BaalVikas
Menu
Geography
Asked 2 months ago · Viewed 18 times

पृथ्वी की वायुमंडलीय पवन प्रणालियों, वायुदाब पेटियों और चक्रवातों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'रोरिंग फोर्टिज़' (Roaring Forties), 'फ्यूरियस फिफ्टीज़' (Furious Fifties) और 'श्रीकिंग सिक्सटीज़' (Shrieking Sixties) दक्षिणी गोलार्ध के उन अक्षांशों में तीव्र गति से बहने वाली पश्चिमी पवनें हैं, जहाँ विशाल महासागरीय विस्तार के कारण कोई बड़ा भू-भाग इनके मार्ग में अवरोध उत्पन्न नहीं करता।
  2. 2. 'रोज़बी तरंगें' (Rossby Waves) क्षोभमंडल के ऊपरी स्तरों में बहने वाली लंबी तरंगें हैं, जो जेट स्ट्रीम के मार्ग में उत्तर और दक्षिण की ओर बड़े वक्र बनाती हैं और मध्य अक्षांशों में मौसम के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करती हैं।
  3. 3. शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Temperate Cyclones) की उत्पत्ति मुख्य रूप से 'वाताग्रजनन' (Frontogenesis) की प्रक्रिया द्वारा होती है, जहाँ उष्ण और शीत वायुराशियाँ आपस मिलती हैं, और ये चक्रवात केवल महासागरीय सतह तक सीमित न होकर स्थलीय भागों पर भी सक्रिय रहते हैं।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) को उत्तरी गोलार्ध में 'टाइफून' (Typhoon) और दक्षिणी गोलार्ध में 'हरिकेन' (Hurricane) के नाम से जाना जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: दक्षिणी गोलार्ध में 40°, 50° और 60° दक्षिण अक्षांशों के पास भूमि की अनुपस्थिति के कारण पछुआ पवनें बहुत तीव्र गति से चलती हैं, जिन्हें क्रमशः रोरिंग फोर्टिज़, फ्यूरियस फिफ्टीज़ और श्रीकिंग सिक्सटीज़ कहा जाता है। कथन 2 सही है: रोज़बी तरंगें क्षोभमंडल और समताप मंडल की ऊपरी परतों में जेट स्ट्रीम के भीतर पाई जाने वाली विशाल वायुमंडलीय तरंगें हैं जो मौसम के स्वरूप को निर्धारित करती हैं। कथन 3 सही है: शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों का निर्माण वाताग्रों (Fronts) के सहारे होता है और ये थल तथा जल दोनों भागों पर विकसित हो सकते हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को अटलांटिक महासागर में 'हरिकेन', प्रशांत महासागर (विशेषकर एशिया के तटों पर) में 'टाइफून' तथा हिंद महासागर में 'साइक्लोन' कहा जाता है; इन्हें दक्षिणी गोलार्ध में हरिकेन नहीं कहा जाता। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार चक्रवातों की यह गतिशीलता वायुदाब और तापमान पर निर्भर करती है।
Share:
अगला प्रश्न → पृथ्वी के वायुमंडल के संगठन, विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों के… ← पिछला प्रश्न भारतीय जलवायु और दक्षिण-पश्चिमी मानसून की क्रियाविधि के…

Related Questions

→ भारत में कृषि पद्धतियों, बहु-फसल प्रणाली और विविध सिंचाई विधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'श्री पद्धति' (System of Rice Intensification - SRI), जो मूल रूप से मेडागास्कर में विकसित हुई थी, धान की पारंपरिक रोपाई विधि की तुलना में कम जल का उपयोग करती है और इसमें पौधों के बीच की दूरी अधिक तथा युवा सीडलिंग्स का उपयोग किया जाता है। 2. देश में 'सकल सिंचित क्षेत्र' (Gross Irrigated Area) के अंतर्गत सबसे बड़ा हिस्सा कुओं और नलकूपों (Wells and Tube wells) का है, जिसके बाद दूसरा प्रमुख स्थान नहरों (Canals) का आता है। 3. 'जीरो टिलेज' (Zero Tillage) या शून्य जुताई कृषि तकनीक मृदा के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक है, क्योंकि इसमें पिछली फसल के अवशेषों को जलाए बिना या खेत को जोते बिना सीधे ही नई फसल की बुवाई की जाती है, जिससे मृदा की नमी संरक्षित रहती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2015 में शुरू की गई 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचन योजना' (PMKSY) के 'हर खेत को पानी' घटक का मुख्य उद्देश्य भूजल स्तर को कृत्रिम रूप से नीचे गिराना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → पृथ्वी के वायुमंडल के तापीय संस्तरण (Thermal Stratification), गैसों के समदैशिक वितरण तथा वैश्विक वायुदाब पेटियों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समताप मंडल (Stratosphere) के भीतर स्थित 'ओजोनोस्फीयर' में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में तीव्र वृद्धि होती है, जिसका प्रमुख कारण ओजोन अणुओं द्वारा सौर पराबैंगनी (UV) विकिरणों का अवشोषित किया जाना है। 2. आयनमंडल के अंतर्गत आने वाली 'ई-परत' (E-layer) या 'केनेली-हेविसाइड परत' (Kennelly-Heaviside layer) मध्यम और उच्च आवृत्ति की रेडियो तरंगों को पृथ्वी की सतह पर वापस परावर्तित करती है, जिससे लंबी दूरी के बेतार संचार संभव होते हैं। 3. ध्रुवीय उच्च वायुदाब पेटियाँ (Polar High-Pressure Belts) पूरी तरह से गत्यात्मक कारणों (Dynamic Factors) का परिणाम हैं, जहाँ पृथ्वी के अत्यधिक घूर्णन बल के कारण हवाएँ विक्षेपित होकर ऊपर उठ जाती हैं और ध्रुवों पर उच्च दाब बनता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार क्षोभमंडल में ऊँचाई में प्रति 165 मीटर की वृद्धि होने पर तापमान में 1°C की दर से गिरावट आती है, जिसे 'सामान्य ह्रास दर' (Normal Lapse Rate) कहा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक गलियारों और परिवहन अवसंरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारा' (AKIC) परियोजना पूर्वी समर्पित मालवहन गलियारे (Eastern DFC) के समानांतर विकसित की जा रही है, जो पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों से होकर गुजरती है। 2. 'राष्ट्रीय जलमार्ग-2' (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के मध्य स्थित है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 891 किलोमीटर है और यह पूर्वोत्तर भारत में अंतर्देशीय जल परिवहन का मुख्य मार्ग है। 3. भारत में स्वतंत्रता के पश्चात् सार्वजनिक क्षेत्र में स्थापित पहला वृहद इस्पात कारखाना 'भिलाई इस्पात संयंत्र' था, जिसे द्वितीय पंचवर्षीय योजना के दौरान सोवियत संघ (USSR) के सहयोग से छत्तीसगढ़ में स्थापित किया गया था। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग 'राष्ट्रीय राजमार्ग 44' (NH 44) है, जो उत्तर में श्रीनगर से शुरू होकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक लगभग 3,745 किलोमीटर की दूरी तय करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों—पर्वतों, पठारों और मरुस्थलों की उत्पत्ति एवं उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'अल्पाइन पर्वतमाला' (Alpine Mountain System) के अंतर्गत शामिल रॉकीज़, एंडीज, आल्प्स और हिमालय सभी नवीन वलित पर्वत (Young Fold Mountains) हैं, जिनका निर्माण टर्शरी कल्प में प्लेट विवर्तनिकी के अभिसरण के फलस्वरूप हुआ है। 2. 'तिब्बत का पठार' और 'कोलोरैडो का पठार' दोनों ही अंतरापर्वतीय पठार (Intermontane Plateaus) के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो चारों ओर से ऊँची पर्वत श्रेणियों से घिरे होते हैं। 3. 'तकला मकान मरुस्थल' (Taklamakan Desert) मध्य एशिया के तारिम बेसिन में स्थित एक शीत मरुस्थल है, जिसके शुष्क होने का मुख्य कारण विशाल यूरेशियन महाद्वीप के आंतरिक भाग में अवस्थित होना और चारों तरफ उच्च पर्वतों द्वारा मानसूनी हवाओं से घिरे रहना यानी वृष्टिछाया क्षेत्र होना है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार विश्व का सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय मरुस्थल सहारा मरुस्थल है, जो उत्तरी अफ्रीका में फैला हुआ है और इसका निर्माण मुख्य रूप से उपोष्णकटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटी (अश्व अक्षांश) के स्थायी अवतलन (Subsidence) तथा व्यापारिक पवनों के प्रभाव के कारण हुआ है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है? → पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.