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Geography
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भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक गलियारों और परिवहन अवसंरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारा' (AKIC) परियोजना पूर्वी समर्पित मालवहन गलियारे (Eastern DFC) के समानांतर विकसित की जा रही है, जो पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों से होकर गुजरती है।
- 2. 'राष्ट्रीय जलमार्ग-2' (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के मध्य स्थित है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 891 किलोमीटर है और यह पूर्वोत्तर भारत में अंतर्देशीय जल परिवहन का मुख्य मार्ग है।
- 3. भारत में स्वतंत्रता के पश्चात् सार्वजनिक क्षेत्र में स्थापित पहला वृहद इस्पात कारखाना 'भिलाई इस्पात संयंत्र' था, जिसे द्वितीय पंचवर्षीय योजना के दौरान सोवियत संघ (USSR) के सहयोग से छत्तीसगढ़ में स्थापित किया गया था।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग 'राष्ट्रीय राजमार्ग 44' (NH 44) है, जो उत्तर में श्रीनगर से शुरू होकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक लगभग 3,745 किलोमीटर की दूरी तय करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारा (AKIC) पूर्वी DFC के प्रभाव क्षेत्र में है। राष्ट्रीय जलमार्ग-2 ब्रह्मपुत्र नदी (सदिया-धुबरी) पर स्थित है। भिलाई इस्पात संयंत्र सोवियत संघ के सहयोग से छत्तीसगढ़ में स्थापित देश के शुरुआती सार्वजनिक इस्पात संयंत्रों में प्रमुख है (यद्यपि राउरकेला, भिलाई और दुर्गापुर तीनों द्वितीय पंचवर्षीय योजना में आए, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के रूप में टिस्को के बाद सरकारी उपक्रमों की श्रृंखला में इसका विशेष स्थान है)। साथ ही, NH 44 भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार देश में सड़क और जलमार्ग परिवहन आर्थिक एकीकरण की रीढ़ हैं।
Related Questions
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पवन प्रणालियों, वायुमंडलीय आर्द्रता और चक्रवातों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जेट स्ट्रीम' (Jet Streams) ऊपरी क्षोभमंडल में तीव्र गति से बहने वाली भू-विक्षेपी (Geostrophic) पवनें हैं, जिनका संचरण सामान्यतः पश्चिम से पूर्व की ओर होता है और ये भारतीय मानसून तथा शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों के मार्ग को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
2. 'ओस' (Dew) के निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि ओस बिंदु (Dew Point) का तापमान 0°C से नीचे हो, ताकि जलवाष्प सीधे बर्फ के सूक्ष्म कणों (पाले) में परिवर्तित हो सके और द्रव रूप में पानी का संक्षेपण न हो।
3. 'एंटीसाइक्लोन' (Anticyclone) या प्रतिचक्रवात में वायुदाब का वितरण केंद्र से बाहर की ओर उच्च से निम्न होता है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तरी गोलार्ध में प्रतिचक्रवात की पवनें घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में बाहर की ओर प्रवाहित होती हैं।
4. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे कि कैरिबियन सागर में इन्हें 'हुरिकेन' (Hurricanes), फिलीपींस में 'टाइफून' (Typhoons) और ऑस्ट्रेलिया में 'विली-विलीज' (Willy-Willies) कहा जाता है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय और देशांतरीय अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तरी अक्षांशों के बीच है, और विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कर्क रेखा (23°30' उत्तरी अक्षांश) देश को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है, जो कुल 8 राज्यों से होकर गुजरती है।
2. देश का देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व के मध्य है, जिसके कारण अरुणाचल प्रदेश और गुजरात के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का सैद्धांतिक अंतराल पाया जाता है, जबकि देश का मानक समय 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा से निर्धारित होता है जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से गुजरती है।
3. भारत के उत्तर-दक्षिण विस्तार (लगभग 3,214 किमी) की तुलना में पूर्व-पश्चिम विस्तार (लगभग 2,933 किमी) कम होने के बावजूद, दोनों छोरों के देशांतरों में 30 डिग्री से अधिक का अंतर होने के कारण भारत में प्रशासनिक रूप से दो अलग-अलग समय कटिबंधों (Time Zones) को आधिकारिक मान्यता प्राप्त है।
4. भारत की स्थलीय सीमा की कुल लंबाई लगभग 15,200 किमी है, तथा इसकी मुख्य भूमि और द्वीपों (अंडमान-निकोबार व लक्षद्वीप) की तटरेखा की कुल लंबाई को मिलाने पर समुद्र तट की कुल लंबाई लगभग 7,516.6 किमी हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा (मिट्टी) के प्रकार, उनकी रासायनिक विशेषताओं और उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काली मृदा' (Regur Soil) का रंग काला टाइटैनिफेरस मैग्नेटाइट और ह्यूमस की उपस्थिति के कारण होता है, तथा इसमें लोहे, चूने, मैग्नीशियम और एल्यूमीनियम की अधिकता होती है, किंतु नाइट्रोजन, फास्फोरस और जैविक पदार्थों की कमी पाई जाती है।
2. 'लैटेराइट मृदा' उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बनती है, जिसमें सिलिका का निक्षालन हो जाता है और सतह पर आयरन तथा एल्यूमीनियम के ऑक्साइड शेष बचते हैं, जिससे यह ईंट बनाने के लिए अत्यंत उपयुक्त होती है।
3. 'लाल और पीली मृदा' का लाल रंग क्रिस्टलीय आग्नेय चट्टानों में लौह ऑक्साइड के व्यापक विसरण (Diffusion) के कारण होता है, और जब यह जलयोजित (Hydrated) रूप में होती है, तो इसका रंग पीला दिखाई देता है।
4. 'क्षारीय या कलर मृदा' मुख्य रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों तथा नहरों द्वारा अत्यधिक सिंचित क्षेत्रों में जलभराव और केशिका क्रिया (Capillary action) के कारण बनती है, जिसमें सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवण सतह पर जमा हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पवन प्रणालियों, वायुमंडलीय परिसंचरण और चक्रवातों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रोस्सी तरंगें (Rossby Waves) पृथ्वी के क्षोभमंडल और समताप मंडल में प्रवाहित होने वाली लंबी वायुमंडलीय तरंगें हैं, जो जेट स्ट्रीम के घुमावदार मार्ग और उपोष्णकटिबंधीय उच्च एवं ध्रुवीय निम्न वायुदाब प्रणालियों के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाती हैं।
2. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान न्यूनतम 26.5°C होना आवश्यक है, क्योंकि यह तापमान चक्रवात के केंद्र में तीव्र वाष्पीकरण और संवहनी बादलों (Cumulonimbus Clouds) के निर्माण के लिए प्रचुर मात्रा में गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) प्रदान करता है।
3. कोरिऑलिस बल (Coriolis Force) भूमध्य रेखा पर अधिकतम होता है क्योंकि यहाँ पृथ्वी के घूर्णन की रेखीय गति सबसे अधिक होती है, जिसके कारण विषुवत वृत्त के ठीक ऊपर चक्रवातों का निर्माण सबसे अधिक संख्या में होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) मुख्य रूप से पछुआ हवाओं और ध्रुवीय पूर्ववर्ती हवाओं के मिलने से बनने वाली ध्रुवीय अग्रता (Polar Front) के सहारे उत्पन्न होते हैं, जो पूर्व से पश्चिम की ओर गति करते हुए व्यापक और लगातार वर्षा लाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विश्व की प्रमुख नदियों और उनके तटों पर स्थित नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. राइन नदी (Rhine River) - बॉन (Bonn) और रॉटरडम (Rotterdam)
2. रौन नदी (Rhone River) - ल्योन (Lyon) और पेरिस (Paris)
3. एल्बे नदी (Elbe River) - हैम्बर्ग (Hamburg) और ड्रेसडेन (Dresden)
4. सीन नदी (Seine River) - मार्सिले (Marseille) और ल्योन (Lyon)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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