और जलयोजन से पीला रंग होता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार जलोढ़ मृदा देश के सबसे बड़े हिस्से (लगभग 43%) पर फैली हुई है।
Share:
अगला प्रश्न → सौर मंडल के ग्रहों, उनकी आंतरिक संरचना, वायुमंडलीय विशेषताओं और खगोलीय… ← पिछला प्रश्न महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के…

Related Questions

→ भारत के अपवाह तंत्र और नदियों के उद्गम, प्रवाह मार्ग तथा उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिंधु नदी तंत्र की प्रमुख सहायक नदी 'सतलुज' तिब्बत में मानसरोवर के निकट राकस ताल से निकलती है और यह एक पूर्ववर्ती (Antecedent) नदी है जो हिमालय की सभी श्रेणियों को काटते हुए शिपकी ला दर्रे से भारत में प्रवेश करती है। 2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ मुख्य रूप से परिपक्व अवस्था में हैं और उनके मार्ग निर्धारित तथा विसर्प-रहित (Non-meandering) हैं, क्योंकि ये प्राचीन पठार की कठोर चट्टानों पर प्रवाहित होती हैं और मौसमी होने के कारण इनमें ग्रीष्मकाल में जल की मात्रा अत्यंत कम हो जाती है। 3. 'ब्रह्मपुत्र नदी' को तिब्बत में 'यांग्त्से संग्पो' के नाम से जाना जाता है और जब यह अरुणाचल प्रदेश में दिहांग गार्ज के माध्यम से प्रवेश करती है, तो असम घाटी में इसमें दिबांग और लोहित नदियाँ आकर मिलती हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी गोदावरी है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है, और इसका उद्गम महाराष्ट्र के नासिक जिले में त्र्यंबकेश्वर से होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भूगर्भीय विशेषताओं और परमाणु खनिजों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत के कुल कोयला भंडारों का लगभग 98 प्रतिशत भाग गोंडवाना क्रम की चट्टानों से प्राप्त होता है, जिसमें मुख्य रूप से बिटुमिनस कोटि का कोयला पाया जाता है, जबकि एन्थ्रेसाइट कोयले का देश में अत्यंत नगण्य भंडार है और यह मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर के रियासी क्षेत्र में मिलता है। 2. 'कालोल' और 'अंकलेश्वर' पेट्रोलियम क्षेत्र खंभात बेसिन (गुजरात) के अंतर्गत स्थलीय (Onshore) तेल क्षेत्र हैं, जबकि कृष्णा-गोदावरी (K-G) बेसिन का अपतटीय क्षेत्र हाल के वर्षों में प्राकृतिक गैस के विशाल भंडारों के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। 3. भारत में 'मोनोसाइट' (Monazite) के विशाल भंडार केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की बालू में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे थोरियम का निष्कर्षण किया जाता है, जबकि 'यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड' (UCIL) द्वारा झारखंड के जादूगोड़ा के अतिरिक्त मेघालय के डोमियथियट क्षेत्र में भी यूरेनियम भंडारों के विकास का कार्य प्रस्तावित है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम मुख्य रूप से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है, जिसमें प्राकृतिक यूरेनियम को ईधन के रूप में और भारी पानी (Heavy Water) को मॉडरेटर के रूप में उपयोग करने वाले दाबित भारी पानी रिएक्टरों (PHWR) की श्रृंखला प्रमुख है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय-देशांतरिय स्थिति और मानक समय रेखा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, तथा इसका देशांतरिय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है, जिसके कारण देश के सबसे पश्चिमी और सबसे पूर्वी छोर के बीच स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का अंतर पाया जाता है। 2. भारत की मानक समय रेखा (82°30' पूर्व देशांतर) देश के कुल पाँच राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है, और यह रेखा छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के पास से गुजरने के साथ-साथ भारतीय मानक समय (IST) निर्धारित करती है जो ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे आगे है। 3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग बीचों-बीच से गुजरती है और यह देश के कुल आठ राज्यों से होकर निकलती है, जिनमें पश्चिम से पूर्व की ओर सही क्रम गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की स्थल सीमा की कुल लंबाई लगभग 15,106.7 किलोमीटर है, जबकि इसकी मुख्य भूमि, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह सहित समुद्र तट की कुल कुल लंबाई 7,516.6 किलोमीटर है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भूगर्भीय विशेषताओं और निष्कर्षण क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत के कुल कोयला भंडारों का लगभग 98 प्रतिशत भाग गोंडवाना क्रम की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से कार्बन की उच्च मात्रा और कम राख (Ash) सामग्री के कारण उच्च कोटि का बिटुमिनस कोयला प्रदान करता है, जबकि टर्शरी कालीन कोयला मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय जैसे उत्तर-पूर्वी राज्यों में मिलता है जो उच्च गंधक (High Sulphur) युक्त होता है। 2. 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) अपतटीय पेट्रोलियम क्षेत्र खंभात बेसिन के अंतर्गत अरब सागर के महाद्वीपीय शेल्फ पर स्थित है, जहाँ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के मुख्य भंडार 'मायोसीन' (Miocene) युग की चूना पत्थर संरचनाओं में संकेंद्रित हैं। 3. भारत में परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों के लिए आवश्यक 'यूरेनियम' का उत्पादन झारखंड के जादूगोड़ा के अतिरिक्त आंध्र प्रदेश के तुम्मलापल्ली क्षेत्र से भी बड़े पैमाने पर किया जाता है, जहाँ डोलोमाइट और कार्बोनेट चट्टानों में यूरेनियम के विशाल भंडार खोजे गए हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में देश का पहला कोयला खनन कार्य वर्ष 1774 में दामोदर घाटी क्षेत्र में रानीगंज (पश्चिम बंगाल) में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में शुरू किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है? → पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.