Geography
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'बेगुला जलधारा' (Benguela Current) एक ठंडी जलधारा है जो अटलांटिक महासागर में अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है, जिसके प्रभाव से कालाहारी मरुस्थल के तاتيय क्षेत्रों में शुष्क परिस्थितियों का निर्माण होता है।
- 2. 'क्यूरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जिसे 'जापान की काली धारा' भी कहा जाता है और यह गल्फ स्ट्रीम के समान उत्तरी गोलार्ध के उच्च अक्षांशों तक उष्णता पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- 3. 'फॉकलैंड जलधारा' (Falkland Current) दक्षिणी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली एक गर्म जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे ब्राजील की गर्म जलधारा से मिलकर 'फाल्कलैंड अभिसरण' का निर्माण करती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय जलधाराओं की दिशा उत्तरी गोलार्ध में कोरियोलिस बल के प्रभाव के कारण घड़ी की सुई की दिशा में (Clockwise) तथा दक्षिणी गोलार्ध में घड़ी की सुई की विपरीत दिशा में (Anti-clockwise) होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: बेगुला जलधारा (Benguela Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली एक प्रमुख ठंडी जलधारा है। यह अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहती है और इसके ठंडे स्वभाव के कारण नामीब तथा कालाहारी मरुस्थल के तटीय क्षेत्रों में वर्षा की कमी और शुष्कता पाई जाती है। कथन 2 सही है: क्यूरोशियो जलधारा (Kuroshio Current) उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर की एक तीव्र और गर्म जलधारा है, जिसे जापान की गर्म धारा भी कहा जाता है। यह अटलांटिक की गल्फ स्ट्रीम के समतुल्य मानी जाती है। कथन 3 गलत है: फॉकलैंड जलधारा (Falkland Current) दक्षिणी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली एक **ठंडी** जलधारा है (न कि गर्म), जो अंटार्कटिका की ओर से उत्तर की ओर दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे बहती है। यह ब्राजील की गर्म जलधारा से मिलकर विश्व के सबसे समृद्ध मत्सयन (Fishing) क्षेत्रों में से एक का निर्माण करती है। कथन 4 सही है: विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी के घूर्णन जनित कोरियोलिस बल के प्रभाव से महासागरीय जलधाराएँ उत्तरी गोलार्ध में दक्षिणावर्त (Clockwise) तथा दक्षिणी गोलार्ध में वामावर्त (Anti-clockwise) चक्र में घूमती हैं। अतः विकल्प (a) सही उत्तर है।
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित…
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की भूगर्भीय विशेषताओं और…
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बेगुला जलधारा' (Benguela Current) एक ठंडी जलधारा है जो अटलांटिक महासागर में दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है, और इसके प्रभाव से कलाहारी मरुस्थल के तटीय क्षेत्रों में शुष्क परिस्थितियों का निर्माण होता है।
2. 'क्यूरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जिसे 'जापान की काली धारा' भी कहा जाता है, और यह मेक्सिको की खाड़ी की जलधारा के समान उच्च अक्षांशों की ओर ऊष्मा का परिवहन करती है।
3. 'फाकलैंड जलधारा' (Falkland Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर में बहने वाली एक गर्म जलधारा है, जो ब्राजील की गर्म जलधारा के साथ मिलकर रियो डी ला प्लाटा के पास अत्यधिक घने कोहरे और विश्व के सबसे बड़े मरुस्थलों का निर्माण करती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय जलधाराओं की दिशा उत्तरी गोलार्ध में कोरिऑलिस बल के कारण घड़ी की सुई की दिशा में (Clockwise) और दक्षिणी गोलार्ध में घड़ी की सुई के विपरीत दिशा में (Counter-clockwise) होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भूगर्भीय विशेषताओं और निष्कर्षण क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के कुल कोयला भंडारों का लगभग 98 प्रतिशत भाग गोंडवाना क्रम की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से कार्बन की उच्च मात्रा और कम राख (Ash) सामग्री के कारण उच्च कोटि का बिटुमिनस कोयला प्रदान करता है, जबकि टर्शरी कालीन कोयला मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय जैसे उत्तर-पूर्वी राज्यों में मिलता है जो उच्च गंधक (High Sulphur) युक्त होता है।
2. 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) अपतटीय पेट्रोलियम क्षेत्र खंभात बेसिन के अंतर्गत अरब सागर के महाद्वीपीय शेल्फ पर स्थित है, जहाँ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के मुख्य भंडार 'मायोसीन' (Miocene) युग की चूना पत्थर संरचनाओं में संकेंद्रित हैं।
3. भारत में परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों के लिए आवश्यक 'यूरेनियम' का उत्पादन झारखंड के जादूगोड़ा के अतिरिक्त आंध्र प्रदेश के तुम्मलापल्ली क्षेत्र से भी बड़े पैमाने पर किया जाता है, जहाँ डोलोमाइट और कार्बोनेट चट्टानों में यूरेनियम के विशाल भंडार खोजे गए हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में देश का पहला कोयला खनन कार्य वर्ष 1774 में दामोदर घाटी क्षेत्र में रानीगंज (पश्चिम बंगाल) में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में शुरू किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों—पर्वतों, पठारों, मैदानों और मरुस्थलों की उत्पत्ति एवं उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अल्पाइन पर्वतमाला' के अंतर्गत शामिल रॉकीज़, एंडीज, आल्प्स और हिमालय सभी नवीन वलित पर्वत हैं, जिनका निर्माण टर्शरी कल्प में प्लेट विवर्तनिकी के अभिसरण के फलस्वरूप हुआ है।
2. 'डेक्कन ट्रैप' (दक्कन का पठार) और 'कोलंबिया का पठार' दोनों ही लावा पठार (Volcanic/Lava Plateaus) के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिनका निर्माण दरारी उद्भेदन से निकले बेसॉल्टिक लावा के संचयन से हुआ है।
3. 'अटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका में एंडीज पर्वतमाला के पश्चिमी तट पर स्थित एक उष्णकटिबंधीय मरुस्थल है, जिसके अत्यधिक शुष्क होने का प्रमुख कारण पेरू (हम्बोल्ट) ठंडी महासागरीय धारा का प्रभाव तथा एंडीज पर्वत के कारण उत्पन्न वृष्टिछाया स्थिति है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार विश्व का सबसे बड़ा मरुस्थल 'अंटार्कटिक मरुस्थल' है, जो एक शीत मरुस्थल (Cold Desert) श्रेणी के अंतर्गत आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं और उनके जल-प्रवाह तंत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि उन्हें जल वर्षा के अतिरिक्त हिमनदों (Glaciers) के पिघलने से भी प्राप्त होता है, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ अनित्य (Seasonal) या मानसूनी होती हैं जो केवल वर्षा पर निर्भर करती हैं।
2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ पुराने पठार पर अपने आधार तल (Base Level) को प्राप्त कर चुकी हैं और परिपक्व अवस्था में होने के कारण विसर्पण (Meandering) जैसी स्थलाकृतियाँ बहुत कम बनाती हैं, जबकि उत्तर भारत के मैदानों में बहने वाली हिमालयी नदियाँ अपने युवा चरण में अत्यधिक विसर्पण और मार्ग परिवर्तन के लिए जानी जाती हैं।
3. 'नर्मदा' और 'तापी' नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार की अधिकांश अन्य नदियों के विपरीत पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरने के बजाय भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होते हुए पश्चिम की ओर प्रवाहित होती हैं और अरब सागर में ज्वारनदमुख (Estuary) का निर्माण करती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी गोदावरी है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है, जिसका उद्गम महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर (नासिक) से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
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पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
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