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Geography
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत में कुल शुद्ध सिंचित क्षेत्र (Net Irrigated Area) में नलकूपों (Tube wells) और अन्य कुओं का हिस्सा सर्वाधिक लगभग 60% से अधिक है, जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य नलकूप सिंचाई द्वारा सिंचित क्षेत्रफल में देश में प्रथम स्थान पर है।
  2. 2. 'शून्य बजट प्राकृतिक खेती' (Zero Budget Natural Farming - ZBNF) रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के पूर्ण बहिष्कार पर बल देती है, जिसमें 'जीवामृत' और 'बीजामृत' जैसे स्थानीय रूप से तैयार जैविक आčajों का उपयोग मिट्टी की सूक्ष्मजीव गतिविधि को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
  3. 3. भारत में 'धान' (Rice) की खेती मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु में की जाती है, जिसके लिए कम से कम 100 सेमी वार्षिक वर्षा और उच्च तापमान की आवश्यकता होती है, और पश्चिम बंगाल राज्य इसका सबसे बड़ा उत्पादक है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत के योजना आयोग (अब नीति आयोग) द्वारा देश को कुल 15 प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो कृषि पद्धतियों और फसल प्रतिरूप के निर्धारण का आधार हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारत में सिंचाई के प्रमुख साधनों में भूजल (नलकूप और कुएं) का योगदान सबसे अधिक है, जिससे लगभग 60% से अधिक भूमि सिंचित होती है और उत्तर प्रदेश इसमें शीर्ष पर है। शून्य बजट प्राकृतिक खेती (ZBNF) रसायन-मुक्त कृषि पद्धति है जो जीवमृत और बीजामृत के प्रयोग पर आधारित है। धान भारत की प्रमुख खरीफ फसल है जिसके लिए उच्च तापमान और 100 सेमी से अधिक वर्षा की आवश्यकता होती है, और पश्चिम बंगाल इसका शीर्ष उत्पादक है। योजना आयोग द्वारा भारत को 15 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय कृषि व्यवस्था देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा का मुख्य आधार है।
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